गेहूं किसानों के लिए बढ़ा MSP, 20 हजार किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन.. जानिए इस बार कितना मिल रहा भाव

राज्य में गेहूं का रकबा बढ़ने से इस बार 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद करने की उम्मीद की जा रही है, जो बीते साल के 77 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा होगी. जबकि, इससे पहले 2024-25 खरीद सीजन में राज्य के किसानों से 49 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी. इस हिसाब से इस बार गेहूं खरीद के पुराने रिकॉर्ड टूटने का अनुमान है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 15 Feb, 2026 | 12:01 PM

Wheat Price: रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं की खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. मध्य प्रदेश में गेहूं की खरीद प्रक्रिया 7 फरवरी से शुरू हो गई है. अब तक 20 हजार से ज्यादा किसानों ने गेहूं बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन भी करा लिया है. राज्य के किसानों को इस बार गेहूं का भाव 160 रुपये बढ़ाकर दिया जाएगा. क्योंकि, केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ा दिया है. खरीद केंद्रों को गेहूं स्टॉक करने के लिए भंडारण सुविधाएं दुरुस्त करने और किसानों के लिए खरीद केंद्रों के साथ ही मंडियों में पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं.

गेहूं बिक्री के लिए 20 हजार 98 किसानों ने कराया पंजीयन- खाद्य मंत्री

मध्य प्रदेश सरकार के खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि रबी 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए अब तक 20 हजार 98 किसानों ने पंजीयन कराया है. उन्होंने किसानों से 7 मार्च तक पंजीयन कराने की अपील की है. पंजीयन के लिए राज्य में 3 हजार 186 सुविधा केन्द्र बनाए गए हैं और किसानों को मोबाइल एसएमएस व ग्राम पंचायतों के सूचना पटल के जरिए भी जानकारी दी जा रही है.

सीएम बोले – इस बार ज्यादा गेहूं पैदावार होगी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा इस वर्ष प्रदेश में गेहूं की पर्याप्त पैदावार होने की संभावना है, राज्य सरकार के पास भंडारण की समुचित व्यवस्था है.
इस बार किसानों ने गेहूं की खेती में खूब दिलचस्पी दिखाई है और बीते साल के रकबे से ज्यादा क्षेत्र में गेहूं की फसल की गई है. मध्य प्रदेश में 9 लाख से ज्यादा किसानों ने करीब 10 लाख एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में गेहूं की बुवाई की है.

80 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने की उम्मीद

राज्य में गेहूं का रकबा बढ़ने से इस बार 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद करने की उम्मीद की जा रही है, जो बीते साल के 77 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा होगी. जबकि, इससे पहले 2024-25 खरीद सीजन में राज्य के किसानों से 49 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी. इस हिसाब से इस बार गेहूं खरीद के पुराने रिकॉर्ड टूटने का अनुमान है.

गेहूं बिक्री के लिए किसान ऐसे कराएं पंजीकरण

मध्य प्रदेश सरकार ने गेहूं किसानों की उपज खरीदने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया कल से यानी 7 फरवरी से शुरू करने जा रही है. राज्य में गेहूं खरीद के लिए किसान पंजीयन 07 फरवरी से 07 मार्च तक किया जाएगा. किसान तहसील कार्यालय में स्थापित सुविधा केंद्र, ग्राम पंचायत में स्थापित सुविधा केंद्र, जनपद पंचायत में स्थापित सुविधा केंद्र, सहकारी समिति की ओर से संचालित पंजीयन केंद्र और एमपी किसान एप पर निशुल्क पंजीयन करा सकते हैं. इसके अलावा किसान लोक सेवा केंद्र, एमपी ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेंटर और साइबर कैफे पर 50 रुपये का शुल्क देकर पंजीयन करा सकते हैं.

बटाईदार या पट्टाधारी किसानों का ऐसे होगा पंजीयन

मध्य प्रदेश सरकार के अनुसार सिकमी, बटाईदार, कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसानों से गेहूं खरीद की जाएगी. इसके लिए इन किसानों को पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन संस्था स्तर पर स्थापित पंजीयन केन्द्रों पर ही उपलब्ध होगी. इस श्रेणी के किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग की ओर से किया जाएगा. समर्थन मूल्य पर बिक्री उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा.

गेहूं किसानों के लिए समर्थन मूल्य बढ़ाया गया

केंद्र सरकार ने मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 160 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 2585 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है, जो पिछले साल 2425 प्रति क्विंटल था. मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले साल गेहूं किसानों किसानों को 175 रुपये बोनस दिया था, लेकिन इस बार अब तक बोनस देने की घोषणा नहीं की गई है. हालांकि, किसानों को उम्मीद है कि सरकार प्रोत्साहन राशि जरूर देगी.

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