Retail Inflation: सब्जियों में कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई दर पर असर पड़ने लगा है. खासकर टमाटर और अदरक की कीमतों में तेज बढ़ोतरी ने तेलंगाना में खुदरा महंगाई बढ़ा दी है. राज्य में मई महीने के दौरान महंगाई अपने चरम पर पहुंच गई. टमाटर और अदरक की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण राज्य की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 6.15 फीसदी पहुंच गई, जो देश में सबसे अधिक रही. खासकर ग्रामीण इलाकों में महंगाई का असर ज्यादा देखने को मिला, जहां महंगाई दर 6.59 फीसदी दर्ज की गई. सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मई में टमाटर की कीमतों में करीब 80 फीसदी और अदरक की कीमतों में लगभग 29 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. वहीं, खाद्य तेल भी 18 फीसदी तक महंगा हो गया. रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम बढ़ने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है.
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, तेलंगाना में महंगाई का असर ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है. मई महीने में ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर 6.59 फीसदी रही, जबकि शहरी इलाकों में यह 5.62 फीसदी दर्ज की गई. इस तरह राज्य की कुल खुदरा महंगाई दर 6.15 फीसदी रही, जो राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है. अगर तुलना करें तो मई में देश की खुदरा महंगाई दर 3.93 फीसदी रही. इसमें ग्रामीण महंगाई 4.25 फीसदी और शहरी महंगाई 3.53 फीसदी दर्ज की गई. आंकड़े बताते हैं कि खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों का असर तेलंगाना में देश के कई अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा पड़ा है.
किस राज्य में कितनी रही महंगाई दर
खास बात यह है कि तेलंगाना की 6.15 फीसदी महंगाई दर तमिलनाडु (5.11 फीसदी), आंध्र प्रदेश (4.90 फीसदी), कर्नाटक (4.59 फीसदी) और ओडिशा (4.54 फीसदी) से भी अधिक रही. तेलंगाना में खाद्य महंगाई भी सबसे ज्यादा दर्ज की गई है. मई महीने में राज्य की फूड इंफ्लेशन दर 7.38 फीसदी रही. इसका असर स्थानीय बाजारों में साफ दिखाई दे रहा है. हैदराबाद में टमाटर करीब 40 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जबकि अदरक की कीमत 100 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गई है.
टमाटर और अदरक सबसे तेजी से महंगे होने वाले खाद्य उत्पाद
राष्ट्रीय स्तर पर भी टमाटर और अदरक सबसे तेजी से महंगे होने वाले खाद्य उत्पादों में शामिल रहे. मई में टमाटर की महंगाई दर 48.43 फीसदी और अदरक की 32.49 फीसदी दर्ज की गई. विशेषज्ञों का कहना है कि रसोई में रोज इस्तेमाल होने वाली सब्जियां और खाद्य तेल एक साथ महंगे होने से परिवारों के मासिक बजट पर सीधा असर पड़ रहा है. खासकर ग्रामीण इलाकों में लोगों पर महंगाई का दबाव अधिक महसूस किया जा रहा है.
LPG की कीमतों ने भी बढ़ाई महंगाई
उच्च मांग, कम आपूर्ति और कम उत्पादन जैसी वजहों से महंगाई बढ़ सकती है. इस पर हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर इकोनॉमिक्स एंड सोशल स्टडीज (CESS) के अर्थशास्त्र प्रोफेसर जाधव चक्रधर ने कहा कि तेलंगाना देश के उन राज्यों में शामिल है जहां प्रति व्यक्ति आय ज्यादा है. ऐसे में यहां मांग अधिक रहती है और जब आपूर्ति कम होती है तो कीमतों पर दबाव बढ़ता है, जिससे महंगाई बढ़ती है. उन्होंने यह भी कहा कि LPG की कीमतें भी महंगाई बढ़ाने में एक अहम कारण हैं.