Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के दशहरा मैदान में आयोजित तीन दिवसीय ‘उन्नत कृषि महोत्सव’ की शुरुआत शनिवार से हो गई. पहले दिन ही मेले में किसानों की भारी जुटान हुई. कृषि वैज्ञानिकों और इस क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने किसानों को नई तीकनीकों और खेती की आधुनिक पद्धति के बारे में जानकारी दी. कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वे खुद एक किसान परिवार से आते हैं और गांव में पले-बढ़े हैं, इसलिए किसानों की मेहनत और संघर्ष को अच्छी तरह समझते हैं. इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का जिक्र करते हुए बड़ी जानकारी दी.
उन्होंने विश्वास दिया कि रायसेन में आयोजित यह उन्नत कृषि महोत्सव किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है. उन्होंने कार्यक्रम के आयोजक केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की सराहना भी की और कहा कि किसानों के हित में ऐसा केंद्रित आयोजन बहुत सराहनीय है. राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा किसानों को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हैं, और यह बात पिछले वर्षों में हुए कामों से साबित भी हुई है.
रायसेन (मध्य प्रदेश) में आयोजित ‘कृषि महोत्सव’ में संबोधन। https://t.co/7SzFp1mugo
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— Rajnath Singh (@rajnathsingh) April 11, 2026
पीएम किसान को लेकर दिया बड़ा बयान
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का जिक्र करते हुए कहा कि पहले किसानों के नाम पर मिलने वाला पैसा बीच में ही कुछ लोगों तक पहुंच जाता था, लेकिन अब व्यवस्था बदल गई है. अब दिल्ली से जो भी राशि जारी होती है, वह बिना किसी बिचौलिये या कटौती के सीधे और पूरी तरह किसानों के बैंक खातों में पहुंचती है. उन्होंने कहा कि यह मदद कोई दान नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत और पसीने का सम्मान है, जिससे वे बीज, खाद और खेती से जुड़े जरूरी खर्च पूरे कर पाते हैं.
फसल बीमा योजना योजना से किसानों को लाभ
उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को किसानों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बताया. उनके अनुसार, अब ओलावृष्टि, बाढ़, सूखा या कीटों के नुकसान की स्थिति में किसानों को सीधे उनके खाते में मुआवजा मिल जाता है, जिससे वे मुश्किल समय में भी संभल पाते हैं. इसके साथ ही उन्होंने मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का भी उल्लेख किया और कहा कि अब किसान अपनी मिट्टी की जांच के आधार पर सही मात्रा में खाद का उपयोग करते हैं, जिससे फसल उत्पादन बढ़ता है और लागत कम होती है.
किसानों से चलती है पूरी अर्थ व्यवस्था
रक्षा मंत्री ने कहा कि किसान सिर्फ अनाज नहीं उगाता, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था, रोजगार और उद्योगों को भी आगे बढ़ाता है. खेती और पशुपालन से शुरू होकर उद्योग और सेवाओं तक, हर क्षेत्र की नींव किसान की जमीन से जुड़ी होती है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब किसान गेहूं उगाता है, तो वह मंडी तक पहुंचता है, फिर आटा मिलों में प्रोसेस होकर बिस्कुट और ब्रेड जैसी फैक्ट्रियों में जाता है. वहां मजदूर और मशीनें काम करती हैं, उसके बाद पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट और दुकानों के जरिए यह उत्पाद लोगों तक पहुंचता है. अगर किसान गेहूं न उगाए, तो यह पूरी व्यवस्था ही प्रभावित हो जाएगी.
युवाओं से तकनीक की मदद से खेती करने की अपील
उन्होंने कहा कि इसलिए किसान को अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहना बिल्कुल सही है. सरकार खेती को सम्मान का विषय बनाने और किसानों को सम्मान के साथ बेहतर जीवन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ड्रोन, सेंसर, मोबाइल तकनीक, स्मार्ट फार्मिंग, बिना मिट्टी की खेती, संरक्षित खेती, बागवानी और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप और नए आइडिया के साथ कृषि से जुड़ें. उन्होंने कहा कि खेती में बहुत संभावनाएं हैं और जैसे-जैसे गांव का युवा इससे जुड़ेगा, वैसे-वैसे नई तकनीक और कमाई के नए रास्ते खुलेंगे.
श्री अन्न की खेती को दिया जा रहा बढ़ावा
उन्होंने यह भी बताया कि रक्षा मंत्रालय ने कैंटोनमेंट क्षेत्रों में आसपास के किसानों से ही जैविक सब्जियां और श्री अन्न (ज्वार, बाजरा, रागी) खरीदने की शुरुआत की है. इससे किसानों की आय बढ़ रही है और जवानों को ताजा व पौष्टिक भोजन मिल रहा है. इस तरह ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा एक नए और आधुनिक अर्थ के साथ और मजबूत हो रहा है.