मध्य प्रदेश सरकार ने विधानसभा में मॉनसून सत्र के दौरान अनुपूरक बजट पेश कर दिया है. सरकार ने 7,765.77 करोड़ रुपये का प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया है. कृषि क्षेत्र के लिए 3 हजार करोड़ से अधिक रकम का प्रावधान किया गया है. इसके तहत कपास मिशन और भावांतर योजना के लिए फंड की व्यवस्था की गई है.
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) पेश किया. विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बजट पर चर्चा के लिए समय निर्धारित करते हुए बताया कि 22 जुलाई को सदन में इस पर चर्चा होगी. अनुपूरक बजट के माध्यम से सरकार उन विभागों के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान करती है, जहां स्वीकृत बजट से अधिक राशि की जरूरत होती है.
कुल अनुपूरक बजट में 7765 करोड़ फंड की व्यवस्था
मध्य प्रदेश सरकार ने साल 2026-27 के लिए सरकार ने 7,765.77 करोड़ रुपये का प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया है. इसमें 907.59 करोड़ रुपये राजस्व मद और 6,858.18 करोड़ रुपये पूंजीगत कार्यों के लिए रखे गए हैं. इस अनुपूरक बजट का उद्देश्य विभिन्न विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त धन उपलब्ध कराना है. अनुपूरक बजट पर बुधवार को विधानसभा में चर्चा होगी. गौरतलब है कि अनुपूरक बजट तब लाया जाता है जब किसी योजना के लिए पहले से तय राशि के अतिरिक्त फंड की जरूरत होती है.
भावांतर योजना और कपास मिशन के लिए फंड
सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए भावांतर योजना के लिए 313.18 करोड़ रुपये फंड का प्रावधान किया है. यह रकम सरसों, धान समेत अन्य फसलों के लिए लागू की जा रही भावांतर योजना के तहत भुगतान की जाएगी. वहीं, कपास की खेती को बढ़ावा देने के लिए कपास उत्पादन मिशन के लिए 39.51 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. यह रकम कपास बीज उत्पादन, बीज वितरण, फसल कटाई और प्रबंधन समेत किसानों को सब्सिडी के रूप में खर्च किए जाएंगे.
सिंचाई परियोजनाओं पर 3 हजार करोड़ खर्च होंगे
राज्य सरकार ने नर्मदा घाटी विकास विभाग को सिंचाई परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण के लिए 3,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सदन में बदनावर सिंचाई परियोजना पर कहा कि जल प्रबंधन पूरे मध्य प्रदेश का साझा विषय है, इसलिए सरकार इसे राजनीति से ऊपर रखकर समाधान निकालना चाहती है. उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश में पानी, सिंचाई और जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए जल्द ही सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें सभी दलों के जनप्रतिनिधियों से सुझाव लिए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केन-बेतवा लिंक परियोजना समेत कई बड़ी सिंचाई योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है.
उपज खरीद संस्थाओं के लिए 2 हजार करोड़ का बजट
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के तहत उपज खरीद संस्थाओं को ऋण उपलब्ध कराने के लिए 2,220.62 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. लोक निर्माण विभाग को ग्रामीण और जिला सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन, बड़े पुलों के निर्माण, भूमि अधिग्रहण मुआवजा, सड़क सुदृढ़ीकरण और बीओटी परियोजनाओं के भुगतान के लिए 1,300 करोड़ रुपये दिए गए हैं.
लैपटॉप वितरण योजना के लिए 50 करोड़
स्कूल शिक्षा विभाग में मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरण योजना के लिए 58.07 करोड़ रुपये और उच्च शिक्षा विभाग में प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. अन्य विभागों में पर्यटन नीति के क्रियान्वयन के लिए 30 करोड़ रुपये, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के लिए 25 करोड़ रुपये, नगरीय विकास विभाग के तहत पीएम ई-बस सेवा योजना के लिए 21.41 करोड़ रुपये, जल संसाधन विभाग में डिक्रीधन भुगतान के लिए 10 करोड़ रुपये तथा घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियों के छात्रावास एवं छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं के लिए 6.02 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.