Moong Varieties: गर्मी के मौसम में किसान ऐसी फसल की तलाश में रहते हैं, जो कम समय में तैयार हो, कम खर्च में अच्छी पैदावार दे और बाजार में अच्छे दाम दिलाए. ऐसे में मूंग की खेती किसानों के लिए शानदार विकल्प बनकर सामने आई है. खास बात ये है कि ICAR द्वारा विकसित पूसा 1371, पूसा 1431 और पूसा 1641 जैसी उन्नत किस्में कम दिनों में तैयार होकर अच्छी उपज देती हैं. इन किस्मों की खेती से किसान 63 से 87 दिनों में 10 से 14 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन ले सकते हैं. बाजार में मूंग दाल की सालभर मांग बनी रहती है, इसलिए यह फसल किसानों की आय बढ़ाने का आसान रास्ता बन सकती है.
जल्दी तैयार और बीमारी से सुरक्षित
मूंग की पूसा 1371 किस्म जल्दी पकने वाली और भरोसेमंद मानी जाती है. यह लगभग 87 दिनों में तैयार हो जाती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पीला मोज़ेक वायरस जैसी बीमारी को काफी हद तक सहन कर लेती है. अगर किसान सही समय पर बुवाई और संतुलित खाद का इस्तेमाल करें, तो इससे 10 से 13 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पैदावार मिल सकती है. यह किस्म खासकर उन किसानों के लिए बेहतर मानी जाती है, जो ऐसी फसल चाहते हैं जिसमें बीमारी का खतरा कम हो और उत्पादन स्थिर रहे.
66 दिन में फसल और बढ़िया उत्पादन
मूंग की पूसा 1431 किस्म किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. यह किस्म सिर्फ 66 दिनों में तैयार हो जाती है और अच्छी देखभाल के साथ 12 से 14 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज दे सकती है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यह सूखा सहन करने की क्षमता रखती है. यानी जिन क्षेत्रों में पानी की कमी रहती है, वहां भी किसान इसकी खेती आराम से कर सकते हैं. अप्रैल के पहले पखवाड़े में इसकी बुवाई करने पर गर्मी के सीजन में शानदार उत्पादन मिलने की संभावना रहती है. कम पानी में अच्छी फसल देने के कारण यह किसानों के लिए फायदेमंद विकल्प बन रही है.
नई किस्म, मजबूत फसल और ज्यादा भरोसा
पूसा 1641 मूंग की नई और उन्नत किस्म है, जो किसानों को कम समय में बेहतर उत्पादन देती है. यह किस्म करीब 63 दिनों में तैयार हो जाती है और 13 से 14 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पैदावार दे सकती है. इसकी फसल मजबूत होती है, इसलिए गिरने की संभावना कम रहती है. साथ ही यह कई रोगों के प्रति ज्यादा प्रतिरोधक क्षमता रखती है. जो किसान कम समय में मजबूत फसल और बेहतर उपज चाहते हैं, उनके लिए यह किस्म काफी उपयोगी साबित हो सकती है.
साल में 2-3 फसलें लेकर बढ़ाएं आय
इन तीनों किस्मों की सबसे बड़ी ताकत है कि ये कम समय में तैयार हो जाती हैं. इससे किसान एक ही खेत में सालभर में दो से तीन फसलें आसानी से ले सकते हैं. मूंग की बाजार में सालभर मांग रहती है, इसलिए किसानों को अच्छे दाम मिलने की संभावना भी ज्यादा रहती है. अगर किसान सही समय पर बुवाई, सिंचाई और कीट प्रबंधन का ध्यान रखें, तो ये किस्में कम खर्च में बढ़िया मुनाफा दे सकती हैं. कम समय, अच्छी पैदावार और बेहतर बाजार भाव के कारण मूंग की ये टॉप 3 किस्में किसानों के लिए कमाई बढ़ाने का शानदार मौका साबित हो सकती हैं.