महंगाई की मार.. आलू 5 रुपये किलो हुआ महंगा, प्याज-भिंडी की कीमतों में भी इजाफा

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर रांची की सब्जी मंडियों पर दिख रहा है. ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से आलू, प्याज, भिंडी और बैंगन समेत कई सब्जियों के दाम 5-10 रुपये तक बढ़ गए हैं. व्यापारियों के मुताबिक, आपूर्ति पर असर पड़ रहा है और आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं, जिससे घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 1 Jun, 2026 | 05:05 PM

Vegetable Price Hike: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी का असर अब झारखंड की राजधानी रांची में सब्जियों के दाम पर भी दिखने लगा है. व्यापारियों के मुताबिक, परिवहन लागत बढ़ने से आसपास के जिलों और पड़ोसी राज्यों से आने वाली सब्जियां महंगी हो रही हैं. इससे आम लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है. फिलहाल, मंडियों में आलू 5 रुपये महंगा होकर 20 रुपये किलो बिक रहा है. रांची की मंडियों में अधिकांश सब्जियां रामगढ़, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और हजारीबाग से आती हैं, जबकि कुछ मौसमी सब्जियां पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बिहार से भी मंगाई जाती हैं. व्यापारियों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से माल ढुलाई का खर्च बढ़ा है, जिसका असर सीधे खुदरा कीमतों पर पड़ रहा है.

स्थानीय बाजारों में सब्जियों के दाम पिछले कुछ दिनों में बढ़ गए हैं. आलू का भाव  15 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 20 रुपये हो गया है, जबकि प्याज 20 रुपये से बढ़कर 25 रुपये प्रति किलो बिक रहा है. इसी तरह पत्ता गोभी 25 रुपये से 30 रुपये, बीन्स 30 रुपये से 40 रुपये और बैंगन 40 रुपये से बढ़कर 50 रुपये प्रति किलो हो गया है.

ट्रांसपोर्ट का खर्च भी बढ़ गया

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, व्यापारियों का कहना है कि डीजल की कीमत  बढ़ने के बाद ट्रांसपोर्ट का खर्च भी बढ़ गया है. इसी कारण सब्जियां लाने वाले वाहनों का संचालन महंगा हो गया है, जिसका असर सीधे खुदरा बाजार में दामों पर पड़ रहा है. सब्जी व्यापारी शिव शंकर ने बताया कि परिवहन लागत बढ़ने से ही कीमतों में यह उछाल देखने को मिल रहा है.

बिगड़ा किचन का बजट

नागा बाबा खटल सब्जी मंडी के थोक व्यापारी मनीष कुमार ने कहा कि बढ़ती कीमतों को लेकर ग्राहकों में चिंता देखी जा रही है. उन्होंने कहा कि लोग अब पहले की तुलना में कम मात्रा में सब्जियां खरीद रहे हैं. भले ही दाम प्रति किलो ज्यादा न लगें, लेकिन इसका असर रोजमर्रा के घरेलू बजट पर साफ दिखाई दे रहा है. खरीदार छोटेलाल शाह ने भी इसी तरह की चिंता जताई. उन्होंने कहा कि व्यापारी और ग्राहक दोनों ही बढ़ती लागत से परेशान हैं. अगर ईंधन की कीमतें ऐसे ही बढ़ती रहीं, तो आने वाले हफ्तों में सब्जियों के दाम और भी बढ़ सकते हैं.

सब्जियों के दाम करीब 2 से 5 रुपये तक बढ़ गए

वहीं, महंगाई का असर तमिलनाडु में देखने को मिल रहा है. मदुरै जिले में हाल ही में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी  के बाद वस्तुओं के दामों में भी हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली है. बाजार में खाद्य पदार्थों और सब्जियों के दाम करीब 2 से 5 रुपये तक बढ़ गए हैं. व्यापारियों और बाजार सूत्रों के अनुसार, इससे लगभग 5 प्रतिशत तक कीमतों में असर पड़ा है. व्यापारियों का कहना है कि मदुरै में इस्तेमाल होने वाली 60 प्रतिशत से अधिक सब्जियां और खाद्य सामग्री आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों से मंगाई जाती हैं. ऐसे में डीजल और पेट्रोल की कीमत बढ़ने का सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ता है, जो अंत में खुदरा दामों में जुड़ जाता है.

 

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Published: 1 Jun, 2026 | 05:01 PM

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