महाराष्ट्र के अमरावती में नकली बीज बिक्री के मामले ने बीज कंपनी पर मुकदमा दर्ज किया गया है. करीब सप्ताह भर पहले कई इलाकों में बीज न उगने की शिकायत किसानों ने कृषि विभाग से की थी. युवा स्वाभिमान संगठन के नेतृत्व में किसानों ने संभागीय संयुक्त कृषि निदेशक के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. किसानों की मांग पर सैंपल के लिए भेजे गए बीज जांच में फेल हो गए. अब कृषि विभाग ने सोयबीन बीज कंपनी पर केस दर्ज कराया है. वहीं, किसानों ने फसल नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग की है.
7 तालुका के किसानों के खेतों में नहीं उगी फसल
महाराष्ट्र के अमरावती जिला कलेक्टर आशीष येरेकर ने मीडिया को बताया कि हमें 7 तालुकों के किसानों से शिकायतें मिल थी कि घटिया बीज की वजह से उनकी फसल नहीं उगी है. यह मामला मुख्य रूप से सोयाबीन की फसल से जुड़ा है. उन्होंने बताया कि अलग-अलग बीज कंपनियों की ओर से सप्लाई किए गए बीजों को लेकर शिकायतें मिली हैं. जांच में सैंपल फेल पाए गए हैं, जिसके बाद किसानों को नकली सोयाबीन बीज बेचने के आरोप में एक प्राइवेट कंपनी के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज किया गया है.
नागपुर में सीड टेस्टिंग लेबोरेटरी की रिपोर्ट के आधार पर कंपनी के बीजों के सात सैंपल जर्मिनेशन कैपेसिटी के मामले में घटिया पाए गए. इसके आधार पर कंपनी के खिलाफ सीड्स एक्ट, एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट और धोखाधड़ी के तहत केस दर्ज किया गया है.
Amravati, Maharashtra: District Collector Ashish Yerekar says, “We are receiving representations from farmers across seven talukas. The issue is mainly related to the soybean crop. Complaints have been raised regarding seeds supplied by six to seven different companies…” https://t.co/js9Vl54KF4 pic.twitter.com/4LsL0rT3G2
— IANS (@ians_india) July 7, 2026
कृषि विभाग के पास पहुंचीं 470 से ज्यादा शिकायतें
जिले में सोयाबीन की बुआई का एरिया ज्यादा है. इस सीजन में बेहतर एवरेज पैदावार की उम्मीद में किसानों ने कंपनी के सोयाबीन के बीज बड़ी संख्या में खरीदे और बोए. एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट को अमरावती जिले के अलग-अलग तालुकाओं के किसानों से बीजों के उगने में नाकाम रहने के बारे में 470 शिकायतें मिलीं. नकली बीजों का मामला राज्य विधानसभा तक पहुंच गया था. किसानों ने कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कृषि विभाग के ऑफिसों पर विरोध प्रदर्शन और मार्च किया.

नकली बीज से फसल नहीं उगने पर किसानों का प्रदर्शन.
नकली बीज सप्लाई करने पर कई धाराओं में केस
जालना जिले में कंपनी द्वारा बनाए गए सोयाबीन के बीजों के सैंपल मई और जून में इकट्ठा किए गए थे. जैसे ही वे बीज बाजार में उपलब्ध हुए. इन सैंपलों को नागपुर में बीज टेस्टिंग लेबोरेटरी में भेजा गया था. लैब रिपोर्ट से यह कन्फर्म हुआ कि कंपनी के 7 सैंपल जर्मिनेशन टेस्ट में फेल हो गए, जिससे कंपनी द्वारा नकली बीज सप्लाई करने की बात कन्फर्म हो गई. इस मामले में कंपनी के खिलाफ गाडगे नगर पुलिस स्टेशन में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, बीज नियम 1968 समेत कई नियमों के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.
नुकसान भरपाई के लिए मुआवजे की मांग पर अडे़ किसान
युवा स्वाभिमान संगठन के नेतृत्व में किसानों ने संभागीय संयुक्त कृषि निदेशक के कार्यालय के बाहर रविवार को फिर से प्रदर्शन किया. किसानों ने कहा कि कंपनी पर केस हो गया है और अधिकारी कार्रवाई की बात बता रहे हैं. लेकिन, उनके नुकसान की भरपाई कौन करेगा. कई हजार एकड़ में सोयाबीन फसल की बुवाई की गई थी. लेकिन, बीज नहीं उगने से वे बड़े आर्थिक झटके का सामना कर रहे हैं. किसानों की मांग है कि तत्काल नुकसान भरपाई के लिए मुआवजा जारी कराया जाए.