प्याज की रोपाई में छोटी गलती भी कर सकती है नुकसान, जानिए सही दूरी और सिंचाई का तरीका
आलू की फसल के बाद प्याज की रोपाई किसानों के लिए अच्छा मौका बन सकती है. सही समय पर रोपाई, पौधों की दूरी और पानी का संतुलन बनाए रखने से फसल अच्छी होती है. थोड़ी सावधानी से किसान प्याज की खेती से बेहतर उत्पादन और कमाई हासिल कर सकते हैं.
Onion Farming: आलू की खुदाई के बाद खेत खाली हो गया है और अब बारी है प्याज की रोपाई की. लेकिन जरा सी लापरवाही पूरी मेहनत पर पानी फेर सकती है. कई किसान रोपाई के तुरंत बाद पौधों के सूखने की समस्या से परेशान हो जाते हैं. अगर सही समय, सही दूरी और सही देखभाल का ध्यान रखा जाए तो प्याज की फसल से अच्छी कमाई की जा सकती है. आइए जानते हैं आसान भाषा में प्याज की रोपाई का सही तरीका.
खेत की तैयारी ऐसे करें, तभी मिलेगा अच्छा रिजल्ट
प्याज की खेती मिट्टी की ताकत पर काफी हद तक निर्भर करती है. इसलिए सबसे पहले खेत की अच्छी तरह जुताई करें और मिट्टी को भुरभुरा बना लें. अगर खेत में पहले आलू की फसल रही है तो बची हुई जड़ों और कचरे को साफ कर दें. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्याज की रोपाई के लिए फरवरी का समय काफी बेहतर माना जाता है. प्याज सीधे बीज डालकर नहीं उगाई जाती, बल्कि पहले नर्सरी में छोटे पौधे तैयार किए जाते हैं. करीब 120 से 150 दिनों में फसल तैयार हो जाती है. खेत में सड़ी हुई गोबर की खाद या जैविक खाद मिलाने से मिट्टी की ताकत बढ़ती है और पौधे तेजी से बढ़ते हैं.
नर्सरी से पौधे उखाड़ते समय न करें ये गलती
अक्सर किसान नर्सरी से पौधे उखाड़कर देर तक खुले में रख देते हैं, जिससे जड़ें सूखने लगती हैं. यही सबसे बड़ी गलती है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पौधे उखाड़ते समय उनकी जड़ों में हल्की मिट्टी लगी रहनी चाहिए. इससे पौधा खेत में जल्दी पकड़ बना लेता है और सूखता नहीं है. ध्यान रखें कि पौधों को ज्यादा देर तक धूप में न छोड़ें. कोशिश करें कि उखाड़ने के तुरंत बाद ही रोपाई कर दी जाए. अगर पौधे सूख गए तो उनकी बढ़वार रुक जाती है और पैदावार कम हो जाती है.
सही दूरी और गहराई है जरूरी
अच्छी फसल के लिए पौधों के बीच सही दूरी रखना बहुत जरूरी है. एक पौधे से दूसरे पौधे के बीच कम से कम 10 इंच की दूरी रखें. इससे प्याज की गांठ को फैलने के लिए जगह मिलती है और उसका आकार बड़ा होता है. रोपाई करते समय पौधों को बहुत गहराई में न लगाएं. अगर ज्यादा गहरा गाड़ दिया तो जड़ों का विकास ठीक से नहीं होगा. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रोपाई शाम के समय करना ज्यादा फायदेमंद रहता है. रात की ठंडी नमी में पौधे आसानी से सेट हो जाते हैं और सूखने का खतरा कम हो जाता है.
पानी का सही प्रबंधन बचाएगा फसल
प्याज की फसल में पानी का संतुलन बहुत जरूरी है. खेत में पानी रुकना सबसे बड़ा दुश्मन है. अगर पानी जमा हो गया तो जड़ें सड़ने लगती हैं और पौधे खराब हो जाते हैं. इसलिए खेत में जल निकासी की सही व्यवस्था रखें. रोपाई के बाद हल्की सिंचाई जरूर करें ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे. लेकिन ज्यादा पानी देने से बचें. अगर मिट्टी ज्यादा रेतीली या सख्त है तो उसमें जैविक खाद मिलाएं, इससे पानी रोकने की क्षमता बढ़ती है और पौधों को पोषण मिलता है.