उत्तराखंड के जलभराव वाली जमीनों का इस्तेमाल खेती के रूप में करने के लिए राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है. इसके तहत राज्य के जलभराव वाली जमीनों पर मखाना की खेती की जाएगी. राज्य के किसानों को बिहार से ट्रेनिंग दिलाई जाएगी और मखाना की खेती करने की तकनीक और तरीका सीखने का मौका मिलेगा. इसको लेकर राज्य के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय अधिकारियों को मखाना की खेती को तेजी शुरू कराने के निर्दश दिए हैं.
उत्तराखंड सरकार के अनुसार राज्य कृषि विभाग ने अपनी जलभराव वाली जमीनों का सही इस्तेमाल करने के उद्देश्य के तहत मखाना की खेती कराने पर मुहर लगा दी है. राज्य के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय अधिकारियों को किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में मखाना की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने पहल तेज कर दी है.
देहरादून में मखाना की खेती कर रही बिहार की निजी संस्था
उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि देहरादून में बिहार की एक निजी संस्था के प्रतिनिधिमंडल ने जोशी से मुलाकात के दौरान बताया कि उनकी संस्था लम्बे समय से मखाना उत्पादन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के क्षेत्र में कार्य रही है और हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना है. कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मखाना की खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही संस्थाओं के अनुभव का लाभ राज्य में लिया जाए.
बिहार के मखाना उत्पादक इलाकों का दौरा करेगी टीम
राज्य के कृषि मंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि बिहार के उन क्षेत्रों का दौरा किया जाए जहां मखाना का बेहतर उत्पादन हो रहा है, ताकि किसानों को आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन की जानकारी मिल सके. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित किया जाए ताकि प्रक्रिया में और तेजी लाई जा सके. राज्य सरकार जलभराव वाली भूमि का प्रभावी उपयोग कर किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है.

उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय अधिकारियों से किसानों के जरिए मखाना खेती कराने पर समीक्षा बैठक की.
मखाना की खेती पर 50 फीसदी अधिक सब्सिडी मिलेगी
राज्य सरकार के अनुसार उधम सिंह नगर, हरिद्वार और नैनीताल समेत अन्य इलाकों के कुछ निचले जलभराव वाली जमीनों को चिन्हित किया गया है, जहां पर मखाना उत्पादन शुरू किया जाएगा. शुरुआत में किसानों को ट्रेनिंग के साथ ही मखाना की खेती करने पर 50 फीसदी से अधिक सब्सिडी देने की भी तैयारी की गई है. बता दें किसानों को बिहार के मखाना उत्पादन इलाकों और संस्थाओं का दौरान कराया जाएगा और मखाना खेती की ट्रेनिंग भी दिलाई जानी है.