देश की सबसे बड़ी सरकारी उर्वरक कंपनियों में शुमार राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (RCF) को फंड की जरूरत है. 18 हजार करोड़ से अधिक सालाना रेवेन्यू हासिल करने वाली इस कंपनी ने अब 1500 करोड़ रुपये जुटाने के लिए शेयर बाजार का रुख किया है. कंपनी के बोर्ड ने कंपनी को FPO यानी अनुवर्ती सार्वजनिक पेशकश लाने की मंजूरी दे दी है. इसके तहत कंपनी निवेशकों को अपने शेयर बेचकर यह रकम जुटाएगी.
उर्वरक कंपनी एफपीओ लाकर 1500 करोड़ जुटाएगी
सार्वजनिक क्षेत्र की उर्वरक कंपनी राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (RCF) अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (FPO) के जरिए से 1500 करोड़ रुपये तक की राशि जुटाने की योजना बना रही है. कंपनी ने बाजार नियामक सेबी को फाइलिंग में यह जानकारी दी है. बता दें कि पहले से लिस्टेड कंपनियां रकम जुटाने के लिए एफपीओ लाती हैं. वहीं, पहली बार शेयर बाजार में लिस्ट होने के लिए कंपनियां आईपीओ लाती हैं.
कंपनी का शेयर 3 फीसदी उछला
राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड ने नियामक को दी सूचना में कहा कि निदेशक मंडल ने नए इक्विटी शेयर जारी कर एफपीओ के जरिये 1,500 करोड़ रुपये तक जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. हालांकि, यह प्रस्ताव कंपनी के शेयरधारकों, उर्वरक विभाग और निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) से मंजूरी मिलने के अधीन है. एफपीओ लाने को मंजूरी मिलने के बाद कंपनी के शेयर में 3 फीसदी की बढ़त देखी गई है और एक शेयर बुधवार को दोपहर तक 133 रुपये के पार पहुंच गया. हालांकि, इससे पहले 8 जून को शेयर प्राइस 123 रुपये गिरकर सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था. कंपनी के शेयर में और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है.
क्यों एफपीओ ला रही कंपनी और इस पैसे का क्या करेगी
उर्वरक कंपनी के एफपीओ लाने की पहली वजह निर्धारित रकम जुटाना है और अपने शेयर्स को अधिक लोगों तक विस्तारित करना है. इसके तहत कंपनी का एफपीओ आम निवेशक खरीद सकता है. एफपीओ से जुटाई गई संभावित 1500 करोड़ की रकम को कई सेक्टर में खर्च करने की तैयारी है. कंपनी के अनुसार नया व्यापार विस्तार और विविधीकरण के तहत कई नए क्षेत्रों में उतरने का फैसला किया गया है. इस फंड का बड़ा हिस्सा इन नए उपक्रमों जैसे ग्रीन एनर्जी, वाटर मैनेजमेंट के तहत अपशिष्ट जल उपचार, जल शोधन और रीसाइक्लिंग सिस्टम में खर्च किया जाएगा. जबकि, एग्रो-केमिकल्स सेक्टर के तहत जैव उर्वरक (Bio-fertilisers) बनाने और फसल सुरक्षा उत्पाद और टिकाऊ कृषि समाधान लाने में इसकी बड़ी रकम खर्च की जाएगी.
चौथी तिमाही में कमाए 5580 करोड़
राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड इफको और एनएफएल के बाद देश की तीसरी सबसे बड़ी उर्वरक कंपनी है. आरसीएफ की की दो प्रमुख उत्पादन यूनिट एक मुंबई के ट्रॉम्बे और दूसरी रायगढ़ जिले के थाल में स्थित है. आरसीएफ का सालाना रेवेन्यू 18 हजार करोड़ से भी ज्यादा है. 2025-26 की चौथी तिमाही यानी जनवरी से मार्च में कंपनी का रेवेन्यू 5,580.57 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 186.72 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.