सरकार ने बढ़ाई प्रोत्साहन राशि, गन्ना-कपास की खेती करने पर अब मिलेंगे 2000 रुपये तक ज्यादा बोनस

कृषि और इससे जुड़े क्षेत्र हरियाणा की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा हैं और चालू वित्त वर्ष में राज्य की अर्थव्यवस्था में इनकी हिस्सेदारी 16.9 प्रतिशत रही है. सरकार का कहना है कि इन नई योजनाओं से किसानों और कृषि से जुड़े लोगों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 3 Mar, 2026 | 11:05 AM

Haryana Budget: हरियाणा की बीजेपी सरकार ने विधानसभा में बजट 2026 पेश किया. इस बार का बजट कृषि, पशुपलान और मछली पालन पर फोकस रहा. बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कृषि सेक्टर के लिए कई घोषणाएं कीं. लेकिन सबसे ज्यादा कपास और गन्ना किसान खुश हैं. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह सरकार किसानों की है. इसलिए हमारी पहली प्राथमिकता किसानों की तरक्की है. उन्होंने ऐलान किया कि मेरी सरकार ने धान की जगह दालें, तिलहन और कपास उगाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 2,000 रुपये का अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा की है. साथ ही राज्य सरकार ने कई योजनाएं के प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी की है. अब गन्ना की खेती करने पर 2000 रुपये ज्यादा प्रोत्साहन राशि मिलेगी. सरकार को उम्मीद है कि उसके इस फैसले से राज्य में धान के रकबे में गिरावट आएगी और किसान कपास, दलहन और तिलहन फसलों की तरफ रूख करेंगे. इससे भूजल स्तर में भी सुधार होगा.

कृषि बजट के लिए 8,320 करोड़ रुपये का प्रावधान

खास बात यह है कि मुख्यमंत्री ने किसानों को हरियाणा की अर्थव्यवस्था  और सामाजिक स्थिरता की रीढ़ बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने कृषि और संबद्ध सेवाओं के लिए 8,320 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान 7,651 करोड़ रुपये से अधिक है. बजट में कपास उत्पादन को बढ़ावा देने, फसल विविधीकरण, बागवानी, डेयरी, मत्स्य पालन और जैविक खेती को प्रोत्साहन देने जैसे कई कदम शामिल हैं.

धान की खेती न करने वाले किसानों को मिलेंग 8,000 रुपये

गौरतलब है कि कृषि और इससे जुड़े क्षेत्र हरियाणा की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा हैं और चालू वित्त वर्ष में राज्य की अर्थव्यवस्था में इनकी हिस्सेदारी 16.9 प्रतिशत रही है. सरकार का कहना है कि इन नई योजनाओं से किसानों और कृषि से जुड़े लोगों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी. मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि ‘मेरा पानी-मेरी विरासत योजना’ के तहत धान की खेती न करने वाले किसानों को 8,000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि पहले की तरह मिलती रहेगी. देसी कपास की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि 3,000 रुपये से बढ़ाकर 4,000 रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है. वहीं, पराली प्रबंधन  के लिए 1,200 रुपये प्रति एकड़ और डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) अपनाने पर 4,500 रुपये प्रति एकड़ की सब्सिडी जारी रहेगी.

गन्ना की खेती करने पर मिलेगी प्रोत्साहन राशि

सरकार हर जिले से कम से कम 100 किसानों को दूसरे राज्यों में आधुनिक खेती की तकनीक और नए बाजारों की जानकारी लेने के लिए भेजेगी. ‘शुगरकेन टेक्नोलॉजी मिशन’ के तहत चौड़ी कतार में गन्ना लगाने पर प्रोत्साहन राशि 3,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रति एकड़ की जाएगी. सिंगल-बड तकनीक से गन्ना रोपण पर भी 5,000 रुपये प्रति एकड़ मिलेंगे. सहकारी चीनी मिलें किसानों को हार्वेस्टर उपलब्ध कराएंगी ताकि मजदूरी खर्च कम हो, और टिश्यू कल्चर के पौधे मुफ्त दिए जाएंगे.

प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. एपीडा (APEDA) से प्रमाणित किसानों समेत सभी प्रमाणित जैविक किसानों को पांच साल तक हर साल 10,000 रुपये प्रति एकड़ की सहायता दी जाएगी. कृषि विभाग की करीब 800 एकड़ जमीन केवल उन किसानों को लीज पर दी जाएगी, जो कम से कम 10 साल तक जैविक खेती करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे. साथ ही, पंचायत की जमीन पर भी जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए अलग नीति लाई जाएगी.

जैविक उत्पादों के प्रमाणन की आधिकारिक संस्था बनाया जाएगा

हरियाणा राज्य बीज प्रमाणीकरण एजेंसी को जैविक उत्पादों के प्रमाणन की आधिकारिक संस्था बनाया जाएगा. प्राकृतिक और जैविक किसानों के लिए पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, चरखी दादरी और नारनौल में अलग से बाजार स्थल विकसित किए जाएंगे. इसके अलावा, एपीडा से मान्यता प्राप्त परीक्षण लैब और प्रमाणन केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि किसानों को बेहतर बाजार और निर्यात के अवसर मिल सकें.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 3 Mar, 2026 | 11:01 AM

तोरई की अच्छी पैदावार के लिए क्या जरूरी है?

लेटेस्ट न्यूज़

Haryana Budget Haryana Government Increased Incentive Amount Sugarcane Cotton Cultivation Bonus Increased

सरकार ने बढ़ाई प्रोत्साहन राशि, गन्ना-कपास की खेती करने पर अब मिलेंगे 2000 रुपये तक ज्यादा बोनस

Gulf Crisis Drives Up Pistachio Fig Raisin Prices In India Iran Port Closures Impact Dry Fruit Imports 2026

ईरानी शिपमेंट रुकी तो बढ़े पिस्ता के दाम, अंजीर-किशमिश भी महंगी, उपभोक्ताओं की जेब पर बढ़ेगा बोझ

Us Iran Conflict Halts Indian Onion Exports 150 Containers Stranded At Jnpt Mumbai Gulf Trade Disruption 2026

खाड़ी संकट से व्यापार पर बड़ा असर, मुंबई पोर्ट पर अटका 4,500 टन से ज्यादा प्याज… किसानों और निर्यातकों की बढ़ी चिंता

Us Iran War Disrupts Indian Basmati Exports 70000 Tonnes Stranded At Sea Gulf Market Shipping Crisis 2026

जंग की आग में झुलसा बासमती व्यापार, अमेरिका–ईरान टकराव के बीच 70 हजार टन चावल रास्ते में अटका

India Castor Production To Rise 11 Percent In Fy2025 26 Gujarat Rajasthan Lead Growth Higher Yield Better Monsoon

भारत में अरंडी उत्पादन में बड़ी छलांग, 2025-26 में 11 प्रतिशत बढ़ोतरी… गुजरात-राजस्थान सबसे आगे

West Asia Conflict Impact On Indian Tea Exports Shipping Disruptions Payment Delays Gulf Market Risk Hormuz Route Crisis

पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध से भारतीय चाय उद्योग पर गहराया संकट, खाड़ी देशों में 50 फीसदी तक निर्यात प्रभावित