फरवरी-मार्च में करें खरबूजे की बुवाई, जानें बेहतर उत्पादन के आसान तरीके

उत्तर भारत में खरबूजे की बुवाई का सबसे अच्छा समय फरवरी का मध्य माना जाता है. वहीं पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत में नवंबर से जनवरी के बीच इसकी बुवाई की जाती है. किस्म के अनुसार 3 से 4 मीटर चौड़ी क्यारियां तैयार करें. हर टीले पर दो बीज बोएं और टीलों के बीच लगभग 60 सेंटीमीटर की दूरी रखें.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 23 Feb, 2026 | 03:08 PM

Muskmelon farming: गर्मी का मौसम आते ही बाजार में जिस फल की खुशबू सबसे पहले लोगों को अपनी ओर खींचती है, वह है खरबूजा. रसीला, मीठा और ठंडक देने वाला यह फल सिर्फ स्वाद ही नहीं, सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है. यही वजह है कि गर्मियों में इसकी मांग तेजी से बढ़ जाती है. अगर किसान भाई सही समय और वैज्ञानिक तरीके से इसकी खेती करें, तो कम समय में अच्छी आमदनी हासिल कर सकते हैं.

खरबूजा मूल रूप से ईरान, अनातोलिया और आर्मेनिया क्षेत्र से आया माना जाता है, लेकिन आज यह भारत की प्रमुख फसलों में शामिल है. इसमें लगभग 90 प्रतिशत पानी और करीब 9 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट होता है. साथ ही यह विटामिन ए और विटामिन सी का अच्छा स्रोत है. भारत में पंजाब, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में इसकी बड़े पैमाने पर खेती की जाती है.

मिट्टी और खेत की तैयारी पर दें खास ध्यान

खरबूजे की अच्छी पैदावार के लिए सबसे जरूरी है सही मिट्टी का चुनाव. यह फसल गहरी, उपजाऊ और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में सबसे बेहतर बढ़ती है. दोमट मिट्टी इसके लिए आदर्श मानी जाती है. जहां पानी रुकता हो या जमीन में जलभराव की समस्या हो, वहां इसकी खेती नहीं करनी चाहिए, क्योंकि अधिक पानी से जड़ें सड़ सकती हैं.

मिट्टी का pH स्तर 6 से 7 के बीच होना चाहिए. ज्यादा लवणीय या खारी मिट्टी में यह फसल अच्छी नहीं होती. एक ही खेत में बार-बार खरबूजा लगाने से बचें. फसल चक्र अपनाना जरूरी है, ताकि मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और बीमारियों का खतरा कम हो.

बुवाई से पहले खेत की 2-3 बार गहरी जुताई कर मिट्टी को भुरभुरा बना लें. अंतिम जुताई के समय अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद मिला दें, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर हो सके.

सही समय और बीज बोने की विधि

उत्तर भारत में खरबूजे की बुवाई का सबसे अच्छा समय फरवरी का मध्य माना जाता है. वहीं पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत में नवंबर से जनवरी के बीच इसकी बुवाई की जाती है.

किस्म के अनुसार 3 से 4 मीटर चौड़ी क्यारियां तैयार करें. हर टीले पर दो बीज बोएं और टीलों के बीच लगभग 60 सेंटीमीटर की दूरी रखें. इससे बेलों को फैलने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है और पौधों का विकास अच्छा होता है.

अगर किसान नर्सरी से पौध तैयार करना चाहते हैं, तो जनवरी के अंतिम सप्ताह या फरवरी के पहले सप्ताह में पॉलीथीन बैग में बीज बो सकते हैं. 25 से 30 दिन में पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं. रोपाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई जरूर करें.

खरपतवार नियंत्रण और देखभाल

खरबूजे की शुरुआती बढ़वार के समय खेत को खरपतवार मुक्त रखना बहुत जरूरी है. अगर समय पर निराई-गुड़ाई न की जाए, तो खरपतवार लगभग 30 प्रतिशत तक उपज कम कर सकते हैं. बुवाई के 15-20 दिन बाद पहली गुड़ाई करें. जरूरत के अनुसार दो से तीन बार निराई करनी पड़ सकती है.

साथ ही पौधों में कीट और रोग की निगरानी भी जरूरी है. बेलों पर पत्तियों का रंग बदलना या फल में दाग दिखाई देना रोग का संकेत हो सकता है. समय रहते कृषि विशेषज्ञ की सलाह लेकर उपचार करें.

सिंचाई का सही तरीका

गर्मी के मौसम में खरबूजे को नियमित सिंचाई की जरूरत होती है. सामान्यत: सप्ताह में एक बार पानी देना पर्याप्त रहता है. लेकिन खेत में पानी भरने से बचना चाहिए. अधिक नमी से फल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है.

फूल आने और फल लगने के समय बेलों को ज्यादा गीला न करें. भारी मिट्टी में बार-बार सिंचाई करने से बचें. बेहतर मिठास और स्वाद के लिए कटाई से 3 से 6 दिन पहले सिंचाई बंद कर देना या कम कर देना लाभदायक होता है.

पैदावार और कमाई की संभावना

सही देखभाल और वैज्ञानिक पद्धति अपनाने पर खरबूजे की फसल 70 से 90 दिनों में तैयार हो जाती है. प्रति एकड़ अच्छी पैदावार मिलने पर किसान गर्मियों के सीजन में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. बाजार में मांग अधिक होने से इसकी बिक्री भी आसान रहती है.

अगर किसान मौसम, मिट्टी और सिंचाई प्रबंधन का ध्यान रखें, तो खरबूजे की खेती कम लागत में ज्यादा लाभ देने वाली फसल साबित हो सकती है. गर्मियों में इसकी मांग और मिठास दोनों ही किसानों की कमाई बढ़ाने में मदद करती हैं.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

लेटेस्ट न्यूज़

Traders Are Protesting Against Wheat Procurement Rules In Rajasthan

राजस्थान में गेहूं खरीदी नियम का विरोध, व्यापारियों ने सरकार को दी चेतावनी.. कर डाली ये मांग

Red Dried Chili Prices Rise Rs 22000 Per Quintal In Guntur Market Red Dried Chili Prices Hike

देश की सबसे बड़ी मंडी में 22000 रुपये क्विंटल हुई लाल सूखी मिर्च, मार्केट में पहुंची 1186 टन उपज

How Keep Dairy Cows Safe In Summer Proper Care Reduce Heat Stress And Improve Milk Production

गर्मी में दुधारू गायों को ऐसे रखें सुरक्षित, सही देखभाल से हीट स्ट्रेस घटेगा और दूध उत्पादन भी रहेगा बेहतर

Mohan Yadav Announces A Major Gift Farmers A Wheat Bonus Jitu Patwari Issues An Open Warning To Government

मोहन यादव का किसानों को बड़ा तोहफा, गेहूं बोनस देने का ऐलान; जीतू पटवारी ने सरकार को दी खुली चेतावनी

Nuclear Explosion Will Reduce Yields Affect Fish And Livestock And Deepen The Food Crisis

परमाणु विस्फोट से घट जाएगी पैदावार, मछली और मवेशियों पर भी पड़ेगा असर.. गहरा जाएगा खाद्य संकट

Goat Farming Vulnerable Dangerous Diseases Which Can Lead Death Within 4 To 24 Hours Warns Scientist Dr Y K Soni

बकरी पालन में खतरनाक बीमारी का खतरा.. 4 से 24 घंटे में हो सकती मौत, वैज्ञानिक डॉ. वाई के सोनी की चेतावनी