चने के रेट में 300 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी, फिर भी MSP से कम है कीमत.. किसानों को नुकसान
सरकार ने रबी 2026-27 मार्केटिंग सीजन के लिए चने का MSP 5,875 रुपये घोषित किया है. 10 जनवरी को मंडी में औसत चना दाम 5,417 रुपयये प्रति क्विंटल थे, जो 2025-26 के MSP 5,650 रुपये से थोड़े कम हैं.
Mandi Bhav: चने की नई फसल की आवक में अभी दो से तीन महीने की देरी है, लेकिन कीमतों में अभी से ही बढ़ोतरी शुरू हो गई है. इसके बावजूद भी किसानों की अच्छी कमाई नहीं हो रही है, क्योंकि कीमत में बढ़ोतरी के बाद भी चने का रेट अभी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम है. ऐसे में किसानों का कहना है कि सरकार को किसानों के हित में फैसले लेने चाहिए. हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि त्योहारों के सीजन के चलेत चने की मांग बढ़ गई है. यही वजह है कि चना के दाम पिछले कुछ हफ्तों में बढ़ गए हैं और यह न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के स्तर के करीब पहुंच रहे हैं. हालांकि, कुछ व्यापारियों का कहना है कि आपूर्ति कम होने के कारण चने के दाम में 225-300 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है.
बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत पल्प्स एंड ग्रेन्स एसोसिएशन (IPGA) के सचिव सतीश उपाध्याय ने कहा कि त्योहारों की मांग बढ़ी है. घरेलू फसल का बचा हुआ स्टॉक भी अच्छे गुणवत्ता का नहीं है और मटर के दाम भी बढ़ गए हैं, जिससे कुछ मांग चने की तरफ बढ़ी है. IPGA की साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू और आयातित चने के दाम लगातार तीसरे हफ्ते बढ़ रहे हैं. मांग स्थिर होने और कम मंडी आने के कारण कीमतें मजबूत बनी हैं.
चने के आयात में गिरावट
इसके अलावा, चने का आयात भी धीमा हो गया है क्योंकि आयातक नई फसल आने से पहले घरेलू उत्पादन बढ़ने की उम्मीद में खरीद कम कर रहे हैं. इस सत्र में ऑस्ट्रेलिया से चने का आयात पिछले साल की तुलना में लगभग 6 फीसदी कम होकर 3.89 लाख टन रहा. सतीश उपाध्याय ने कहा कि दाम MSP के आसपास बने रह सकते हैं, जो सरकार की खरीद नीति पर निर्भर करेगा.
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चने के रकबे में बढ़ोतरी
उन्होंने कहा कि सरकार ने रबी 2026-27 मार्केटिंग सीजन के लिए चने का MSP 5,875 रुपये घोषित किया है. 10 जनवरी को मंडी में औसत चना दाम 5,417 रुपयये प्रति क्विंटल थे, जो 2025-26 के MSP 5,650 रुपये से थोड़े कम हैं. ताजा बुवाई आंकड़ों के अनुसार, 9 जनवरी तक चने की बुवाई 95.88 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले साल के 91.22 लाख हेक्टेयर से 5.11 फीसदी अधिक है. कुल रबी दालों की बुवाई 136.36 लाख हेक्टेयर तक पहुंची, जो 2.83 फीसदी बढ़ी है. IGrain इंडिया के राहुल चौहान ने कहा कि मांग बढ़ने और आयात धीमा होने के कारण चने के दाम मजबूत हुए हैं. ऑस्ट्रेलियाई किसान उच्च दाम की उम्मीद में अपने उत्पाद को रोक कर रख रहे हैं. इस समय ऑस्ट्रेलिया में 22 लाख टन की बड़ी फसल तैयार है.