Mango Farming: आम के बागों में इस समय सबसे अहम दौर चल रहा है. पेड़ों पर लगे छोटे-छोटे फल अब मटर के दाने के आकार में पहुंच चुके हैं. यही वह समय होता है जब बागवान की एक छोटी सी चूक पूरे सीजन की कमाई पर भारी पड़ सकती है. फलों का झड़ना, कीटों का हमला और पोषण की कमी इस स्टेज पर सबसे बड़ा खतरा बनते हैं. अगर अभी वैज्ञानिक तरीके से देखभाल कर ली जाए, तो यही छोटे फल कुछ ही हफ्तों में शानदार चमक, बेहतर आकार और ज्यादा वजन वाले आम में बदल सकते हैं. बाजार में ऐसे फलों की कीमत भी सामान्य फलों से काफी बेहतर मिलती है. NHRDF के संयुक्त निदेशक डॉ. रजनीश मिश्रा के अनुसार, इस समय बागों में कीट प्रबंधन, फ्रूट ड्रॉप कंट्रोल और पोषण प्रबंधन पर खास ध्यान देना जरूरी है. सही समय पर किया गया स्प्रे किसानों की पैदावार और मुनाफा दोनों बढ़ा सकता है.
मैंगो हॉपर और मिली बग सबसे बड़ा खतरा
इस समय आम की फसल पर मैंगो हॉपर (Mango Hopper) और मिली बग का हमला तेजी से बढ़ता है. ये कीट नई पत्तियों, फूलों और छोटे फलों का रस चूसते हैं, जिससे फल कमजोर होकर गिरने लगते हैं. मिली बग की समस्या ज्यादा बढ़ने पर पेड़ों पर काला फफूंद जैसा असर भी दिखाई देने लगता है, जिससे फलों की चमक और गुणवत्ता दोनों खराब हो जाती हैं. विशेषज्ञ के अनुसार, समय पर नियंत्रण नहीं किया गया तो पैदावार में भारी गिरावट आ सकती है. इसलिए बागों की नियमित निगरानी बहुत जरूरी है. जहां भी कीटों की शुरुआती संख्या दिखे, तुरंत नियंत्रण उपाय शुरू कर देना चाहिए.
वैज्ञानिक तरीके से करें कीट नियंत्रण
डॉ. मिश्रा के अनुसार, रासायनिक और जैविक दोनों तरीके अपनाकर कीटों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है. किसान इमिडाक्लोप्रिड 0.5 मिली प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव कर सकते हैं. जैविक खेती करने वाले बागवान नीम ऑयल 4 मिली प्रति लीटर का प्रयोग करें. नीम आधारित स्प्रे पर्यावरण के लिए सुरक्षित होने के साथ कीटों की संख्या तेजी से कम करता है. इसके साथ ही बाग में साफ-सफाई, सूखी टहनियों की छंटाई और पेड़ों के नीचे हल्की गुड़ाई भी कीटों के जीवन चक्र को तोड़ने में मदद करती है. मिली बग के लिए तने पर पॉलीथीन बैंड लगाना भी बेहद असरदार तरीका माना जाता है.
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फलों का झड़ना रोकने और आकार बढ़ाने का फॉर्मूला
मटर के दाने के आकार वाले फलों में झड़ने की समस्या आम है. इसे रोकने के लिए प्लानोफिक्स (NAA) 2 मिली प्रति लीटर पानी का छिड़काव फायदेमंद माना जाता है. इससे फल पेड़ पर ज्यादा समय तक टिके रहते हैं और फ्रूट सेटिंग बेहतर होती है. फलों का आकार और चमक बढ़ाने के लिए पोटेशियम नाइट्रेट 2 ग्राम प्रति लीटर का स्प्रे किया जा सकता है. इससे फल मजबूत बनते हैं, उनकी बढ़वार तेज होती है और बाजार में उनकी ग्रेडिंग बेहतर होती है. चमकदार और एकसमान आकार वाले आम अक्सर ऊंचे दाम पर बिकते हैं.
अभी की सावधानी दिलाएगी दोगुनी कमाई
विशेषज्ञों का मानना है कि आम की फसल में यह समय कमाई तय करने वाला चरण होता है. अगर किसान अभी कीट नियंत्रण, पोषण और फ्रूट ड्रॉप मैनेजमेंट पर ध्यान दें, तो पैदावार के साथ गुणवत्ता भी बेहतर होती है. बेहतर गुणवत्ता वाले आम स्थानीय मंडी से लेकर निर्यात बाजार तक ज्यादा मांग में रहते हैं. यही वजह है कि वैज्ञानिक तरीके अपनाने वाले बागवानों को अक्सर दोगुना तक मुनाफा मिल जाता है.