एक्सप्रेसवे पर फुर्ती, किसानों पर सुस्ती! प्याज उत्पादक संघ ने सरकार से की तुरंत आर्थिक सहायता देने की मांग
महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने बारिश से प्रभावित किसानों को जल्द राहत देने की मांग की है. संघ का कहना है कि जिस तेजी से मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भूस्खलन के बाद यातायात बहाल किया गया, उसी गंभीरता से फसल नुकसान, गिरते दाम और प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे किसानों की समस्याओं का भी समाधान किया जाना चाहिए.
Maharashtra News: महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि बारिश से प्रभावित प्याज किसानों की परेशानियों पर भी तुरंत ध्यान दिया जाए. संघ का कहना है कि जिस तरह मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भूस्खलन के बाद तेजी से यातायात बहाल किया गया, उसी गंभीरता और तेजी से किसानों की समस्याओं का भी समाधान किया जाना चाहिए. संघ के अध्यक्ष भरत दिघोले ने कहा कि भारी बारिश के कारण सड़क और ट्रैफिक बाधित होने पर सरकार तुरंत सक्रिय हो जाती है, लेकिन किसानों की फसल बर्बाद होने, प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान और फसलों के गिरते दाम पर उतनी तेजी से कार्रवाई नहीं होती. उन्होंने कहा कि किसानों को भी समय पर राहत और आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए.
द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक,भरत दिघोले ने कहा कि जब शहरों में कुछ घंटों के लिए ट्रैफिक जाम हो जाता है, तो पूरा सरकारी तंत्र सक्रिय हो जाता है. लेकिन जब भारी बारिश, ओलावृष्टि, बेमौसम बारिश, बाढ़ या सूखे से किसानों की फसलें बर्बाद हो जाती हैं, तब उतनी गंभीरता नहीं दिखाई देती. उन्होंने कहा कि किसान हर साल फसलों में बीमारी, मौसम की मार, फसलों के गिरते दाम और परिवहन जैसी कई समस्याओं का सामना करते हैं. कई बार उन्हें एक ही दिन में लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है, लेकिन इसके बावजूद वे खेती करना नहीं छोड़ते.
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भूस्खलन के कारण ट्रैफिक बाधित
भरत दिघोले ने कहा कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भूस्खलन के कारण ट्रैफिक बाधित होना भारी बारिश से पैदा हुई एक अस्थायी समस्या थी. उन्होंने कहा कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट या प्राकृतिक आपदाओं के दौरान इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय इस बात पर चर्चा होनी चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को कैसे कम किया जाए, आपातकालीन व्यवस्था को कैसे मजबूत बनाया जाए और लोगों को होने वाली परेशानी को कैसे घटाया जाए.
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किसानों को मिले बेहतर यातायात सुविधा
भरत दिघोले ने कहा कि एक्सप्रेसवे, सड़क, पुल, सुरंग और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से आम लोगों के साथ-साथ किसानों को भी फायदा होता है. बेहतर सड़क संपर्क से सामान को बाजार तक जल्दी पहुंचाना आसान होता है, जिससे समय और परिवहन लागत दोनों कम होती हैं. उन्होंने कहा कि प्याज, फल और सब्जियों जैसी जल्दी खराब होने वाली फसलों के लिए अच्छी परिवहन व्यवस्था बेहद जरूरी है. यदि ये उत्पाद समय पर मंडियों तक पहुंच जाएं, तो उनकी गुणवत्ता बनी रहती है और किसानों को बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है.
क्या बोले भरत दिघोले
भरत दिघोले ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है. संगठन हमेशा किसानों के हित में उठाए जाने वाले कदमों का समर्थन करता रहेगा. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के विकास के लिए शहर और गांव दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं. जिस तरह शहरों में लोगों की परेशानियों पर तुरंत ध्यान दिया जाता है, उसी तरह किसानों की समस्याओं और उनके नुकसान को भी गंभीरता से सुना और दूर किया जाना चाहिए.