मिलावटी चाय पर कसेगा शिकंजा, ‘टी मार्क’ सर्टिफिकेशन योजना शुरू करेगी सरकार… जानें इसके फायदे
इस योजना का मुख्य उद्देश्य बाजार में मिलने वाली चाय की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है. इसके जरिए चाय में मिलावट, घटिया क्वालिटी की चाय मिलाने और गलत जानकारी देकर बेचने जैसी समस्याओं को कम करने की कोशिश की जाएगी. सरकार चाहती है कि उपभोक्ताओं को यह भरोसा मिले कि वे जो चाय खरीद रहे हैं, वह सही गुणवत्ता की है और उसकी जानकारी भी सही है.
India tea mark scheme: भारत में चाय सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है. ऐसे में अब सरकार ने चाय की गुणवत्ता और भरोसे को और मजबूत बनाने के लिए एक नई पहल शुरू की है. चाय बोर्ड (Tea Board) जल्द ही “टी मार्क” नाम से एक नई गुणवत्ता प्रमाणन योजना लागू करने जा रहा है, जिसे मई 2026 के आसपास शुरू किया जा सकता है.
क्या है ‘टी मार्क’ योजना?
“टी मार्क” एक तरह का गुणवत्ता प्रमाणन होगा, जो यह बताएगा कि संबंधित चाय को तय मानकों के अनुसार जांचा और परखा गया है. इसका मतलब यह है कि जिस चाय के पैकेट पर यह मार्क होगा, वह गुणवत्ता और सुरक्षा के नियमों पर खरी उतरी है.
यह योजना पूरी तरह से स्वैच्छिक यानी वैकल्पिक होगी. इसका फायदा वही चाय निर्माता उठा सकेंगे, जो Tea (Marketing) Control Order, 2003 के तहत पंजीकृत हैं.
मिलावट और गलत जानकारी पर लगेगी रोक
इस योजना का मुख्य उद्देश्य बाजार में मिलने वाली चाय की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है. इसके जरिए चाय में मिलावट, घटिया क्वालिटी की चाय मिलाने और गलत जानकारी देकर बेचने जैसी समस्याओं को कम करने की कोशिश की जाएगी. सरकार चाहती है कि उपभोक्ताओं को यह भरोसा मिले कि वे जो चाय खरीद रहे हैं, वह सही गुणवत्ता की है और उसकी जानकारी भी सही है.
डिजिटल ट्रैकिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता
“टी मार्क” योजना की खास बात यह है कि इसमें डिजिटल ट्रेसबिलिटी यानी सप्लाई चेन की पूरी जानकारी को ट्रैक किया जाएगा. इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि चाय कहां से आई, कैसे प्रोसेस हुई और किन-किन चरणों से गुजरकर बाजार तक पहुंची. इसके लिए मान्यता प्राप्त लैब में चाय की जांच की जाएगी. अगर कोई कंपनी इस मार्क का गलत इस्तेमाल करती है या गलत जानकारी देती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी.
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की भी तैयारी
चाय बोर्ड इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी तैयार कर सकता है. इसका मकसद यह होगा कि टी मार्क वाली प्रमाणित चाय को आसानी से ऑनलाइन बेचा जा सके और उपभोक्ताओं तक सीधे पहुंचाया जा सके.
भारत में चाय का बड़ा बाजार
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय उत्पादक देश है और काली चाय (ब्लैक टी) का सबसे बड़ा उत्पादक भी है. देश में चाय की खपत भी काफी ज्यादा है. 2023 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में करीब 1197 मिलियन किलोग्राम चाय की खपत हुई थी. प्रति व्यक्ति औसत खपत करीब 840 ग्राम सालाना है. ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा करीब 797 ग्राम है, जबकि शहरी इलाकों में यह बढ़कर 925 ग्राम तक पहुंच जाता है.
क्यों जरूरी है यह पहल?
आज के समय में जब बाजार में कई तरह की चाय उपलब्ध है, तब गुणवत्ता और भरोसे का मुद्दा बेहद अहम हो गया है. “टी मार्क” जैसी पहल से न केवल उपभोक्ताओं को बेहतर उत्पाद मिलेगा, बल्कि चाय उद्योग को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने का मौका मिलेगा.