Home Gardening: मार्च में करें ये खास तैयारी, गर्मियों में फूलों से लद जाएगी मधुमालती की बेल

मधुमालती की बेल को गर्मियों में भरपूर फूल देने के लिए मार्च में खास देखभाल जरूरी है. सही धूप, संतुलित खाद, हल्की छंटाई और सीमित पानी से पौधा तेजी से बढ़ता है. समय पर की गई तैयारी से पूरी बेल रंग-बिरंगे और खुशबूदार फूलों से भर सकती है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 5 Mar, 2026 | 10:26 PM

Rangoon Creeper: मधुमालती एक ऐसी खुशबूदार और तेजी से बढ़ने वाली बेल है, जो घर की बाउंड्री, गेट, दीवार या बालकनी को रंग-बिरंगे फूलों से सजा देती है. इसके गुच्छों में खिलने वाले फूल पहले सफेद होते हैं, फिर गुलाबी और बाद में लाल रंग में बदल जाते हैं. यही खासियत इसे और भी आकर्षक बनाती है. गर्मियों में अगर इसकी सही देखभाल की जाए तो यह पूरी तरह फूलों से भर जाती है और घर की सुंदरता कई गुना बढ़ा देती है.

मार्च का महीना क्यों है सबसे जरूरी

एफ.आर कोसरिया, उद्यान विभाग छत्तीसगढ़ के अनुसार मार्च का महीना मधुमालती के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है. इस समय मौसम बदल रहा होता है और पौधा नई बढ़वार के लिए तैयार रहता है. अगर इसी समय कटाई-छंटाई, खाद और मिट्टी  की सही तैयारी कर ली जाए तो गर्मियों में पौधा खूब फूल देता है. मार्च में की गई थोड़ी मेहनत पूरे सीजन में अच्छा परिणाम देती है. इसलिए इस महीने को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

धूप और सही जगह का रखें ध्यान

मधुमालती को अच्छी धूप की जरूरत होती है. अगर इसे रोज कम से कम पांच से छह घंटे सीधी धूप मिले तो फूल भरपूर आते हैं. छायादार जगह पर रखने से पत्तियां तो बढ़ती हैं, लेकिन फूल कम लगते हैं. इसलिए इसे ऐसी जगह लगाना चाहिए जहां खुली धूप आती हो, जैसे छत, आंगन या खुली बालकनी. साथ ही यह बेल तेजी से फैलती है, इसलिए इसे दीवार, जाली या किसी मजबूत सहारे के पास लगाना चाहिए, ताकि यह सही दिशा में बढ़ सके और सुंदर दिखाई दे.

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मार्च में सही देखभाल से भरपूर फूल पाएं.

मिट्टी, खाद और पानी का सही संतुलन

अच्छे फूलों के लिए मिट्टी भुरभुरी और पानी निकालने वाली होनी चाहिए. सामान्य मिट्टी में गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट और थोड़ी रेत मिलाकर लगाने से जड़ें मजबूत बनती हैं. मार्च में संतुलित खाद डालना जरूरी है. जैविक खाद या संतुलित NPK खाद का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन ज्यादा नाइट्रोजन वाली खाद से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पत्तियां ज्यादा और फूल  कम आते हैं. पानी देने में भी सावधानी जरूरी है. जरूरत से ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं. मिट्टी सूखने पर ही पानी दें. गर्मियों में दो से तीन दिन में एक बार पानी देना काफी होता है, जबकि ठंड में हफ्ते में एक बार पर्याप्त है. हमेशा ध्यान रखें कि गमले में पानी जमा न हो.

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मधुमालती की बेल.

कटाई-छंटाई और देखभाल से मिलेगा ज्यादा फूल

मार्च में सूखी, पुरानी और कमजोर टहनियों की कटाई-छंटाई जरूर करें. इससे नई शाखाएं निकलती हैं और फूल ज्यादा आते हैं. अगर पौधा गमले में है और जड़ें बाहर दिखने लगी हैं, तो उसे बड़े गमले में लगा दें. इससे पौधे को फैलने की जगह मिलेगी और वह स्वस्थ रहेगा. कीट लगने की स्थिति में नीम तेल  का हल्का छिड़काव करना फायदेमंद होता है. यह सुरक्षित और असरदार उपाय है. नियमित रूप से पौधे की जांच करते रहें, ताकि किसी भी समस्या को समय रहते ठीक किया जा सके.

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Published: 5 Mar, 2026 | 10:26 PM

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