सरकार ने कंपनियों को तुरंत तंबाकू खरीद शुरू करने का दिया निर्देश, 200 रुपये किलो होगा रेट

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तंबाकू कंपनियों को किसानों से तुरंत खरीद शुरू करने का निर्देश दिया है. उन्होंने 200 रुपये प्रति किलो से कम कीमत नहीं देने की बात कही और खरीद में देरी पर कार्रवाई की चेतावनी दी. राज्य में 4.65 करोड़ किलो तंबाकू अब भी बिना बिके पड़ा है.

नोएडा | Updated On: 10 Jul, 2026 | 09:55 AM

Tobacco Purchase: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तंबाकू खरीदने वाली कंपनियों को तुरंत किसानों से खरीद शुरू करने का निर्देश दिया है. राज्य में बड़ी मात्रा में तंबाकू किसानों के पास बिना बिके पड़ा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि किसानों को तंबाकू का कम से कम 200 रुपये प्रति किलो का दाम मिलना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों को उचित कीमत नहीं मिली तो वे तंबाकू की खेती छोड़कर दूसरी फसलों की ओर रुख कर सकते हैं. इससे भविष्य में तंबाकू उत्पादन प्रभावित हो सकता है.

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने तंबाकू बोर्ड  के कामकाज पर भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि जहां कर्नाटक में फ्लू-क्योर्ड वर्जीनिया (FCV) तंबाकू की खरीद और बाजार की स्थिति सामान्य है, वहीं आंध्र प्रदेश में किसानों से पर्याप्त खरीद नहीं हो रही है. उन्होंने अधिकारियों और कंपनियों से जल्द से जल्द खरीद बढ़ाने और किसानों को राहत देने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा.

देरी करने वाली कंपनियों को कड़ी चेतावनी

बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक,  मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तंबाकू खरीद में  देरी करने वाली कंपनियों को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि जिन कंपनियों ने किसानों से तंबाकू खरीदने का वादा किया है, उन्हें हर हाल में उसे पूरा करना होगा. ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने 28 कंपनियों की खरीद प्रतिबद्धताओं की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने खास तौर पर ITC, Godfrey Phillips India और VST Industries जैसी बड़ी कंपनियों की धीमी खरीद पर नाराजगी जताई.

14.20 करोड़ किलो तंबाकू का उत्पादन

सरकार के अनुसार, कंपनियों ने कुल 9.55 करोड़ किलो तंबाकू खरीदने की प्रतिबद्धता जताई थी, जबकि किसानों ने इस बार 14.20 करोड़ किलो तंबाकू का उत्पादन किया. यानी करीब 4.65 करोड़ किलो तंबाकू अब भी बिना बिके पड़ा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. बैठक में तंबाकू खरीदने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस बार किसानों ने बाजार की मांग से ज्यादा तंबाकू की खेती की है. वहीं, तंबाकू के निर्यात में गिरावट आने से भी खरीद प्रभावित हुई है.

जरूरत से अधिक तंबाकू की खरीद

कंपनियों का कहना है कि उन्होंने अपनी वास्तविक जरूरत से अधिक तंबाकू की खरीद पहले ही कर ली है. हालांकि, उन्होंने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि किसानों को राहत देने के लिए खरीद प्रक्रिया आगे भी जारी रखी जाएगी, ताकि अतिरिक्त उत्पादन की समस्या को कम किया जा सके. अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि तंबाकू के लिए खुला बाजार (ओपन मार्केट) नहीं होने की वजह से भी किसानों को अपनी उपज बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

Published: 10 Jul, 2026 | 07:27 AM

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