Crop Compensation: पंजाब में रविवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. अमृतसर, बठिंडा, मुक्तसर, होशियारपुर, तरनतारन और फतेहगढ़ साहिब में फसल बर्बादी कुछ ज्यादा ही देखने को मिल रही है. ऐसे में किसानों ने राज्य सरकार से मांग की है कि तुरंत फसल नुकसान का सर्वे कराया जाए और मुआवजा दिया जाए. किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि अमृतसर के मजीठा क्षेत्र में गेहूं की फसल पूरी तरह गिर गई है और मक्का को भी नुकसान हुआ है, लेकिन अब तक कोई अधिकारी नुकसान का आकलन करने नहीं पहुंचा है. उन्होंने केंद्र और राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार से जल्द ‘गिरदावरी’ कराने और 70,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की है.
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने हिन्दुस्तान टाइम्स से कहा कि गेहूं की फसल के नुकसान के लिए 70,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए और सब्जियों के नुकसान की भरपाई भी की जाए. उन्होंने कहा कि खराब मौसम की वजह से मजीठा के नागकलां और दद्दियां गांवों में फसलों को भारी नुकसान हुआ है. वहीं, शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि मजीठा क्षेत्र के दद्दियां, हरियां, सुपरीविंड और आसपास के गांवों में खराब मौसम की वजह से 1,000 एकड़ से ज्यादा फसलें बर्बाद हो गई हैं. उन्होंने तुरंत ‘गिरदावरी’ कराने और 50,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की है.
Punjab’s farmers are facing massive losses due to unseasonal rains & hailstorms.
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Wrote to Union Minister shri @ChouhanShivraj ji seeking immediate assessment, relief package, and urgent policy support, especially as farmers lack PMFBY (Pardhan Mantri Fasal Beema Yojana)… pic.twitter.com/NtEtpmllX7
— Sukhjinder Singh Randhawa (@Sukhjinder_INC) April 5, 2026
शिवराज सिंह चौहान को लिखा पत्र
वहीं, कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर प्रभावित किसानों के लिए राहत पैकेज देने की मांग की है. रंधावा ने यह भी कहा कि भारतीय मौसम विभाग ने 6 और 7 अप्रैल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे साफ है कि खराब मौसम का खतरा अभी टला नहीं है.
कटाई से पहले ही फसल में अंकुरण होने की आशंका
उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल से खरीद प्रक्रिया शुरू होते समय गेहूं की फसल कटाई के लिए पूरी तरह तैयार थी, लेकिन तभी मौसम खराब हो गया. लगातार बारिश के कारण मालवा क्षेत्र के बड़े हिस्सों में कटाई करीब दो हफ्ते तक टल गई है, जिससे किसान सही समय पर फसल नहीं काट पाए. खेतों में ज्यादा नमी रहने से फसलों में फंगल बीमारी, जैसे ब्लैक प्वाइंट, फैलने का खतरा बढ़ गया है और कुछ किस्मों में कटाई से पहले ही अंकुरण होने की आशंका भी है. इससे गेहूं की गुणवत्ता और बाजार में मिलने वाला दाम दोनों पर बुरा असर पड़ेगा.
सुनील जाखड़ ने राज्य सरकार पर किया हमला
गुरदासपुर के सांसद ने कहा कि अगर खरीद केंद्रों पर खराब अनाज को खारिज किया गया, तो पहले से ही नुकसान झेल रहे किसानों को दूसरी बड़ी मार झेलनी पड़ेगी. वहीं, पंजाब बीजेपी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने राज्य सरकार पर किसानों की परेशानी को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राजनीतिक रैलियों में व्यस्त हैं, जबकि किसानों को तुरंत राहत की जरूरत है. जाखड़ ने मांग की कि सरकार जल्द ‘गिरदावरी’ कराए और किसानों को मुआवजा दे. उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र से मिले 13,000 करोड़ रुपये से ज्यादा आपदा राहत फंड पहले से ही राज्य सरकार के पास मौजूद हैं, जिसका जिक्र खुद मुख्यमंत्री ने किया था.