जयपुर की मुहाना मंडी में आमों की किल्लत, इस दिन से शुरू होगी दशहरी- लंगड़ा की सप्लाई
राजस्थान की मंडियों में आम की आवक धीमी होने से कीमतें बढ़ी हुई हैं. मुहाना मंडी में सीमित किस्में उपलब्ध हैं. मौसम खराब होने से सप्लाई प्रभावित हुई है. अभी केसर आम थोक में 80 से 100 रुपये प्रति किलो और खुदरा में करीब 120 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है.
Rajasthan News: राजस्थान की मंडियों में आम की आवक बहुत धीमी है. इससे मार्केट में आम महंगे बिक रहे हैं. खासकर जयपुर की मुहाना मंडी में सीमित मात्रा में और कुछ ही किस्म के आम आ रहे हैं. ऐसे में ग्राहकों को अपनी-अपनी पसंद का आम मार्केट में नहीं मिल रहा है. व्यापारियों के अनुसार, प्रमुख उत्पादन राज्यों में अनियमित मौसम के कारण आम की आवक देरी से हो रही है. हालांकि, 15 मई के बाद से सभी किस्मों के आमों की आवक होने की उम्मीद है. यानी 15 मई के बाद से आवक बढ़ने पर कीमतों में भी गिरावट आएगी.
फिलहाल मुहाना मंडी में सिर्फ सफेदा, केसर और थोड़ी मात्रा में तोतापुरी आम ही मिल रहे हैं. थोक फल मंडी में सफेदा सबसे ज्यादा बिकने वाली किस्म बनी हुई है. एक व्यापारी अनवर अली ने ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ से कहा कि थोक में सफेदा 40 से 60 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जबकि खुदरा बाजार में इसकी कीमत 80 से 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच रही है.
अल्फांसो आम की सीमित मात्रा में आवक
वहीं, महाराष्ट्र से प्रीमियम अल्फांसो आम की सीमित मात्रा में आवक शुरू हो गई है. व्यापारियों के अनुसार, अभी थोक बाजार में इसकी कीमत 100 से 150 रुपये प्रति किलो है, जबकि खुदरा बाजार में यह 200 से 250 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है. आने वाले हफ्ते में महाराष्ट्र के रत्नागिरी और गुजरात से अल्फांसो की आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद है.
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मार्केट में क्या है केसर का रेट
इसके साथ ही गुजरात के केसर आम भी बाजार में उपलब्ध हैं. व्यापारी रमजीलाल चौधरी के मुताबिक, केसर आम थोक में 80 से 100 रुपये प्रति किलो और खुदरा में करीब 120 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है. व्यापारियों के अनुसार, इस बार आम की आवक में देरी खराब मौसम की वजह से हुई है. गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में धूल भरी आंधी, ओलावृष्टि और बारिश के कारण फसल की कटाई और परिवहन दोनों प्रभावित हुए हैं.
कब होगी लंगड़ा आम की आवक
थोक व्यापारी मोहित नारंग ने कहा कि अब धीरे-धीरे ज्यादा लोकप्रिय किस्में बाजार में आने वाली हैं. फिलहाल गुजरात से दशहरी आम आ रहा है. वहीं उत्तर प्रदेश की दशहरी और लंगड़ा किस्म 15 मई के बाद आने लगेगी. उम्मीद है कि 20 मई तक लगभग सभी प्रमुख किस्में बाजार में उपलब्ध हो जाएंगी. गुणवत्ता को लेकर व्यापारियों का कहना है कि तापमान बढ़ने से आम का स्वाद बेहतर हो रहा है. प्राशांत सम्तानी के मुताबिक, लू और गर्मी की स्थिति में आम ज्यादा मीठे बनते हैं, खासकर सफेदा किस्म में इसका असर ज्यादा देखने को मिलता है.
बाजार में कीमतें अभी भी ज्यादा
हालांकि ग्राहक अभी ज्यादा विकल्प और कम दाम का इंतजार कर रहे हैं. रमेश शर्मा ने कहा कि खुदरा बाजार में कीमतें अभी भी ज्यादा हैं और सिर्फ कुछ ही किस्में उपलब्ध हैं. लोग अब दशहरी और लंगड़ा आम का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इनकी आवक के साथ आमतौर पर दाम भी बेहतर हो जाते हैं. जैसे-जैसे गर्मी अपने चरम पर पहुंचेगी, व्यापारियों को उम्मीद है कि अगले दो हफ्तों में आपूर्ति स्थिर हो जाएगी, जिससे कीमतों में राहत मिलेगी और मांग भी बढ़ेगी.