Beans Farming Tips: जायद सीजन सब्जी उगाने वाले किसानों के लिए कमाई बढ़ाने का एक सुनहरा मौका ले कर आता है. बीन्स की डिमांड घर की प्लेटों से लेकर बड़े-बड़े रेस्टोरेंट और होटलों में होती है. इसकी खेती करते समय किसान अगर कुछ बातों का ध्यान रखें तो कम लागत में डेढ़ से दो लाख तक का मुनाफा कमा सकते हैं. बीन्स एक फलीदार फसल है, यह बेलों पर उगती है. सब्जियों की मांग बढ़ने के साथ बीन्स की खेती किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है. बीन्स की फलियां मुलायम और हरी होती जिसका उपयोग घरों की रसोई से लेकर होटलों तक किया जा रहा हैं. बीन्स का इस्तेमाल खासकर चाइनीज डिशेज़ में होता है, यही वजह है कि बाजार में इसकी मांग सालभर बनी रहती है और किसान इससे अच्छा मुनाफा प्राप्त कर लेते हैं.
कम लागत में ज्यादा मुनाफा
कृषि जानकार बताते हैं कि बीन्स की खेती कम लागत में ज्यादा मुनाफा देती है. उनके अनुसार, एक एकड़ में करीब 70–80 हजार रुपये की लागत आती है, जबकि डेढ़ से दो लाख रुपये तक का मुनाफा आराम से मिल जाता है. ऐसे में किसान पारंपरिक खेती छोड़कर बीन्स उगा कर शानदार आय प्राप्त कर रहें है.
कैसे होती है बीन्स की खेती?
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि, बीन्स की खेती करना बेहद आसान है. सबसे पहले खेत की गहरी जुताई की जाती है. इसके बाद खेत में गोबर और वर्मी कम्पोस्ट मिलाकर बेड तैयार किए जाते हैं. बेड पर मल्चिंग शीट बिछाई जाती है, जिससे नमी बनी रहती है और पैदावार बढ़ती है. आमतौर पर सितंबर महीने में बीज बोए जाते हैं, लेकिन जायद सीजन में बुवाई की जा सकती है. पौधे निकलने के बाद पूरे खेत में बांस और डोरी का सहारा देकर बेलों को ऊपर चढ़ाया जाता है. इससे फलियां साफ और बिना रोग वाली बनती हैं. बीन्स सबसे तेजी से तैयार होने वाली सब्जियों में से एक है. विशेषज्ञ बताते हैं कि सिर्फ दो महीने में फलियां निकलना शुरू हो जाती हैं और लगातार 40–45 दिन तक तुड़ाई चलती है.
बीन्स की मार्केट वैल्यू
कुल मिलाकर बीन्स की फसल कम लागत और कम समय में तैयार हो जाती है बड़े रेस्टोरेंट, होटलों और चाइनीज फूड में लगातार बढ़ती खपत के कारण बीन्स की मार्केट वैल्यू तेजी से बढ़ी है. इसकी मांग साल भर बनी रहती है जिस कारण किसानों को बाजार की समस्या नही होती. किसान अगर चाहें तो कुछ आधुनिक तकनीकों को अपना कर पैदावार में दोगुनी बढ़ोतरी कर सकते हैं और अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं.