35 हजार रुपये क्विंटल मिर्च का भाव.. अदरक-हल्दी की खरीद फरवरी से, MSP के साथ बोनस पाएं किसान
राज्य सरकार ने नवंबर में ही धान की खरीद शुरू कर दी है और यह मार्च तक जारी रहेगी. धान किसानों को केंद्र की और से तय न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपये के साथ राज्य सरकार 631 रुपये प्रति क्विंटल पर बोनस दे रही है. इस तरह से राज्य के किसानों को अपनी उपज धान का मूल्य 3000 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है.
मसाला फसलों मिर्च, अदरक, हल्दी और धान की खेती करने वाले किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ बोनस का लाभ देने की घोषणा की गई है. धान किसानों को एमएसपी के सात 631 रुपये बोनस के रूप में दिए जा रहे हैं. अब राज्य सरकार ने किसानों से मसाला फसलों की खरीद फरवरी से शुरू करने की घोषणा की है. सरकार के इस फैसले से किसानों को सही दाम मिलने का रास्ता साफ हुआ है. क्योंकि, निजी व्यापारी किसानों की उपज को औने-पौने दाम पर खरीदने की पेशकश कर रहे हैं.
फरवरी से अदरक-मिर्च और हल्दी की खरीद शुरू होगी
मिजोरम सरकार ने राज्य की चार मुख्य फसलों की खरीद फरवरी से शुरू करने की घोषणा की है. पीटीआई के अनुसार मिजोरम कृषि विपणन बोर्ड की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मिजोरम सरकार किसानों की मदद के लिए स्थानीय स्तर पर उगाई जाने वाली चार मुख्य फसलों – अदरक, हल्दी, सूखी झाड़ू की डंडियां और मजोरम मिर्च की खरीद शुरू करेगी. इन फसलों की खरीद फरवरी से शुरू होकर अप्रैल 2026 तक चलेगी.
धान किसानों को एमएसपी के साथ 631 रुपये मिल रहा बोनस
मिजोरम कृषि विपणन बोर्ड के सह अध्यक्ष केसी लालमलसावमजौवा ने कहा कि सरकार ने नवंबर में ही धान या बिना छिलके वाले चावल की खरीद शुरू कर दी है, और यह मार्च तक जारी रहेगी. धान किसानों को केंद्र की और से तय न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपये के साथ राज्य सरकार 631 रुपये प्रति क्विंटल पर बोनस दे रही है. इस तरह राज्य के किसानों को अपनी उपज धान का मूल्य 3000 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है. वहीं, किसानों से अदरक की खरीद फरवरी से मई तक चलेगी. सूखी झाड़ू की डंडियों की खरीद फरवरी से मार्च तक और हल्दी और मिर्च की खरीद फरवरी से अप्रैल तक की जाएगी.
मिर्च का भाव 35 हजार रुपये क्विंटल, अदरक और हल्दी का भाव कितना मिलेगा
राज्य सरकार अदरक किसानों को उनकी उपज के लिए अधिकतम समर्थन मूल्य 50 रुपये प्रति किलो ग्राम यानी 5 हजार रुपये क्विंटल देगी. झाड़ू की डंडियों के लिए किसानों को 80 रुपये प्रति किलोग्राम यानी 8 हजार रुपये प्रति क्विंटल भाव मिलेगा. वहीं, मिर्च किसानों के लिए राज्य सरकार ने 350 रुपये प्रति किलोग्राम भाव तय किया है. इस हिसाब से मिर्च किसानों को 35 हजार रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिलेगा. इसके अलावा हल्दी किसानों के लिए समर्थन मूल्य 20 रुपये प्रति किलोग्राम यानी 2 हजार रुपये प्रति क्विंटल देना तय किया गया है.
पंजीकृत किसानों की उपज ही खरीदी जाएगी, निगरानी बढ़ी
राज्य सरकार ने इस बार बफर स्टॉक की व्यवस्था नहीं की है और सभी मुख्य फसलें राज्य के अलग-अलग हिस्सों में स्थापित माध्यमिक संग्रह केंद्रों पर खरीदी जाएंगी. अदरक के लिए 64 और सूखी झाड़ू की डंडियों के लिए 13 खरीद केंद्र बनाए गए हैं. केवल उन्हीं किसानों की स्थानीय रूप से उगाई गई फसलें खरीदी जाएंगी, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में किसान समितियों के तहत पंजीकरण कराया है. उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से आने वाली फसलों को स्वीकार नहीं किया जाएगा. निगरानी के लिए सरकार की ओर से पर्यवेक्षकों की तैनाती की जा ही है.
पिछले साल सरकार ने किसानों को 140 करोड़ रुपये भुगतान किए थे
अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने पिछले साल अदरक की खरीद के लिए सपोर्ट प्राइस के तौर पर लगभग 137.72 करोड़ रुपये खर्च किसानों को भुगतान किए थे. जबकि, सरकार ने उसी साल किसानों से लगभग 2 करोड़ रुपये की 48,602.29 क्विंटल सूखी झाड़ू की लकड़ियां खरीदी थीं और लगभग 50 लाख रुपये के 1,400 क्विंटल से ज्यादा धान भी खरीदा था. पिछली बार की तरह इस बार भी किसानों को भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में किया जाएगा.