खेती के कायाकल्प के लिए ICAR की बड़ी घोषणा, 900 कृषि संस्थानों को जोड़ने वाला राष्ट्रीय जेंडर प्लेटफॉर्म बनेगा

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक एमएल जाट ने कहा कि संस्था एक राष्ट्रीय जेंडर प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है, जो 900 से ज्यादा कृषि संस्थानों को जोड़कर खेती में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करेगा. 

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 15 Mar, 2026 | 06:04 PM

खेती में महिलाओं की भूमिका को और बढ़ाने के साथ मजबूत करने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय राष्ट्रीय जेंडर प्लेटफॉर्म (national gender platform) लॉन्च करने जा रहा है. इस प्लेटफॉर्म पर 900 कृषि संस्थानों को जोड़ा जाएगा और महिला किसानों को खेती की नई तकनीकों से रूबरू कराया जाएगा. कृषि संस्थान महिला किसानों को कृषि संबंधी योजनाओं के जरिए जोड़कर उन्हें व्यावसायिक खेती के साथ ही पारंपरिक खेती के जरिए आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जाएगा. वहीं, यह पहल कृषि क्षेत्र में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए तो की ही जा रही है. बल्कि, महिला किसानों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देने की कोशिश भी है.

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ICAR की ओर से आयोजित ‘कृषि-खाद्य प्रणालियों में महिलाओं पर वैश्विक सम्मेलन’ (GCWAS-2026) में महिला किसानों को बढ़ावा देने के साथ ही खाद्य प्रणाली मजबूत करने पर जोर दिया है. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक एम.एल. जाट ने कहा कि संस्था एक राष्ट्रीय जेंडर प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है, जो 900 से ज्यादा कृषि संस्थानों को जोड़कर खेती में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करेगा.

महिलाओं को तकनीकी ज्ञान, जमीन और योजनाओं तक पहुंच आसान होगी

ICAR के महानिदेशक एमएल जाट ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म ICAR संस्थानों, कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि विश्वविद्यालयों को आपस में जोड़ेगा. इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में महिलाओं पर केंद्रित अनुसंधान, विस्तार और क्षमता निर्माण की पहलों को मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि महिलाओं की जमीन, वित्त, तकनीक और डिजिटल इनोवेशन तक पहुंच आसान बनाई जाएगी. महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को प्रोत्साहित किया जाएगा और समय-समय पर जेंडर ऑडिट सहित जवाबदेही सिस्टम भी विकसित किया जाएगा.

महिलाओं की मदद से खेती का उत्पादन और प्रॉफिट बढ़ाया जा सकेगा

महानिदेशक ने कहा कि महिलाओं को ज्ञान, डेटा और निर्णय लेने की भूमिकाओं के साथ सशक्त बनाने से खेती की उत्पादकता, प्रॉफिट और कमाई में काफी सुधार हो सकता है. उन्होंने कहा कि बल्कि लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए नए सिरे से कार्रवाई की शुरुआत है. इसके साथ ही कार्यक्रम में कहा गया है कि खेती से जुड़ी महिलाओं को सशक्त बनाने का काम केवल बातचीत तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसके लिए निर्णायक कार्रवाई की जानी चाहिए.

कृषि खाद्य प्रणाणी में महिलाओं का अहम रोल

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) में उप महानिदेशक (कृषि विस्तार) डॉ. राजबीर सिंह ने कहा कि महिला किसानों को मजबूत बनाना केवल समानता का मामला नहीं है, बल्कि टिकाऊ कृषि विकास, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए एक रणनीतिक जरूरत है. उन्होंने कहा कि महिलाएं संपूर्ण कृषि खाद्य मूल्य श्रृंखला में अहम भूमिका निभाती हैं.

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Published: 15 Mar, 2026 | 05:57 PM
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