Kharif 2026: किसानों के लिए योगी सरकार का बड़ा प्लान, 302 लाख टन उत्पादन का टारगेट

उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ-2026 की तैयारियां तेज कर दी हैं. किसानों को समय पर बीज, उर्वरक और तकनीकी मदद देने के साथ दलहन, तिलहन और श्रीअन्न खेती बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. बदलते मौसम और सूखे की चुनौती को देखते हुए सरकार ने बड़े उत्पादन लक्ष्य और किसान हितैषी योजनाओं पर काम शुरू किया है.

नोएडा | Published: 31 May, 2026 | 07:06 PM

Kharif 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ-2026 सीजन की तैयारियां तेज कर दी हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर किसानों को समय पर बीज, उर्वरक और तकनीकी सहायता देने के निर्देश दिए हैं. सरकार का फोकस इस बार दलहन, तिलहन और श्रीअन्न की खेती बढ़ाने पर है, ताकि किसानों की आय में बढ़ोतरी हो सके और बदलते मौसम का असर कम किया जा सके. सरकार ने इस सीजन में 110.65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 302.62 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य तय किया है.

दलहन-तिलहन और श्रीअन्न खेती पर सरकार का जोर

CM योगी ने कहा कि मौसम तेजी से बदल रहा है, इसलिए किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ दलहन, तिलहन और श्रीअन्न की खेती  के लिए भी प्रोत्साहित किया जाए. सरकार चाहती है कि किसान ऐसी फसलें अपनाएं जिनमें कम पानी लगे और अच्छी कमाई हो सके. सूखा प्रभावित जिलों के लिए वैकल्पिक फसल योजना तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए हैं. खासतौर पर प्रदेश के 18 से 20 जिलों को सूखा संवेदनशील मानकर अतिरिक्त तैयारी की जा रही है.

समय पर बीज और उर्वरक पहुंचाने की तैयारी

खरीफ-2026 के लिए सरकार ने 2.29 लाख क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य रखा है. इसमें से 1.26 लाख क्विंटल बीज पहले ही उपलब्ध कराया जा चुका है. मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले बीज और उर्वरक  समय पर मिलने चाहिए. इसके साथ ही उर्वरकों की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार चाहती है कि खेती की शुरुआत से ही किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो.

डिजिटल तकनीक से किसानों तक पहुंचेगी जानकारी

सरकार अब खेती से जुड़ी जानकारी किसानों तक डिजिटल  माध्यमों से पहुंचाने पर भी जोर दे रही है. इसके लिए मैसेज, सोशल मीडिया, दूरदर्शन और आकाशवाणी का उपयोग बढ़ाया जाएगा. जून महीने से विकास खंड स्तर पर किसान चौपाल और किसान मेलों का आयोजन भी किया जाएगा. यहां किसानों को नई तकनीक, फसल प्रबंधन और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी. सरकार का मानना है कि तकनीक के जरिए खेती को ज्यादा आसान और लाभकारी बनाया जा सकता है.

किसानों की आय बढ़ाने पर पूरा फोकस

प्रदेश में अब तक 2.29 करोड़ से ज्यादा किसानों की फार्मर रजिस्ट्री  पूरी की जा चुकी है. सरकार प्राकृतिक खेती और श्रीअन्न उत्पादन को भी बढ़ावा दे रही है. बुंदेलखंड क्षेत्र में गौ-आधारित खेती कार्यक्रम चलाया जा रहा है. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने मक्का उत्पादन बढ़ाने, उससे जुड़े उद्योगों को मजबूत करने और किसानों को बेहतर मार्केटिंग सुविधा देने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि और फसल बीमा योजना का लाभ समय पर मिलना चाहिए. खरीफ-2026 की तैयारियों के जरिए यूपी सरकार खेती को आधुनिक, सुरक्षित और ज्यादा फायदेमंद बनाने की दिशा में काम कर रही है. सरकार का लक्ष्य है कि उत्पादन बढ़े, किसानों की लागत कम हो और उनकी आय में लगातार सुधार हो.

Topics: