घर की ये ‘राख’ बना देगी किसानों को अमीर! बिना खाद बढ़ेगी फसल की पैदावार, कीट होंगे खत्म

Ash Fertilizer Benefits: चूल्हे की राख किसानों के लिए बेहद उपयोगी प्राकृतिक खाद है, जिसमें कैल्शियम, पोटेशियम जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और पीएच संतुलित करने में मदद करती है. सही मात्रा और तरीके से उपयोग करने पर फसल की पैदावार बढ़ती है, खासकर सब्जी फसलों में. हालांकि, केवल लकड़ी या गोबर की राख का ही इस्तेमाल करना चाहिए.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 2 May, 2026 | 03:11 PM

Tips For Farmers: गांवों में अक्सर खाना बनाने के बाद बची राख को बेकार समझकर फेंक दिया जाता है, लेकिन असल में यही राख किसानों के लिए किसी खजाने से कम नहीं है. सही जानकारी और उपयोग के साथ यह राख मिट्टी की सेहत सुधारने और फसल की पैदावार बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार बताते हैं कि, यह एक सस्ता और असरदार प्राकृतिक विकल्प है, जिससे किसान बिना ज्यादा खर्च के बेहतर उत्पादन हासिल कर सकते हैं.

राख में छुपे हैं जरूरी पोषक तत्व

राख में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो पौधों के विकास के लिए बेहद जरूरी होते हैं. इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और पोटेशियम जैसे मुख्य तत्व मौजूद होते हैं. इसके अलावा आयरन, जिंक और कॉपर जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व भी इसमें पाए जाते हैं. ये सभी तत्व मिलकर मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाते हैं और पौधों की ग्रोथ को मजबूत बनाते हैं.

मिट्टी के पीएच को करता है संतुलित

अगर खेत की मिट्टी ज्यादा अम्लीय (एसिडिक) है, तो राख उसका संतुलन बनाए रखने में मदद करती है. राख का उपयोग करने से मिट्टी का पीएच स्तर नियंत्रित होता है, जिससे पौधे पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाते हैं. इसका सीधा असर फसल की गुणवत्ता और उत्पादन पर पड़ता है.

खेत में राख इस्तेमाल करने का सही तरीका

राख का सही तरीके से इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है, तभी इसका पूरा फायदा मिलता है. जुताई के बाद किसान प्रति एकड़ 1 से 2 क्विंटल राख को गोबर की खाद के साथ मिलाकर खेत में डाल सकते हैं. इससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है और फसल का उत्पादन बढ़ता है. खड़ी फसल में भी राख का उपयोग किया जा सकता है. इसके लिए 200 लीटर पानी में 20 किलो राख और 15-20 किलो गोमूत्र मिलाकर लगभग 7 दिन तक रख दें. इसके बाद इस घोल का छिड़काव करने से पौधों को पोषण मिलता है और फसल तेजी से बढ़ती है.

सब्जी फसलों के लिए खास फायदेमंद

राख का इस्तेमाल सब्जी वाली फसलों में काफी फायदेमंद होता है. खासकर टमाटर, गोभी और ब्रोकली जैसी फसलों के लिए यह ज्यादा असरदार मानी जाती है, क्योंकि इन पौधों को कैल्शियम और पोटेशियम की जरूरत ज्यादा होती है. राख डालने से पौधे मजबूत बनते हैं और पैदावार भी बढ़ती है. इसके अलावा, अगर पौधों के आसपास हल्की राख छिड़क दी जाए, तो सफेद मक्खी जैसे कीड़े भी कम लगते हैं, जिससे फसल सुरक्षित रहती है.

राख इस्तेमाल करते समय जरूरी सावधानियां

राख का इस्तेमाल करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:

  • सिर्फ लकड़ी या गोबर से बनी राख का ही उपयोग करें
  • प्लास्टिक या रबर जलाकर बनी राख का इस्तेमाल न करें
  • राख को छानकर बारीक कर लें, ताकि बेहतर परिणाम मिल सकें

इन सावधानियों को अपनाने से मिट्टी और फसल दोनों सुरक्षित रहते हैं.

राख एक ऐसी चीज है, जिसे सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो किसान अपनी खेती में अच्छा फायदा ले सकते हैं. यह मिट्टी को ताकत देती है, जिससे फसल अच्छी होती है और उत्पादन भी बढ़ता है. सबसे अच्छी बात ये है कि यह सस्ता और आसान तरीका है, जिसे अपनाकर किसान कम खर्च में ज्यादा कमाई कर सकते हैं.

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