गर्मी में तोरई मुरझाने से बचाएं, किसान अपनाएं ये देसी तरीका और मंडी में पाएं शानदार दाम

भीषण गर्मी में तोरई की फसल जल्दी मुरझाने से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है. लेकिन कुछ आसान देसी उपाय अपनाकर किसान सब्जियों को लंबे समय तक ताजा रख सकते हैं और मंडी में बेहतर दाम हासिल कर सकते हैं.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 29 May, 2026 | 10:00 AM

Tori Farming: गर्मी का प्रकोप इस समय सब्जी किसानों की मेहनत पर भारी पड़ रहा है. तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण तोरई जैसी बेल वाली सब्जियां खेत से मंडी पहुंचने से पहले ही मुरझाने लगती हैं. इससे किसानों को बाजार में सही कीमत नहीं मिल पाती और कई बार पूरी मेहनत पर पानी फिर जाता है. ऐसे मौसम में फसल की सही देखभाल और कटाई के बाद प्रबंधन बेहद जरूरी हो जाता है. कृषि वैज्ञानिक प्रमोद कुमार के अनुसार, थोड़ी सावधानी और कुछ पारंपरिक तरीकों को अपनाकर किसान अपनी तोरई को लंबे समय तक हरा, ताजा और चमकदार बनाए रख सकते हैं.

सही समय पर करें तुड़ाई

विशेषज्ञों का कहना है कि तोरई की तुड़ाई  हमेशा ठंडे समय में करनी चाहिए. दोपहर के समय तापमान बहुत अधिक होने के कारण सब्जियों की नमी तेजी से उड़ने लगती है. यदि किसान इस समय तुड़ाई करते हैं तो तोरई जल्दी मुरझा जाती है. बेहतर होगा कि सुबह सूर्योदय से पहले या फिर शाम को सूर्यास्त के बाद ही फसल तोड़ी जाए. इस समय पौधों में पर्याप्त नमी बनी रहती है और सब्जियां अधिक समय तक ताजा रहती हैं. सही समय पर तुड़ाई करने से मंडी में तोरई की गुणवत्ता भी बेहतर बनी रहती है.

छाया और गीली बोरियों का करें इस्तेमाल

तोरई तोड़ने के बाद उसे खुले में छोड़ देना सबसे बड़ी गलती मानी जाती है. तेज धूप के संपर्क में आते ही उसका छिलका सख्त होने लगता है और अंदर की नमी खत्म होने लगती है. इसलिए तुड़ाई के तुरंत बाद सब्जियों को किसी पेड़ की छाया  या अस्थायी छप्पर के नीचे रखना चाहिए.

कृषि वैज्ञानिक प्रमोद कुमार के अनुसार, गर्मी में तोरई को ताजा रखने के लिए जूट की गीली बोरियां सबसे कारगर उपाय हैं. किसान साफ पानी में भिगोई गई बोरियों से तोरई को ढक दें. इससे आसपास नमी बनी रहती है और सब्जियां प्राकृतिक तरीके से ठंडी रहती हैं. यह तरीका खेत से लेकर मंडी तक फसल को फ्रेश बनाए रखने में काफी मदद करता है.

मंडी तक ऐसे पहुंचाएं ताजा तोरई

सब्जियों को बाजार  तक ले जाते समय भी विशेष सावधानी जरूरी होती है. अक्सर परिवहन के दौरान गर्म हवाओं और धूल के कारण तोरई सूख जाती है. इसलिए ट्रैक्टर या पिकअप में लोड करने के बाद ऊपर से गीली बोरियों की मोटी परत जरूर ढकनी चाहिए. इससे गर्म हवा सीधे फसल तक नहीं पहुंचती और सब्जियां सुरक्षित रहती हैं.

मंडी में खरीदार सबसे पहले सब्जियों की ताजगी और रंग देखते हैं. हरी, चमकदार और ताजी तोरई की मांग हमेशा ज्यादा रहती है, जबकि मुरझाई हुई सब्जियों को कम दाम मिलते हैं. यदि किसान सही समय पर तुड़ाई, छायादार भंडारण और गीली बोरियों जैसे आसान उपाय अपनाते हैं, तो उनकी फसल खराब नहीं होगी और बाजार में अच्छे दाम भी मिलेंगे. इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और नुकसान काफी हद तक कम हो जाएगा.

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Published: 29 May, 2026 | 10:00 AM

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