महाराष्ट्र सरकार ने किसानों की कर्जमाफी योजना को मंजूरी दी है, लेकिन योजना की शर्तों और नियमों ने इसे सियासी रंग दे दिया है. विपक्षी दलों ने बीते दिनों महाराष्ट्र विधानमंडल परिसर की सीढ़ियों पर देवेंद्र फडणवीस की सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. अब विधायक रोहित पवार फिर से इस योजना में की जा रही हैं किसानों के साथ कथित अन्याय के खिलाफ जेलभरो आंदोलन की चेतावनी दी है. रोहित पवार करीब 10 दिन पहले भूख हड़ताल कर चुके हैं, तब राज्य सरकार के मंत्री के आश्वासन पर उन्होंने हड़ताल खत्म की थी.
70 फीसदी किसानों के साथ अन्याय करने का दावा
महाराष्ट्र सरकार ने बीते 2 जून को राज्य के 56 लाख से अधिक किसानों के कर्ज को माफ करने की मंजूरी दी. इसके तहत किसानों पर बकाया कर्ज 36,585 करोड़ रुपये को लोन माफी स्कीम के तहत स्वीकृति दी गई. लेकिन, कर्जमाफी योजना में लगाई गई शर्तों को लेकर लगातार बखेड़ा खड़ा हो रहा है. महाराष्ट्र में NCP (SP) के विधायक रोहित पवार ने दावा किया कि महाराष्ट्र सरकार की कृषि ऋण माफी योजना कई शर्तों वाली है और इससे राज्य के लगभग 70 प्रतिशत किसानों के साथ अन्याय होगा.
फिर से भूख हड़ताल और आंदोलन की चेतावनी
NCP (SP) विधायक रोहित पवार ने बीड में किसानों से बातचीत के बाद पत्रकारों से बात करते हुए चेतावनी दी कि अगर सरकार ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्ज-मुक्ति योजना’ के बारे में किए गए वादे को पूरा नहीं करती है, तो 29 जून से बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा. इस महीने की शुरुआत में विपक्षी पार्टी के नेता ने राज्य सरकार की योजना से कठोर शर्तों को हटाने की मांग को लेकर सोलापुर जिले के पंढरपुर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की थी. बाद में मुद्दों पर चर्चा के लिए बैठक का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने हड़ताल वापस ले ली.
आदित्य ठाकरे और नाना पटोले ने महाराष्ट्र सरकार को घेरा
शिवसेना (UBT) के विधायक आदित्य ठाकरे, अंबादास दानवे और कांग्रेस के सतेज पाटिल की अगुवाई में प्रदर्शनकारियों ने बीते सोमवार को सरकार के खिलाफ नारे लगाए. उन्होंने मांग की कि किसानों का पूरा लोन माफ हो. कई सख्त शर्तों की वजह से कई योग्य लाभार्थी इससे बाहर हो जाएंगे. कांग्रेस नेता नाना पटोले ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कर्जमाफ करने पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा सरकार कर्जमाफ करेगी?अगर सरकार करेगी तो झूठा करेगी. यह टाइमपास करने वाली सरकार है.
आ. रोहितदादा पवार यांचा उद्याचा (शनिवार, दि. 27 जून 2026) दौरा…! pic.twitter.com/ZtSc7V7OjW
— Office Of Rohit Pawar (@RohitPawarOffic) June 26, 2026
ये शर्तें बनीं कर्जमाफी योजना के विरोध की वजह
महाराष्ट्र सरकार 36,585 करोड़ रुपये की कृषि लोन माफी स्कीम को मंजूरी दी है और इसके तहत 56 लाख किसानों को लाभ मिलना है. पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना के तहत किसानों का 2 लाख रुपये तक के कृषि लोन माफी का प्रावधान है. इसके तीन हिस्से हैं लोन माफी, वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) और इंसेंटिव बेनिफिट.
- माफी वाले हिस्से के तहत जिन किसानों का कुल बकाया शॉर्ट टर्म फसल लोन, मूलधन और ब्याज मिलाकर 2 लाख रुपये तक है, वे पूरी कर्ज माफी के लिए पात्र होंगे. लोन 1 अप्रैल 2019 और 31 मार्च 2025 के बीच दिए गए होने चाहिए. 30 सितंबर 2025 तक ओवरड्यू रहने चाहिए और 31 मार्च 2026 तक बिना पेमेंट के रहने चाहिए.
- जिन किसानों का बकाया 2 लाख रुपये से ज्यादा है, वे OTS हिस्से के तहत कवर होंगे. ऐसे कर्जदारों को 2 लाख रुपये से ज्यादा की रकम चुकानी होगी. इसके बाद वे 2 लाख रुपये की छूट के हकदार हो जाएंगे. उन्हें बकाया रकम में से अपना हिस्सा जमा करने के लिए 31 मार्च 2027 तक का समय दिया गया है.
- इंसेटिव बेनेफिट के तहत जिन किसानों ने अपने लोन का कुछ हिस्सा जमा किया है, उन्हें 50 हजार रुपये तक कम लोन जमा करना होगा.