Mango Export 2026: भारतीय आमों का स्वाद सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी लोगों को खूब पसंद आ रहा है. यही वजह है कि इस साल आम के सीजन में भारतीय आमों की मांग दुनिया के कई देशों में तेजी से बढ़ी है. एयर इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक मार्च से मई 2026 के बीच एयरलाइन ने अपने वैश्विक नेटवर्क के जरिए 1000 टन से ज्यादा भारतीय आम विदेशों तक पहुंचाए हैं.
दिलचस्प बात यह है कि इस दौरान एयर इंडिया ने कुल 3300 टन से ज्यादा ताजे फल और सब्जियां विदेश भेजीं, जिनमें लगभग एक-तिहाई हिस्सा सिर्फ आमों का रहा. यह आंकड़ा दिखाता है कि विदेशी बाजारों में भारतीय आमों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है.
अल्फांसो और केसर आम की सबसे ज्यादा मांग
एयर इंडिया के मुताबिक, विदेशों में सबसे ज्यादा मांग अल्फांसो और केसर आम की रही है. महाराष्ट्र और गुजरात में उगाई जाने वाली ये दोनों किस्में अपने बेहतरीन स्वाद, खुशबू और क्वालिटी के लिए जानी जाती हैं. यही वजह है कि दुनिया के कई देशों में लोग इन आमों का बेसब्री से इंतजार करते हैं. यूरोप, उत्तर अमेरिका, पश्चिम एशिया और कई अन्य देशों में भारतीय आमों की अच्छी मांग देखने को मिल रही है. खासकर विदेशों में रहने वाले भारतीय गर्मियों के मौसम में अल्फांसो और केसर आम का स्वाद चखने के लिए उत्साहित रहते हैं.
मार्च से मई तक लगातार बढ़ी खेप
द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, आम के सीजन के दौरान फलों और सब्जियों के निर्यात में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली. एयर इंडिया ने मार्च में 805 टन फल और सब्जियां अलग-अलग देशों तक पहुंचाईं. अप्रैल में आम की फसल अपने चरम पर पहुंची तो यह आंकड़ा बढ़कर 1275 टन हो गया. मई महीने में भी मांग बनी रही और एयरलाइन ने 1233 टन ताजा कृषि उत्पादों की ढुलाई की. इनमें आम का हिस्सा सबसे अधिक रहा.
आम निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र बना मुंबई
भारतीय आमों के निर्यात में मुंबई सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है. इसकी वजह महाराष्ट्र और गुजरात जैसे प्रमुख आम उत्पादक राज्यों के नजदीक होना है. पीक सीजन के दौरान एयर इंडिया हर सप्ताह मुंबई से लंदन हीथ्रो एयरपोर्ट तक करीब 180 टन आम पहुंचा रही थी. इसके अलावा फ्रैंकफर्ट को हर सप्ताह लगभग 40 टन आम भेजे गए. वहीं दुबई, नेवार्क और न्यूयॉर्क के जेएफके एयरपोर्ट तक हर सप्ताह करीब 30-30 टन आम की खेप पहुंचाई गई.
आम की क्वालिटी बनाए रखने के लिए खास व्यवस्था
आम जैसे फल जल्दी खराब हो सकते हैं, इसलिए उन्हें विदेशों तक पहुंचाने के लिए खास इंतजाम किए जाते हैं. फल को खेतों और मंडियों से एयरपोर्ट तक ठंडे माहौल वाले ट्रकों में लाया जाता है, ताकि उनकी ताजगी बनी रहे. एयरपोर्ट पर भी आमों को विशेष कोल्ड स्टोरेज में रखा जाता है और विमान में लोडिंग के दौरान तापमान का पूरा ध्यान रखा जाता है. इससे आम की गुणवत्ता और स्वाद पर असर नहीं पड़ता.
एयर इंडिया ने इस काम के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, लंदन, फ्रैंकफर्ट, न्यूयॉर्क और नेवार्क समेत 14 एयरपोर्ट पर तापमान नियंत्रित सुविधाएं विकसित की हैं. इन व्यवस्थाओं की मदद से ताजा भारतीय आम विदेशों तक पहुंच रहे हैं.
विदेशों में क्यों बढ़ रही भारतीय आमों की मांग?
भारतीय आम अपने खास स्वाद, मिठास और खुशबू के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं. यही वजह है कि विदेशों में रहने वाले लोग हर साल आम के सीजन का बेसब्री से इंतजार करते हैं. गर्मियों के मौसम में भारतीय आम कई देशों में लोगों की पहली पसंद बन जाते हैं. खासकर भारतीय समुदाय के बीच इनकी मांग काफी ज्यादा रहती है. बढ़ती मांग का फायदा किसानों और कारोबारियों दोनों को मिल रहा है. आमों का निर्यात बढ़ने से किसानों को नए बाजार मिल रहे हैं और उनकी कमाई बढ़ने की उम्मीद भी मजबूत हो रही है.
किसानों के लिए अच्छी खबर
विदेशों में भारतीय आमों की बढ़ती मांग किसानों के लिए अच्छी खबर है. इससे आम उगाने वाले किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बड़े बाजार मिल रहे हैं और बेहतर दाम मिलने की उम्मीद भी बढ़ रही है. अगर आने वाले समय में आमों का निर्यात और बढ़ता है, तो इसका सीधा फायदा किसानों, बागवानों और पूरे कृषि क्षेत्र को मिलेगा. निर्यात बढ़ने से किसानों की आमदनी बढ़ सकती है और भारतीय आमों की पहचान दुनिया के नए बाजारों तक पहुंच सकती है.