आम और लीची के पेड़ों पर मंजर झड़ने से परेशान? अपनाएं ये आसान तरीका, मिलेगा भरपूर और बड़ा फल

पहली बारिश के बाद आम और लीची के पेड़ों में मंजर झड़ने की समस्या बढ़ जाती है. सही समय पर दवा का छिड़काव करने से मंजर सुरक्षित रहते हैं और फल गिरने से बचते हैं. इससे फलों का आकार भी बड़ा होता है और उत्पादन बेहतर मिलता है. यह तरीका किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 26 Mar, 2026 | 01:15 PM

Fruit Protection: गर्मी शुरू होते ही आम और लीची के पेड़ों पर मंजर छा जाते हैं और किसान अच्छे उत्पादन की उम्मीद करते हैं. लेकिन पहली बारिश, तेज हवा और मौसम के बदलाव से ये मंजर अक्सर झड़ जाते हैं. NHRDF के संयुक्त निदेशक डॉ. रजनीश मिश्रा के अनुसार, अगर समय रहते सही उपाय कर लिया जाए, तो न सिर्फ मंजर बच सकते हैं, बल्कि फलों का आकार और उत्पादन भी बढ़ाया जा सकता है.

पहली बारिश के बाद क्यों जरूरी है ध्यान देना

आम और लीची के पेड़ों  के लिए पहली बारिश बहुत अहम होती है. इस समय पेड़ों में मंजर पूरी तरह आ चुके होते हैं और छोटे-छोटे फल बनने लगते हैं. NHRDF के संयुक्त निदेशक डॉ. रजनीश मिश्रा के अनुसार, बारिश के बाद नमी बढ़ने से फंगस और कीट का खतरा भी बढ़ जाता है. तेज हवा या हल्की आंधी में भी मंजर और छोटे फल गिरने लगते हैं. यही वजह है कि इस समय अगर सही देखभाल नहीं की गई, तो पेड़ पर लगे ज्यादातर मंजर झड़ जाते हैं और उत्पादन काफी कम हो जाता है. इसलिए शुरुआत में ही सही कदम उठाना जरूरी होता है.

इन दवाओं का करें सही समय पर छिड़काव

डॉ. रजनीश मिश्रा के अनुसार, पहली बारिश के बाद कुछ खास दवाओं का छिड़काव करना बेहद जरूरी है. इससे मंजर झड़ने की समस्या काफी हद तक कम हो जाती है. बसे पहले हेक्साकोनाजोल दवा को 1.5 से 2 ml प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें. यह फंगस से बचाने में मदद करती है. इसके साथ इमिडाक्लोप्रिड दवा को 1 ml दवा को 3 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करना चाहिए, जिससे कीटों से सुरक्षा  मिलती है. जब पेड़ों में मटर के दाने जितने छोटे फल बनने लगें, तब प्लानोंफिक्स दवा को 4 से 5 ml प्रति 10 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें. इससे फल झड़ना रुकता है और उनका आकार भी बेहतर होता है.

स्प्रे करते समय रखें ये जरूरी बातें

दवा का असर तभी अच्छा होता है जब उसे सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए. हमेशा शाम के समय ही छिड़काव करना चाहिए, क्योंकि उस समय धूप कम होती है और दवा लंबे समय तक पेड़ पर टिकती है. बारिश के बाद मिट्टी में नमी  बनी रहती है, इसलिए तुरंत पानी देना बंद कर देना चाहिए. ज्यादा पानी देने से जड़ों पर असर पड़ सकता है. जब मिट्टी सूखने लगे, तभी फिर से सिंचाई शुरू करें. इसके अलावा छिड़काव करते समय पूरी तरह पेड़ के हर हिस्से तक दवा पहुंचनी चाहिए, खासकर मंजर और नई टहनियों पर. इससे दवा का पूरा फायदा मिलता है.

सही देखभाल से मिलेगा बड़ा और ज्यादा फल

अगर किसान समय पर ये आसान उपाय कर लें, तो मंजर झड़ने की समस्या लगभग खत्म हो जाती है. इससे पेड़ पर ज्यादा फल टिकते हैं और उनका साइज भी बड़ा होता है. अच्छी देखभाल से पेड़ स्वस्थ रहता है और उत्पादन भी बढ़ता है. इससे बाजार में अच्छे दाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है. छोटी-सी लापरवाही कई बार बड़े नुकसान का कारण बनती है, लेकिन सही समय पर किया गया उपाय पूरे सीजन का फायदा दिला सकता है.

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