केंद्र सरकार ने असम में बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए कृषि उन्नति योजना और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत 832.70 करोड़ का राहत पैकेज मंजूर किया है. यह राशि किसानों को कृषि विकास पर खर्च होगी. वहीं, राज्य सरकार बाढ़ से फसलों के नुकसान के लिए किसानों को मुआवजा देने का ऐलान किया है. इसके लिए कृषि विभाग, उद्यान विभाग के साथ ही रेवेन्यू विभाग नुकसान आकलन के बाद फाइनल रिपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में है.
नई दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर राज्य में बाढ़ से उत्पन्न हालात और प्रभावित लोगों की स्थिति पर चर्चा की. बैठक में बाढ़ प्रभावित परिवारों, किसानों और चाय बागान श्रमिकों को राहत एवं सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए.
पक्के आवास योजना के लिए 5 हजार करोड़
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि संकट की इस घड़ी में वह पूरी संवेदनशीलता के साथ असम की जनता के साथ खड़ी है. बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत करीब 5,000 करोड़ रुपये की आवासीय स्वीकृतियां दी गई हैं. साथ ही सर्वे की अवधि 15 दिन बढ़ा दी गई है, ताकि कोई भी पात्र परिवार सरकारी सहायता से वंचित न रह जाए.
चाय बागान श्रमिकों के पात्र परिवारों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने का निर्णय लिया गया है. जिन परिवारों को भूमि का पट्टा मिल चुका है, उनका डिजिटल सर्वे कराकर उन्हें आवास योजना से जोड़ा जाएगा. इससे लंबे समय से आवास की जरूरत झेल रहे चाय बागान श्रमिक परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
किसानों से जुड़ी 3 योजनाओं के लिए पैकेज मंजूर
बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए भी केंद्र ने आर्थिक सहायता और कृषि योजनाओं को मंजूरी दी है. कृषि उन्नति योजना एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत 832.70 करोड़ रुपये की कार्ययोजना स्वीकृत की गई है. इसके अलावा कृषि मशीनीकरण के लिए 33.36 करोड़ रुपये और एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के तहत 96.87 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई है.
केंद्र के इन फैसलों से असम के बाढ़ प्रभावित परिवारों और किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है. आवास, कृषि मशीनीकरण, बागवानी और कृषि क्षेत्र में सहायता के लिए स्वीकृत राशि का उद्देश्य बाढ़ से हुए नुकसान के बाद लोगों को दोबारा खड़ा करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करना है.