महिला कोऑपरेटिव यानी महिला सहकारी समितियां आज ग्रामीण और छोटे शहरों की महिलाओं को एक साथ जोड़कर रोजगार, आय और आत्मनिर्भरता की नई राह बना रही हैं. लेकिन आखिर महिला कोऑपरेटिव काम कैसे करता है और इससे जुड़ी महिलाओं को इसका फायदा कैसे मिलता है?
महिला सहकारिता सिर्फ रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक प्रभावी मॉडल बन रही है. जब महिलाएं मिलकर उत्पादन, पैकेजिंग, बिक्री और प्रबंधन में भागीदारी करती हैं, तो उनकी आर्थिक भूमिका भी मजबूत होती है.
और पढ़ें