दूध-चावल के बाद प्याज उत्पादन में भारत नंबर वन, कृषि मंत्री बोले- किसानों की मेहनत से हम आत्मनिर्भर बन रहे

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण से स्पष्ट हुआ है कि भारत आत्मनिर्भर हो रहा है. कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में मुझे कहते हुए गर्व है कि किसानों की मेहनत, सरकार की नीतियों के कारण आज हमारे देश की औसत कृषि विकास दर 4.4 फीसदी है.

नोएडा | Updated On: 29 Jan, 2026 | 04:50 PM

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत ने कृषि उत्पादन में नए कीर्तिमान स्थापित किया है. उन्होंने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण में खुलासा हुआ है कि प्याज उत्पादन में भारत दुनिया का नंबर वन देश बन गया है. इससे पहले हमने चावल उत्पादन में चीन को पछाड़कर पहला स्थान हासिल किया है. जबकि, दूध उत्पादन में भारत पहले से ही नंबर वन बना हुआ है. उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत के बलबूते भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है.

गांव भारत की ग्रोथ के इंजन

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ है कि भारत आत्मनिर्भर हो रहा है. कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में मुझे कहते हुए गर्व है कि किसानों की मेहनत, सरकार की नीतियों के कारण आज हमारे देश की औसत कृषि विकास दर 4.4 फीसदी है. 4 फीसदी से अधिक कृषि विकास दर रहना अपने आप में एक असाधारण उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि गांव भारत की ग्रोथ के इंजन हैं.

भारत दुनिया का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक देश

कृषि मंत्री ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक देश बन गया है. प्याज के वैश्विक उत्पादन में 25 फीसदी योगदान भारत दे रहा है. उन्होंने कहा कि सब्जियों, फलों एवं आलू के उत्पादन के मामले में भी भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश बन गया है. भारत प्रत्येक श्रेणी के वैश्विक उत्पादन में 12-13 फीसदी का योगदान दे रहा है. ये उपलब्धियां बागवानी क्षेत्र में भारत की मजबूत स्थिति, खाद्य पदार्थों की वैश्विक मांग को पूरा करने में इसकी बढ़ती भूमिका और उच्च मूल्य वाली फसलों के उत्पादन में उपलब्ध अवसरों को दर्शाती हैं.

चावल उत्पादन में चीन को पछाड़कर नंबर वन बना भारत

सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत का चावल उत्पादन बढ़कर 15.18 करोड टन हो गया है. जबकि चीन में चावल के उत्पादन का स्तर अभी 14.5 करोड टन है. कृषि मंत्री ने इसे अभूतपूर्व उपलब्धि बताते हुए कहा कि देश में अनाज का प्रचुर भंडार है जो भारत की खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करता है. खरीफ सीजन की प्रमुख फसल चावल को किसानों ने रबी सीजन में भी जमकर बोया. 23 जनवरी 2026 तक देश में धान बुवाई का आंकड़ा बीते साल के 29 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 31 लाख हेक्टेयर से भी ज्यादा पहुंच गया है.

खाद्यान्न उत्पादन का नया रिकॉर्ड बना

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खाद्यान्नों के उत्पादन में तेज बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि अच्छी मानसून अवधि के दौरान भारत का अन्न उत्पादन कृषि वर्ष 2024–25 में अनुमानित रूप से 3,577.3 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) तक पहुंचने का अनुमान है जो पिछले वर्ष की तुलना में 254.3 एलएमटी की बढ़ोत्तरी है. यह वृद्धि चावल, गेहूं, मक्का और मोटे अनाज (श्री अन्न) के उत्पादन में बढोत्‍तरी के कारण हुई है.

Published: 29 Jan, 2026 | 04:45 PM

Topics: