किसानों के लिए मक्का से कमाई का नया फॉर्मूला! 100 किलो से बनता है 40 लीटर एथेनॉल, ICAR वैज्ञानिक ने समझाया गणित
Maize Ethanol Production : भारत सरकार की E20 पेट्रोल नीति के चलते एथेनॉल उत्पादन में मक्का की भूमिका तेजी से बढ़ रही है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, 100 किलो मक्का से लगभग 40 लीटर एथेनॉल बनाया जा सकता है. इससे न सिर्फ स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मक्का किसानों को अपनी फसल के लिए नया बाजार और बेहतर कमाई का मौका भी मिल सकता है.
Maize Farming: भारत सरकार ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण (E20) को बढ़ावा देने का फैसला किया है. इस नीति का उद्देश्य देश में स्वच्छ और साफ ईंधन को बढ़ावा देना और इम्पोर्टेड तेल पर निर्भरता कम करना है. यह फैसला अब मक्का किसानों के लिए एक नया अवसर बनकर सामने आया है, क्योंकि एथेनॉल उत्पादन में मक्का का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है.
100 किलो मक्का से बनता है 40 लीटर एथेनॉल
ICAR-IIMR के वैज्ञानिक मनीष ककरलिया के अनुसार, 100 किलो मक्का से लगभग 40 लीटर एथेनॉल तैयार किया जा सकता है. यही कारण है कि अब मक्का केवल खाद्य या पशु चारे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह ऊर्जा क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. एथेनॉल बनाने की प्रक्रिया में मक्का के दानों को पहले प्रोसेस किया जाता है. इसके बाद उसमें मौजूद स्टार्च को शुगर में बदला जाता है और फिर किण्वन (फर्मेंटेशन) के माध्यम से एथेनॉल तैयार किया जाता है.
वैज्ञानिक मनीष ककरलिया ने बताया मक्का से एथेनॉल बनने का पुरा गणित (Photo Credit: Kisan India)
किसानों की आय बढ़ाने में मिल सकती है मदद
मक्का से एथेनॉल उत्पादन बढ़ने से किसानों को अपनी फसल के लिए नया और स्थायी बाजार मिल सकता है. अगर एथेनॉल उद्योग में मक्का की मांग बढ़ती है, तो इससे किसानों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना भी बढ़ेगी.
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विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है.
वैज्ञानिकों ने दी अहम जानकारी
इसी विषय पर ICAR-IIMR के वैज्ञानिक मनीष ककरलिया ने विस्तार से जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि एथेनॉल मिशन के तहत मक्का जैसी फसलों का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. इससे देश को स्वच्छ ऊर्जा मिलेगी और किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत भी प्राप्त होगा.
एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और हरित ऊर्जा मिशन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने से प्रदूषण कम होता है और देश को पर्यावरण के अनुकूल ईंधन मिलता है. अगर आने वाले समय में मक्का आधारित एथेनॉल उत्पादन तेजी से बढ़ता है, तो यह किसानों, उद्योग और पर्यावरण-तीनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.