क्या आप भी फेंक देते हैं लकड़ी की राख? ये जादुई नुस्खा आपकी बंजर मिट्टी को भी बना देगा बेशकीमती

लकड़ी की राख को अब बेकार समझना छोड़ दें. पोटैशियम और कैल्शियम से भरपूर यह प्राकृतिक खाद मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और पौधों की पैदावार बढ़ाने में रामबाण साबित हो रही है. बिना किसी केमिकल के अपने किचन गार्डन को हरा-भरा रखने का यह सबसे सस्ता और असरदार तरीका है, जो मिट्टी और पर्यावरण दोनों के लिए सुरक्षित है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 17 Jan, 2026 | 01:00 PM

Organic Gardening Tips: अक्सर हम अपने घरों में चूल्हा जलाने या सर्दियों में आग तापने के बाद बची हुई राख को कूड़ा समझकर फेंक देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिसे आप कचरा समझ रहे हैं, वह आपके पौधों के लिए किसी कीमती खाद से कम नहीं है? लकड़ी की राख पौधों के लिए एक बेहतरीन ‘प्राकृतिक टॉनिक’ का काम करती है. आजकल के दौर में जब हर कोई अपने किचन गार्डन में ताजी और जैविक सब्जियां उगाना चाहता है, तब यह मुफ्त की राख बाजार में मिलने वाली महंगी रासायनिक खादों को मात दे सकती है. अगर आप भी अपने गार्डन या खेत को कम खर्चे में लहलहाता हुआ देखना चाहते हैं, तो राख का यह देसी जुगाड़ आपकी किस्मत बदल सकता है.

राख नहीं, पोषक तत्वों का खजाना है यह

लकड़ी की राख  में पोटैशियम, फॉस्फोरस और कैल्शियम जैसे जरूरी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. ये वही तत्व हैं जिन्हें खरीदने के लिए किसान बाजार में भारी पैसा खर्च करते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो राख पूरी तरह से प्राकृतिक और इको-फ्रेंडली होती है. इसमें मौजूद कैल्शियम मिट्टी की अम्लता (Acidity) को संतुलित करता है, जिससे पौधों की जड़ों को सांस लेने और फैलने में मदद मिलती है. जब जड़ें मजबूत होती हैं, तो पौधा अपने आप तेजी से बढ़ता है और उस पर लगने वाले फल और सब्जियां बड़े और चमकदार होते हैं.

पौधों को कीटों और रोगों से बचाती है एक चुटकी राख

राख सिर्फ पोषण ही नहीं देती, बल्कि यह एक सुरक्षा कवच की तरह भी काम करती है. अक्सर छोटे पौधों पर कीड़े  या फफूंद (Fungus) लग जाते हैं, जो पूरी मेहनत पर पानी फेर देते हैं. ऐसे में अगर आप पत्तियों पर हल्की राख का छिड़काव करते हैं, तो कई तरह के कीट पौधों से दूर रहते हैं. यह मिट्टी में मौजूद हानिकारक जीवाणुओं को भी खत्म करती है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता, इसलिए आपकी सब्जियां और फल पूरी तरह से शुद्ध और केमिकल मुक्त रहते हैं.

इस्तेमाल का सही तरीका-सीधा जड़ में न डालें

राख का उपयोग करते समय एक छोटी सी सावधानी बहुत जरूरी है. जानकारों के अनुसार, राख को कभी भी सीधे पौधे के तने या जड़ के पास ढेर बनाकर नहीं डालना चाहिए. इसका सही तरीका यह है कि आप इसे मिट्टी में अच्छी तरह मिला लें. आप गमले या क्यारी की ऊपरी मिट्टी को थोड़ा खोदकर उसमें राख मिलाएं और फिर हल्का पानी छिड़क दें. इससे राख धीरे-धीरे घुलकर गहराई तक जाएगी और पौधों को अंदर से मजबूती  देगी.

कितनी मात्रा है पर्याप्त? संतुलन का रखें ध्यान

किसी भी चीज की अति नुकसानदेह हो सकती है, और यही नियम राख पर भी लागू होता है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, छोटे पौधों के लिए एक चम्मच और बड़े पौधों के लिए दो चम्मच राख काफी होती है. इसे महीने में केवल दो बार (हर 15 दिन में एक बार) इस्तेमाल करना सबसे अच्छा माना जाता है. अगर आपके घर में राख नहीं है, तो इसे आप आसपास से आसानी से जुटा सकते हैं. कम लागत और जबरदस्त फायदे वाला यह नुस्खा आपके घर के बगीचे को किसी प्रोफेशनल नर्सरी  जैसा हरा-भरा बना देगा.

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Published: 17 Jan, 2026 | 01:00 PM

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