Mango Farming: आम के बौर झड़ रहे हैं? तुरंत करें ये 5 काम, नहीं तो आधी फसल हो जाएगी बर्बाद!
Aam Ki Kheti: आम के पेड़ों में मंजर आना फसल का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है. इस समय कीट, फफूंद रोग और पोषण प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी है, वरना मंजर झड़ने और फल कम लगने की समस्या हो सकती है. सही कीटनाशक, फफूंदनाशक और हार्मोन प्रबंधन अपनाकर किसान बेहतर फल सेटिंग और अधिक उत्पादन पा सकते हैं.
Mango Farming Tips: आम के पेड़ों में मंजर या बौर आना किसानों के लिए बेहद अहम चरण होता है. यही वह समय है जब थोड़ी सी लापरवाही भविष्य की पैदावार को प्रभावित कर सकती है. ऐसे में अगर किसान इस दौरान कीट, रोग और पोषण प्रबंधन पर ध्यान न दें, तो मंजर झड़ने, फूल सूखने और फल कम लगने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं. इसलिए NHRDF के डॉ. रजनीश मिश्रा (संयुक्त निदेशक, बागवानी) सलाह देते हैं कि इस दौरान संतुलित कीटनाशक, फफूंदनाशक और हार्मोन प्रबंधन अपनाना जरूरी है, ताकि बेहतर फल सेटिंग सुनिश्चित हो सके.
कीट नियंत्रण: समय पर करें सही उपाय
मंजर निकलते ही आम के बागानों में हॉप्पर (मधुआ), मिली बग और थ्रिप्स जैसे कीटों का खतरा बढ़ जाता है. ये कीट फूलों और कोमल भागों का रस चूसते हैं, जिससे मंजर काला पड़ने लगता है और फल बनने की प्रक्रिया पर असर पड़ता है. बचाव के लिए एक्सपर्ट की सलाह अनुसार कीटनाशकों का छिड़काव सुबह या शाम के समय करना चाहिए. ध्यान रखें कि जब फूल पूरी तरह खिले हों, तब मधुमक्खियों की सक्रियता अधिक रहती है. डॉ. रजनीश मिश्रा के अनुसार ऐसे समय पर छिड़काव सावधानी से करें, क्योंकि अधिक रासायनिक दवाओं का उपयोग परागण प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है. संतुलित मात्रा में दवा का प्रयोग ही सुरक्षित और प्रभावी होता है.
फफूंद रोगों से सुरक्षा कैसे करें
मंजर के मौसम में पाउडरी मिल्ड्यू और एन्थ्रेक्नोज जैसे फफूंद रोग तेजी से फैलते हैं. यदि मंजर पर सफेद चूर्ण जैसा पदार्थ या काले धब्बे दिखाई दें, तो तुरंत एक्सपर्ट की सलाह अनुसार फफूंदनाशक का छिड़काव करना चाहिए. नमी अधिक होने पर इन रोगों का प्रकोप बढ़ जाता है. ऐसे में 10 से 15 दिन के अंतराल पर सुरक्षात्मक स्प्रे करना फायदेमंद रहता है. दवा की मात्रा और चयन कृषि विशेषज्ञ की सलाह से ही करें, ताकि नुकसान से बचा जा सके और मंजर सुरक्षित रहे.
मधुआ (हॉप्पर) का प्रकोप और बचाव
आम में बौर आने के समय मधुआ का हमला आम समस्या है. यह कीट मंजर का रस चूसकर उसे काला कर देता है और फल बनने की क्षमता घटा देता है. यदि समय पर नियंत्रण न किया जाए तो उत्पादन में भारी गिरावट हो सकती है. बचाव के लिए एक्सपर्ट की सलाह अनुसार मात्रा में इमीडाक्लोरोपिड का छिड़काव प्रभावी माना जाता है.
इसके अलावा एसीफेट आधारित दवा का भी उपयोग किया जा सकता है. छिड़काव हमेशा सुबह या शाम को करें और दवा की मात्रा विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही लें.
हार्मोन प्रबंधन से बढ़ेगी फल सेटिंग
कई बार मंजर आने के बाद फूल झड़ने लगते हैं, जिससे फल कम लगते हैं. ऐसी स्थिति में प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर या हार्मोन का संतुलित उपयोग मददगार साबित होता है. एनएए जैसे हार्मोन का निर्धारित मात्रा में छिड़काव करने से फूलों का झड़ना कम होता है और अधिक फल टिकते हैं. हालांकि मात्रा का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि अधिक मात्रा नुकसान भी पहुंचा सकती है. मंजर अवस्था में जिंक, बोरॉन और मैग्नीशियम जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों का फोलियर स्प्रे उत्पादन बढ़ाने में सहायक होता है. साथ ही सिंचाई का संतुलन बनाए रखें और जलभराव से बचें.
बाग की साफ-सफाई और नियमित निगरानी से रोग और कीटों पर नियंत्रण आसान हो जाता है. यदि किसान इस महत्वपूर्ण चरण में सही देखभाल करें, तो आम की फसल में बेहतर फल सेटिंग और उच्च उत्पादन सुनिश्चित किया जा सकता है.