बोरी की कमी पर किसान इंडिया से बोले जगजीत सिंह डल्लेवाल, कहा- गेहूं खरीदी में हुई दिक्कत तो करेंगे आंदोलन

पंजाब में गेहूं खरीद से पहले बारदाना की कमी को लेकर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने सरकार को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर बोरी की कमी से किसानों को परेशानी हुई तो आंदोलन होगा. बोरी की कमी से खरीद और अनाज उठान दोनों प्रभावित हो सकते हैं, जिससे किसानों को नुकसान होगा.

वेंकटेश कुमार
नोएडा | Updated On: 28 Mar, 2026 | 07:54 PM

Wheat Procurement: पंजाब में गेहूं खरीदी शुरू होने से पहले बोरी (बारदाना ) की किल्लत और गोदामों में जगह कमी पर दिग्गज किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) के अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल ने राज्य सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने किसान इंडिया से कहा कि गेहूं खरीदी से पहले पंजाब  सरकार सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ले. अगर क्रय केंद्र पर बोरी की कमी के चलते किसानों को किसी तरह की परेशानी उठानी उठानी पड़ी तो हम सड़क पर उतरेंगे और राज्य सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेंगे.

जगजीत सिंह डल्लेवाल ने किसान इंडिया से बात करते हुए कहा कि क्रय केंद्रों पर बोरी की व्यवस्था करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है. सरकार को एक अप्रैल से पहले ही सारी व्यवस्थाएं कर लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मंडियों में बोरी कमी  रहने पर किसानों से समय पर उपज की खरीदी नहीं हो पाएगी. ऐसे में किसानों को क्रय केंद्र के बाहर कई दिनों तक इंतजार करना पड़ेगा, जिससे खेती-बाड़ी से संबंधित उनके अन्य काम बाधित होंगे. हम नहीं चाहते कि राज्य सरकार अपनी कुव्यवस्था के कारण किसानों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर करे.

बोरी की किल्लत से खरीदी हो सकती है प्रभावित

जगजीत सिंह डल्लेवाल का कहना है कि गेहूं या किसी भी फसल की खरीदी  में बोरी का महत्वपूर्ण रोल होता है. अगर इसकी कमी हो जाती है, तो उपज की खरीदी रूक जाती है. ऐसे में किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. साथ ही बोरी की कमी के चलते खरीदे गए अनाज का भी मंडी से समय पर उठान नहीं हो पाता है. ऐसे में कई दिनों तक उपज खुले आसमान के नीचे रहती है, जिससे बारिश होने पर नुकसान होने का खतरा बना रहता है.

हरियाणा सरकार के कदम का किया स्वागत

वहीं, गोदामों में जगह की कमी को लेकर जगजीत सिंह डल्लेवाल ने किसान इंडिया से कहा कि सरकार को गेहूं की खरीदी शुरू होने से बहुत पहले ही नई उपज को रखने के लिए व्यवस्था करनी चाहिए थी. अब गेहूं की खरीदी शुरू होने में महज चार दिन ही बचे हैं. हम नहीं चाहते हैं कि हमारे किसानों से खरीदा गया अनाज जगह की कमी के चलते खुले आसमान में पड़ा रहे. इसलिए सरकार 1 अप्रैल से पहले सारी व्यवस्थाएं पूरी कर ले. हालांकि, उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा गेहूं खरीदी सीजन में सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करने के लिए 470 करोड़ रुपये के जूट और अन्य स्टोरेज बैग खरीदने की मंजूरी का स्वागत किया. उन्होने कहा कि पंजाब सरकार को भी हरियाणा की तरह पहले ही सारी व्यवस्थाएं कर लेनी चाहिए थी.

1 अप्रैल से शुरू होने वाली है गेहूं की खरीदी

दरअसल, पंजाब में 1 अप्रैल से गेहूं की खरीदी शुरू होने वाली है. लेकिन इससे पहले सरकारी खरीद पर संकट के हालात बन रहे हैं, क्योंकि करीब 5 करोड़ गन्नी बोरियों (वरदाना) की कमी है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस सीजन में करीब 1.3 करोड़ टन गेहूं की खरीद के लिए लगभग 26 करोड़ बोरियों की जरूरत होगी. लेकिन फिलहाल करीब 5 करोड़ बोरियों की कमी है, जिससे अप्रैल के पहले 15-20 दिनों के पीक सीजन में खरीद प्रक्रिया में दिक्कतें आ सकती हैं.

किसानों में बढ़ सकता है असंतोष

हालांकि, गोदामों में भी नई फसल को रखने के लिए जगह की कम हो सकती है. इस समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) को निर्देश दिया है कि पुराने अनाज को जल्द उठाया जाए, ताकि नए गेहूं के लिए जगह बनाई जा सके. सरकार ने FCI के चेयरमैन को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि अगर तुरंत अतिरिक्त भंडारण की व्यवस्था  नहीं की गई और मंडियों में आने वाले 22 लाख मीट्रिक टन गेहूं की सीधी डिलीवरी नहीं हुई, तो 1 अप्रैल से शुरू होने वाली खरीद के समय मंडियों में अनाज ज्यादा हो जाएगा. इससे किसानों में असंतोष बढ़ सकता है और कानून-व्यवस्था की समस्या भी पैदा हो सकती है.

 

 

 

 

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Published: 28 Mar, 2026 | 06:41 PM
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