PM Modi Red Fort Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 15 अगस्त 2026 को लाल किले से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगे. इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ और विकसित भारत@2047 के निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका को समर्पित होगा. पहली बार लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ की विशेष प्रस्तुति होगी. राष्ट्रीय समारोह में श्रमिक, शिल्पकारों और महिला उद्यमियों की गूंज रहेगी. वहीं, पीएम मोदी अपने संबोधन में देश की अर्थव्यवस्था, युवा सोच, तकनीक आधारित कृषि विकास के साथ ही महिलाओं की आत्मनिर्भरता पर जोर रहेगा.
स्वतंत्रता दिवस समारोह के साक्षी बनेंगे 5000 विशेष अतिथि
प्रधानमंत्री मोदी के लाल किले पहुंचने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह उनका स्वागत करेंगे. इसके बाद दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल राजेश सेठी प्रधानमंत्री को सलामी मंच तक ले जाएंगे, जहां तीनों सेनाओं और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टुकड़ी उन्हें सामान्य सलामी देगी. प्रधानमंत्री इसके बाद गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करेंगे. इस बार के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तकरीबन 5000 विशेष अतिथि भी मौजूद रहेंगे.
भारतीय सेना करेगी स्वतंत्रता दिवस समारोह का समन्वय
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह के समन्वय की जिम्मेदारी भारतीय सेना को दी गई है. प्रधानमंत्री मोदी के गार्ड ऑफ ऑनर में सेना, नौसेना, वायुसेना और दिल्ली पुलिस से एक-एक अधिकारी तथा 24-24 जवान शामिल होंगे. गार्ड ऑफ ऑनर की कमान लेफ्टिनेंट कर्नल अर्जुन सिंह संभालेंगे. गार्ड ऑफ ऑनर के निरीक्षण के बाद प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर पर पहुंचेंगे. वहां चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन और थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ समेत शीर्ष सैन्य अधिकारी उनका स्वागत करेंगे. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे. कैप्टन सोनिया सिंह चौहान ध्वजारोहण में उनकी सहायता करेंगी.
श्रमिक, शिल्पकार और महिलाएं भी राष्ट्रीय समारोह में पहुंचीं
केंद्र सरकार हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर किसानों, ग्रामीण महिलाओं, उद्यमियों और समाज के विकास में अहम योगदान देने वाले लोगों को आमंत्रित करती है. इस बार भी प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के 100 लाभार्थियों को बुलाया गया है. इनमें पारंपरिक कार्यों जैसे बढ़ई, दर्जी, लोहार, सोनार आदि से जुड़े लोगों को शामिल किया गया है. इसके अलावा महिला शिल्पकारों और महिला उद्यमियों को भी आमंत्रण भेजा गया है.