गोभी की फसल को कंकाल बना रहा खतरनाक कीट, नीम तेल और सरसों से करें बचाव
गोभी की खेती पर डायमंड बैक मोथ का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे किसानों की फसल को भारी नुकसान हो सकता है. समय पर खेत की निगरानी, सरसों की ट्रैप फसल और नीम तेल का छिड़काव अपनाकर किसान अपनी गोभी की फसल को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं.
Cabbage Farming: गोभी की खेती करने वाले किसानों के लिए इन दिनों एक छोटा सा कीट बड़ी मुसीबत बन गया है. खेत में हरी-भरी गोभी कुछ ही दिनों में छलनी पत्तियों और सूखे ढांचे में बदल रही है. किसान इसे देखकर हैरान और परेशान हैं. यह नुकसान डायमंड बैक मोथ नाम के कीट से हो रहा है, जो फूलगोभी की फसल को तेजी से चट कर रहा है. अगर समय रहते इस पर काबू नहीं पाया गया, तो पैदावार 80 से 90 प्रतिशत तक घट सकती है.
डायमंड बैक मोथ क्यों बन रहा है बड़ा खतरा
डायमंड बैक मोथ एक ऐसा कीट है, जो मौसम में बदलाव के साथ तेजी से फैलता है. हल्की गर्मी और तापमान में उतार-चढ़ाव इसके लिए सबसे अनुकूल होता है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह कीट लार्वा अवस्था में सबसे ज्यादा नुकसान करता है. इसके लार्वा गोभी की कोमल पत्तियों को खा जाते हैं और उनमें छोटे-छोटे छेद कर देते हैं. धीरे-धीरे पूरी पत्ती नष्ट हो जाती है और पौधा सिर्फ कंकाल जैसा रह जाता है. इससे पौधे की बढ़वार रुक जाती है और फसल बर्बादी की कगार पर पहुंच जाती है.
खेत की निगरानी है सबसे जरूरी कदम
किसानों के लिए सबसे अहम बात है नियमित निगरानी. जैसे ही पत्तियों पर छेद, सफेद धब्बे या लार्वा दिखाई दें, तुरंत सावधान हो जाना चाहिए. मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर इस कीट को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है. अगर किसान लापरवाही बरतते हैं, तो यह कीट कुछ ही दिनों में पूरे खेत में फैल सकता है और पूरी फसल को नुकसान पहुंचा सकता है.
सरसों बनेगी गोभी की ढाल, ट्रैप क्रॉप तकनीक कारगर
डायमंड बैक मोथ से बचाव के लिए ट्रैप क्रॉप तकनीक को बेहद असरदार माना गया है. इसके तहत किसान फूलगोभी की हर तीन कतारों के बाद एक कतार सरसों की बोनी करें. यह कीट सरसों की ओर ज्यादा आकर्षित होता है, जिससे वह मुख्य गोभी की फसल पर कम हमला करता है. इस तरीके से बिना ज्यादा खर्च के गोभी की फसल को काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है.
नीम का तेल और सही दवाओं से मिलेगा नियंत्रण
जैविक उपाय के रूप में 4 प्रतिशत नीम तेल का घोल बनाकर छिड़काव करना काफी फायदेमंद बताया गया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नीम का तेल कीटों की बढ़त को रोकता है और 10 से 15 दिनों में इनके असर को काफी कम कर देता है. अगर प्रकोप ज्यादा हो जाए, तो सीमित मात्रा में और सही समय पर कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके साथ खेत की साफ-सफाई, संक्रमित पत्तियों को हटाना और समय पर छिड़काव करने से गोभी की फसल को 90 प्रतिशत तक सुरक्षित रखा जा सकता है.