हरियाणा की मंडियों में नहीं होगी बोरी की कोई किल्लत, जूट बैग की खरीदी के लिए 470 करोड़ मंजूर

एमएसपी कमेटी के सदस्य और भारतीय किसान यूनिन मान के पूर्व हरियाणा प्रेसिडेंट गुणी प्रकाश ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने किसान इंडिया से बात करते हुए कहा कि कई बार क्रय केंद्रों पर बोरी कि किल्लत के चलते किसानों को उपज बेचने के लिए कई दिनों तक मंडी के बाहर इंतजार करना पड़ता है.

वेंकटेश कुमार
नई दिल्ली | Updated On: 27 Mar, 2026 | 03:47 PM

Agriculture News: पंजाब में गेहूं खरीदी शुरू होने से पहले बोरियों की भारी कमी की खबर के बीच हरियाणा सरकार ने पहले से ही अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गेहूं खरीदी सीजन में सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करने के लिए 470 करोड़ रुपये के जूट और अन्य स्टोरेज बैग खरीदने को मंजूरी दी है. सरकार को उम्मीद है कि उसके इस फैसले से क्रय केंद्रों पर खरीदी गए अनाज को रखने के लिए बोरी की किसी तरह की कोई किल्लत नहीं होगी. ऐसे में नई आवक का समय पर मंडियों से उठान हो पाएगा. क्योंकि कई बार बोरी के अभाव के चलते गेहूं खरीदी होने के बावजूद भी उपज खुले आसमान में ही कई दिनों तक पड़ी रहती है. इससे बारिश होने पर नुकसान की संभावना बनी रहती है.

दरअसल, ये मंजूरी गुरुवार को आयोजित बैठक में दी गई. इस बैठक में रबी सीजन के भंडारण  की तैयारी के लिए 550 करोड़ रुपये के बैग खरीदने के दो प्रस्ताव रखे गए. लेकिन बातचीत के दौरान राज्य ने 80 करोड़ रुपये की बचत भी की.

गुणी प्रकाश ने फैसले का स्वागत किया

एमएसपी कमेटी के सदस्य और भारतीय किसान यूनिन मान के पूर्व हरियाणा प्रेसिडेंट गुणी प्रकाश ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने किसान इंडिया से बात करते हुए कहा कि कई बार क्रय केंद्रों पर बोरी कि किल्लत के चलते किसानों को उपज बेचने के लिए कई दिनों तक मंडी के बाहर इंतजार करना पड़ता है. अगर सभी मंडियों के पास प्रयाप्त मात्रा में बोरी मौजूद रहेगी, तो समय पर गेहूं की खरीदारी हो पाएगी. ऐसे में किसानों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. साथ ही फसल का उठान भी समय पर हो पाएगा.

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को दिए निर्देश

दरअसल, गेहूं खरीदी को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में बैठक आयोजित की गई थी. इस दौरान सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध और गुणवत्ता मानकों के अनुसार हो, ताकि सरकारी संसाधनों का सही इस्तेमाल सुनिश्चित किया जा सके. किसानों की भलाई के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए सैनी ने कहा कि कृषि उपज का सुरक्षित भंडारण  सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि रबी खरीदी सीजन की तैयारियों को तेज किया जाए, ताकि मंडियों में फसल आने पर किसी तरह की परेशानी न हो.

राज्य ने 80 करोड़ रुपये की बचत की

इस बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आगामी गेहूं खरीदी सीजन में सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करने के लिए 550 करोड़ रुपये के जूट और अन्य स्टोरेज बैग खरीदने को मंजूरी दी. यह मंजूरी हाई पावर्ड पर्चेज कमिटी (HPPC) की बैठक में दी गई, जहां खरीद से जुड़े दो अहम एजेंडे भी क्लियर किए गए. बातचीत के जरिए राज्य ने 80 करोड़ रुपये की बचत भी की. सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, इस फैसले से राज्य की अनाज भंडारण क्षमता बढ़ेगी और किसानों से खरीदे गेहूं का सुरक्षित और सुचारू भंडारण सुनिश्चित होगा. यह खरीद फूड एंड सप्लाइजेज डिपार्टमेंट, हाफेड और हरियाणा स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन की जरूरतों के अनुरूप की जा रही है.

राज्य में 1 अप्रैल से शुरू होगी गेहूं की खरीदी

हरियाणा में रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए गेहूं की सरकारी खरीद  1 अप्रैल 2026 से शुरू होगी. इस बार गेहूं के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले साल 2,425 रुपये की तुलना में 160 रुपये अधिक है. खरीद के लिए पूरे राज्य में 500 से अधिक मंडियां और खरीद केंद्र बनाए गए हैं.

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Published: 27 Mar, 2026 | 03:36 PM
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