Onion Farming: तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले में प्याज फसलों को नुकसान पहुंचा है. किसानों ने आरोप लगाया है कि खराब गुणवत्ता वाले बीजों की वजह से उनकी फसल को नुकसान हुआ है. किसानों का कहना है कि इन बीजों से प्याज की फसल में ठीक से कंद नहीं बन पाए, जिससे पैदावार काफी कम हो गई. उन्होंने सरकार से तुरंत संबंधित बीज बेचने वाली कंपनी पर कार्रवाई करने और मुआवजा दिलाने की मांग की है.
उडुमलपेट के किसान सी. राजकुमार ने ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ से कहा कि उन्होंने तीन महीने पहले तीन एकड़ में छोटे प्याज (शलॉट्स) की खेती की थी. आमतौर पर वे बीज अन्य किसानों से लेते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने ‘Avatar’ नाम की निजी कंपनी से बीज खरीदे थे, जिसके बाद फसल प्रभावित हो गई. हाल ही में जब फसल की कटाई का समय आया, तो किसानों को पता चला कि प्याज की फसल में सही तरीके से कंद नहीं बने हैं. एक किसान ने कहा कि उन्होंने प्रति एकड़ करीब 1 लाख रुपये तक खर्च किया है, लेकिन अब उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है. निराश होकर उन्होंने अपने खेत में उगी छोटे प्याज की फसल का एक हिस्सा खुद ही नष्ट कर दिया और अब वे अधिकारियों की कार्रवाई और कंपनी से मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं.
80 पौधों में कंद सही से नहीं बने
कुल्लमपलायम स्थित पलानी के किसान एस. कनगुकुमार ने कहा कि उनके गांव में करीब 30 किसान इस खराब बीज की वजह से गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा कि कटाई के समय 100 में से लगभग 80 पौधों में कंद सही से नहीं बने. इस समस्या का असर पूरे गांव में करीब 100 एकड़ जमीन पर पड़ा है. उन्होंने खुद सात एकड़ में खेती की थी, जिसमें उन्हें भारी नुकसान हुआ है.
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किसानों ने की मुआवजे की मांग
एक अन्य किसान पी. राधाकृष्णन ने कहा कि उन्होंने 10 एकड़ में छोटे प्याज की खेती की है. प्रति एकड़ औसतन 1.2 लाख रुपये खर्च हुए हैं. अभी बाजार में छोटे प्याज की कीमत करीब 50 रुपये प्रति किलो है और कटाई के समय प्रति एकड़ लगभग 8 टन उत्पादन मिलता है. लेकिन खराब बीजों की वजह से उन्हें फायदा नहीं हुआ और पूरी मेहनत पर पानी फिर गया. उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ उनके निवेश का ही मुआवजा दे दे तो काफी होगा.
किसानों के समर्थन में उतरे नेता
तमिलगा विवासायिगल पथुकप्पु संगम ने भी इस मामले में किसानों के नुकसान की कड़ी निंदा की है. संगठन के अनुसार तिरुप्पुर जिले के पलानी, उडुमलपेट और कुंददम इलाकों के किसान प्रभावित हुए हैं. सैकड़ों एकड़ में छोटे प्याज की फसल खराब गुणवत्ता वाले बीजों की वजह से प्रभावित हुई है. किसानों ने संबंधित बीज कंपनी से शिकायत की थी, जिसके बाद कंपनी के अधिकारियों ने खेतों का निरीक्षण भी किया, लेकिन अब तक कोई समाधान या जवाब नहीं दिया गया है.
सख्त कार्रवाई की उठी मांग
एन. रमेश, जो संगठन के जिला सचिव हैं, ने कहा कि सरकार को तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए और किसानों को उचित मुआवजा दिलाना चाहिए. साथ ही उन्होंने बीज कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की. वहीं बागवानी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले में जल्द ही निरीक्षण किया जाएगा. उन्होंने कहा कि बीज विशेषज्ञों की मदद से जांच और शोध करना भी जरूरी है. इसके बाद ही आगे की उचित कार्रवाई की जाएगी.