DAP, TSP या SSP… किस फसल के लिए कौन-सी खाद है बेहतर? जानें तीनों में क्या है अंतर

Fertilizer Comparison: DAP, TSP और SSP तीनों फॉस्फोरस देने वाली खाद हैं, लेकिन इनके पोषक तत्व और उपयोग अलग-अलग हैं. DAP में फॉस्फोरस के साथ नाइट्रोजन, TSP में केवल फॉस्फोरस, जबकि SSP में फॉस्फोरस के साथ सल्फर और कैल्शियम भी होता है. इसलिए खाद का चयन हमेशा मिट्टी की जांच और फसल की जरूरत के अनुसार करना चाहिए.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 12 Jul, 2026 | 06:00 AM

DAP vs TSP vs SSP: अच्छी फसल सिर्फ अच्छे बीज से नहीं, बल्कि सही खाद के इस्तेमाल से भी मिलती है. कई किसान खेत में फॉस्फोरस की कमी पूरी करने के लिए DAP, TSP और SSP का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन अक्सर यह समझ नहीं आता कि इन तीनों खादों में क्या अंतर है और किस स्थिति में कौन-सी खाद का उपयोग करना चाहिए.

उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के अनुसार, तीनों खादें फॉस्फोरस उपलब्ध कराती हैं, लेकिन इनमें मौजूद पोषक तत्व, इस्तेमाल का तरीका और फसल पर असर अलग-अलग होता है. अगर किसान अपनी मिट्टी और फसल की जरूरत के हिसाब से सही खाद चुनें, तो उत्पादन बढ़ने के साथ लागत भी कम हो सकती है.

DAP क्या है और कब करें इसका उपयोग?

DAP यानी डाय-अमोनियम फॉस्फेट देश में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली फॉस्फेट वाली खादों में से एक है. इसमें फॉस्फोरस के साथ-साथ नाइट्रोजन भी मौजूद होता है.

DAP में क्या होता है?

  • फॉस्फोरस (P₂O₅) – 46 फीसदी
  • नाइट्रोजन (N) – 18 फीसदी
  • सल्फर (S) – 0 फीसदी
  • कैल्शियम (Ca) – 0 फीसदी

यह खाद पौधों की शुरुआती बढ़वार, जड़ों के विकास और हरी पत्तियों के बेहतर विकास में मदद करती है. जिन खेतों में नाइट्रोजन और फॉस्फोरस दोनों की जरूरत हो, वहां DAP अच्छा विकल्प माना जाता है.

TSP क्या है और इसकी खासियत क्या है?

TSP यानी ट्रिपल सुपर फॉस्फेट ऐसी खाद है जिसमें केवल फॉस्फोरस अधिक मात्रा में होता है. इसमें नाइट्रोजन नहीं होता.

TSP में क्या होता है?

फॉस्फोरस (P₂O₅) – 46 फीसदी
नाइट्रोजन (N) – 0 फीसदी
सल्फर (S) – 0 फीसदी
कैल्शियम (Ca) – 15-17 फीसदी

अगर खेत में केवल फॉस्फोरस की कमी है और नाइट्रोजन अलग से देनी है, तो TSP बेहतर विकल्प हो सकता है. यह फसल की मजबूत जड़ें बनाने और शुरुआती विकास में मदद करता है.

SSP क्या है और किन खेतों के लिए है फायदेमंद?

SSP यानी सिंगल सुपर फॉस्फेट ऐसी खाद है जो फॉस्फोरस के साथ-साथ सल्फर और कैल्शियम भी उपलब्ध कराती है.

SSP में क्या होता है?

फॉस्फोरस (P₂O₅) – 16 फीसदी
नाइट्रोजन (N) – 0 फीसदी
सल्फर (S) – 11 फीसदी
कैल्शियम (Ca) – 19-21 फीसदी

यह खाद उन खेतों के लिए ज्यादा उपयोगी मानी जाती है जहां सल्फर और कैल्शियम की कमी हो. खासतौर पर तिलहन, दलहन और सब्जियों की खेती में SSP का इस्तेमाल काफी लाभदायक माना जाता है.

तीनों खादों में क्या है सबसे बड़ा अंतर?

खाद मुख्य पोषक तत्व कब करें इस्तेमाल?
DAP फॉस्फोरस + नाइट्रोजन जब फसल को दोनों पोषक तत्वों की जरूरत हो
TSP केवल फॉस्फोरस जब सिर्फ फॉस्फोरस देना हो
SSP फॉस्फोरस + सल्फर + कैल्शियम जब खेत में सल्फर और कैल्शियम की कमी हो

कौन-सी खाद है ज्यादा फायदेमंद?

इस सवाल का कोई एक जवाब नहीं है. कौन-सी खाद बेहतर रहेगी, यह आपकी मिट्टी की जांच (Soil Test) और फसल की जरूरत पर निर्भर करता है. अगर खेत में नाइट्रोजन की भी जरूरत है, तो DAP बेहतर विकल्प हो सकता है. यदि केवल फॉस्फोरस की कमी है, तो TSP का इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं जिन खेतों में सल्फर और कैल्शियम की कमी है, वहां SSP ज्यादा फायदेमंद साबित होती है.

खाद डालने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

विशेषज्ञों का कहना है कि बिना मिट्टी की जांच किए खाद का उपयोग नहीं करना चाहिए. जरूरत से ज्यादा या गलत खाद डालने से उत्पादन बढ़ने के बजाय लागत बढ़ सकती है और मिट्टी की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है. इसलिए हर किसान को सलाह दी जाती है कि पहले मिट्टी की जांच कराएं और उसी के अनुसार DAP, TSP या SSP का चयन करें. सही खाद का सही समय पर और सही मात्रा में उपयोग करने से फसल की पैदावार बेहतर होती है, मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और खेती अधिक लाभदायक बनती है.

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Published: 12 Jul, 2026 | 06:00 AM

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