Crop Protection Tips: खेती-किसानी में किसान की सबसे बड़ी दुश्मन अक्सर कुदरत की नाराजगी बन जाती है. महीनों की खून-पसीने की मेहनत जब खेतों में लहलहाने लगती है, तभी अचानक चलने वाली तेज और सर्द हवाएं पूरी उम्मीदों पर पानी फेर देती हैं. ये हवाएं न केवल फसल को जमीन पर बिछा देती हैं, बल्कि उनमें नमी की कमी और बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देती हैं. एक किसान के लिए फसल का गिरना सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि उसके सपनों का टूटना है.
लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, अगर हम मौसम के मिजाज को समझकर पहले से तैयारी कर लें, तो अपनी फसल को फौलाद की तरह मजबूत बना सकते हैं. कुछ छोटे और स्मार्ट तरीके अपनाकर आप तेज हवाओं के कहर से अपनी मेहनत को बचा सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे करें अपनी खड़ी फसल की सुरक्षा.
सिंचाई का सही समय
तेज हवाओं के दौरान सबसे बड़ी गलती सिंचाई करना होती है. विशेषज्ञों का कहना है कि जब हवा तेज चल रही हो, तब सिंचाई बिल्कुल न करें, क्योंकि गीली मिट्टी में पौधों की पकड़ ढीली हो जाती है और फसल तुरंत गिर जाती है. हमेशा हवा कम होने पर शाम के समय हल्की सिंचाई करें. इससे खेत में नमी बनी रहती है और तापमान भी स्थिर रहता है. अगर फसल छोटी है या नर्सरी है, तो उसे बचाने के लिए पुआल या प्लास्टिक टनल (मल्चिंग) का इस्तेमाल करें, ताकि सीधी हवा पौधों को चोट न पहुंचाए.
रसायनों का सुरक्षा कवच- सल्फर और यूरिया का जादू
फसल को अंदर से मजबूत बनाने के लिए कुछ खास रसायनों का छिड़काव रामबाण साबित होता है. घुलनशील सल्फर (2 ग्राम प्रति लीटर पानी) का छिड़काव करने से फसल की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और उसे अंदरूनी गर्मी मिलती है. इसके अलावा, यूरिया या थायोयूरिया का हल्का घोल बनाकर छिड़काव करने से भी पौधों को मजबूती मिलती है. यह छिड़काव फसल को मौसम के तनाव (Stress) से लड़ने की ताकत देता है, जिससे विपरीत परिस्थितियों में भी फसल डटकर खड़ी रहती है.
खेत की मेड़ पर लगाएं पेड़ों की दीवार
यह एक दीर्घकालिक और बेहद प्रभावी उपाय है. अपने खेत की मेड़ों पर शीशम, बबूल या जामुन जैसे ऊंचे और मजबूत पेड़ लगाएं. ये पेड़ एक वायु-अवरोधक (Windbreak) की तरह काम करते हैं और खेत के अंदर आने वाली तेज हवा की रफ्तार को काफी कम कर देते हैं. इसके अलावा, बुवाई के समय जीरो टिलेज तकनीक अपनाना भी फायदेमंद है. बिना जुताई वाली बुवाई से मिट्टी का ढांचा मजबूत रहता है और पौधों की जड़ें गहराई तक जाकर जमीन को मजबूती से पकड़ लेती हैं.
पहले से रहें सावधान
आज का दौर तकनीक का है. अब आप मोबाइल पर ही आने वाले 4-5 दिनों के मौसम का पूर्वानुमान देख सकते हैं. सरकार और मौसम विभाग एआई (AI) और आधुनिक उपग्रहों के जरिए सटीक जानकारी देते हैं. अगर तेज हवा या बारिश की आशंका हो, तो खाद डालने या स्प्रे करने का काम टाल दें. इसके साथ ही, खेत में ज्यादा नाइट्रोजन (यूरिया) डालने से बचें, क्योंकि इससे पौधा तेजी से लंबा और कमजोर हो जाता है, जो हवा के हल्के झोंके से भी गिर सकता है.