किचन के कचरे को कूड़ेदान में न फेंकें, इस आसान तरीके से घर पर ही बनाएं प्राकृतिक खाद
अब आपके घर का कचरा पौधों के लिए वरदान बनेगा, अक्सर हम सब्जी के छिलके और बची चायपत्ती फेंक देते हैं, लेकिन आप इनसे घर पर ही बेहतरीन खाद तैयार कर सकते हैं. यह तरीका न केवल सस्ता है बल्कि पूरी तरह प्राकृतिक भी है. इस खबर में जानिए किचन वेस्ट से खाद बनाने के आसान स्टेप्स.
Kitchen Waste Fertilizer : क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो सब्जी के छिलके और बची हुई चायपत्ती को बेकार समझकर डस्टबिन के हवाले कर देते हैं? रुकिए! जिसे आप कूड़ा समझ रहे हैं, वह आपके मुरझाए हुए पौधों के लिए अमृत साबित हो सकता है. अक्सर गार्डनिंग के शौकीन लोग बाजार से महंगी खाद और फर्टिलाइजर खरीदते हैं, फिर भी पौधों में वह रौनक नहीं आती. लेकिन असली खजाना तो आपकी रसोई में ही छिपा है. किचन वेस्ट से बनी खाद न केवल प्राकृतिक होती है, बल्कि यह मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को भी जादुई तरीके से बढ़ा देती है. आइए जानते हैं कैसे आप बेहद आसान तरीके से अपने घर के कचरे को काले सोने (Organic Compost) में बदलकर अपने गार्डन को हरा-भरा रख सकते हैं.
चायपत्ती का कमाल
अक्सर घरों में सुबह-शाम चाय बनती है और हम उसकी पत्ती फेंक देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस्तेमाल की हुई चायपत्ती नाइट्रोजन का बेहतरीन स्रोत है? बस ध्यान रखें कि इस्तेमाल की हुई चायपत्ती को अच्छी तरह धो लें ताकि उसमें से चीनी और दूध का असर निकल जाए. इसे धूप में सुखाकर सीधा गमलों की मिट्टी में मिला दें. यह गुलाब और मनी प्लांट जैसे पौधों के लिए किसी टॉनिक से कम नहीं है. बस याद रहे, ताजी और बिना उबली चायपत्ती सीधे न डालें.
छिलकों में छिपा है पोषण का खजाना
आलू, प्याज, लौकी, बैंगन और केले के छिलके पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. इन्हें फेंकने के बजाय छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर सीधा पौधों की क्यारियों में दबाया जा सकता है. समय के साथ ये छिलके मिट्टी में गल जाते हैं और पौधों को पोटेशियम, फास्फोरस और कैल्शियम प्रदान करते हैं. अगर आप इन्हें सीधे नहीं डालना चाहते, तो एक बाल्टी में पानी भरकर इन छिलकों को 2-3 दिन के लिए भिगो दें, फिर उस पानी को पौधों में डालें. इसे लिक्विड फर्टिलाइजर कहते हैं, जो पौधों की ग्रोथ को दोगुना कर देता है.
खाद बनाने का सबसे आसान घरेलू फॉर्मूला
अगर आप बड़े स्तर पर खाद बनाना चाहते हैं, तो एक पुराना मटका या प्लास्टिक की बाल्टी लें. उसमें सबसे नीचे थोड़ी मिट्टी डालें, फिर ऊपर से किचन का गीला कचरा (फल-सब्जी के छिलके) डालें. इसके ऊपर सूखे पत्ते या गत्ते के टुकड़े डाल दें. इस प्रक्रिया को दोहराते रहें और हफ्ते में एक बार इसे किसी डंडे से चला दें. लगभग एक से डेढ़ महीने में यह पूरी तरह गलकर बेहतरीन खाद बन जाएगी. यह खाद बाजार में मिलने वाली केमिकल खाद से हजार गुना बेहतर और सुरक्षित होती है.
धूप और पानी का सही तालमेल
सिर्फ खाद डालना ही काफी नहीं है, पौधों को सही माहौल देना भी जरूरी है. खासकर सर्दियों के मौसम में सूरज की रोशनी कम मिलती है, इसलिए पौधों को ऐसी जगह शिफ्ट करें जहां उन्हें अच्छी धूप मिले. सर्दियों में मिट्टी जल्दी नहीं सूखती, इसलिए रोज पानी देने की गलती न करें. हर तीसरे या चौथे दिन हल्का पानी देना पर्याप्त होता है. जब आप अपनी बनाई हुई ऑर्गेनिक खाद और सही देखभाल का संगम करेंगे, तो आपके गार्डन के पौधे हमेशा लहलहाते रहेंगे.