जैविक खेती में रोड़ा बन रहा ढुलमुल बीज आपूर्ति ढांचा और फंडिंग किल्लत, मंत्रियों ने उठाया मुद्दा

Organic Farming: बागवानी मंत्री गैब्रियल डी वांगसू ने कहा कि खेती की उत्पादकता बढ़ाने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज सबसे महत्वपूर्ण इनपुट बने हुए हैं. सरकारी बयान में कहा गया है कि मंत्री ने बीज से संबंधित कार्यक्रमों के तहत समय पर धन के आवंटन की अपील केंद्र से की है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 31 May, 2026 | 12:40 PM

केंद्र सरकार का पूरा प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने पर लगा हुआ है. सरकार का कहना है कि केमिकल यूज से खेत खराब हो गए हैं और उन्हें बचाने के लिए खेत बचाओ अभियान भी 1 जून से शुरू हो रहा है. लेकिन, जैविक खेती के लिए बीज आपूर्ति ढांचे और फंडिंग किल्लत बताई जा रही है. खुद राज्य सरकार के मंत्री ने केंद्र से अपील की है कि बीज फंडिंग दी जाए और ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए ढांचे को मजबूत किया जाए. बता दें कि कई राज्यों के मंत्रियों खासकर पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के मंत्रियों ने जैविक खेती के लिए समय पर वित्तीय सहायता और प्रमाणित बीजों की उपलब्धता पक्की करने की मांग केंद्र से की है.

नई दिल्ली में ‘खरीफ अभियान 2026 के लिए कृषि’ पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुए अरुणाचल प्रदेश के बागवानी मंत्री गैब्रियल डी वांगसू ने कहा कि खेती की उत्पादकता बढ़ाने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज सबसे महत्वपूर्ण इनपुट बने हुए हैं. सरकारी बयान में कहा गया है कि मंत्री ने बीज से संबंधित कार्यक्रमों के तहत समय पर धन के आवंटन की अपील केंद्र से की है.

बीज फंडिंग का उठा मुद्दा

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अरुणाचल प्रदेश ने केंद्र से पूर्वोत्तर में कृषि और बागवानी क्षेत्र के लिए समर्थन को मजबूत करने का आग्रह किया है, जिसमें समय पर बीज फंडिंग देने का मुद्दा प्रमुखता से शामिल किया गया है. इसके साथ ही ऑर्गेनिक खेती की पहलों को और मजबूती देने के साथ ही विस्तार पर विशेष ध्यान देने की अपील की गई है.

बागवानी मंत्री ने बीज से संबंधित कार्यक्रमों के तहत समय पर धन के आवंटन और जारी करने का आह्वान किया और पूर्वोत्तर की कृषि जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल अधिक प्रमाणित बीज किस्मों के विकास की मांग की. मंत्री ने प्रमाणित बीजों की उच्च लागत और पूर्वोत्तर राज्यों में किसानों की सीमित क्रय क्षमता का हवाला देते हुए, अधिक वित्तीय सहायता की भी मांग की.

देसी बीजों को बढ़ावा देना जरूरी

उन्होंने स्थानीय रूप से अनुकूलित स्वदेशी जर्मप्लाज्म को पहचानने और बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि ऐसी किस्में अक्सर स्थानीय परिस्थितियों में बाहर से लाए गए बीजों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करती हैं. उन्होंने क्षेत्र की अद्वितीय कृषि जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप बीज तैयार करने के लिए स्थानीय और क्षेत्रीय कंपनियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें पैनल में शामिल करने का सुझाव दिया.

किसानों की चुनौतियां को दूर करना जरूरी

उन्होंने टिकाऊ खेती पर कहा कि अरुणाचल प्रदेश “मूल रूप से काफी हद तक ऑर्गेनिक है और वह केंद्र के ‘मिशन ऑर्गेनिक’ दृष्टिकोण के अनुरूप जैव आधारित फसल सुरक्षा प्रथाओं को और बढ़ावा देने का इरादा रखता है. लेकिन कई चुनौतियां किसानों के सामने हैं, जिन्हें दूर करना जरूरी है. मंत्री ने दूरदराज के इलाकों में किसानों के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर करते हुए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि किसान प्रशिक्षण और वितरण के लिए ‘बीज ग्राम कार्यक्रम’ और ‘बीज और रोपण सामग्री पर उप मिशन’ (SMSP) के तहत बढ़ाकर केंद्र से समर्थन मांगा.

ऑर्गेनिक जैव आधारित फसल सुरक्षा योजना शुरू होगी

बागवानी मंत्री ने केंद्रीय कार्यक्रमों के तहत एक समर्पित ‘ऑर्गेनिक जैव आधारित फसल सुरक्षा योजना’ शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा. उन्होंने कहा कि इससे किसानों को फसल नुकसान की स्थिति में तेज और प्रभावी तरीके से सुरक्षा दी जाए और किसानों की भरपाई की जाए. बता दें कि कई राज्यों के मंत्रियों खासकर पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के मंत्रियों ने जैविक खेती के लिए समय पर वित्तीय सहायता और प्रमाणित बीजों की उपलब्धता पक्की करने की मांग केंद्र से की है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

लेटेस्ट न्यूज़