Tomato Price Fall: आंध्र प्रदेश के तिरुपति और आसपास के मदनपल्ले क्षेत्र में टमाटर किसानों की हालत खराब हो गई है. ज्यादा उत्पादन और निर्यात में रुकावट के कारण पिछले एक हफ्ते में टमाटर के दाम तेजी से गिर गए हैं. स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि तिरुपति और चित्तूर में कुछ विक्रेता 100 रुपये में 7 किलो टमाटर तक बेच रहे हैं. कहा जा रहा है कि मदनपल्ले मंडी में थोक कीमतें पिछले एक हफ्ते से 10 से 15 रुपये प्रति किलो के बीच बनी हुई हैं, जबकि सामान्य समय में यह 30 से 50 रुपये प्रति किलो तक रहती हैं. खुदरा बाजारों में भी कीमतों में भारी गिरावट आई है, जिससे टमाटर इस समय सबसे सस्ती सब्जियों में से एक बन गया है.
AGmarknet के आंकड़ों के अनुसार, आंध्र प्रदेश की कालिकिरी APMC मंडी में 4 अप्रैल को 23.30 मीट्रिक टन हाइब्रिड टमाटर की आवक दर्ज की गई. इस दिन टमाटर का न्यूनतम भाव 800 रुपये प्रति क्विंटल, अधिकतम 1,200 रुपये प्रति क्विंटल और मॉडल भाव 1,000 रुपये प्रति क्विंटल रहा. वहीं, 12 अप्रैल को इसी मंडी में 45.00 मीट्रिक टन हाइब्रिड टमाटर की आवक हुई. इस दिन न्यूनतम भाव 1,200 रुपये प्रति क्विंटल, अधिकतम 1,800 रुपये प्रति क्विंटल और मॉडल भाव 1,500 रुपये प्रति क्विंटल रहा. जबकि, 13 अप्रैल को कालिकिरी APMC मंडी में 22.50 मीट्रिक टन हाइब्रिड टमाटर की आवक दर्ज की गई. इस दिन टमाटर का न्यूनतम भाव 1,600 रुपये प्रति क्विंटल, अधिकतम 2,400 रुपये प्रति क्विंटल और मॉडल भाव 2,000 रुपये प्रति क्विंटल रहा.
मदनापल्ली APMC मंडी में टमाटर का लेटेस्ट रेट
वहीं, 4 अप्रैल को मदनापल्ली APMC मंडी में 140.00 मीट्रिक टन लोकल टमाटर की आवक दर्ज की गई. इस दिन टमाटर का न्यूनतम भाव 1,100 रुपये प्रति क्विंटल, अधिकतम 1,250 रुपये प्रति क्विंटल और मॉडल भाव 1,200 रुपये प्रति क्विंटल रहा. 10 अप्रैल को 168.00 मीट्रिक टन टमाटर की आवक हुई. इस दिन न्यूनतम भाव 1,300 रुपये प्रति क्विंटल, अधिकतम 1,600 रुपये प्रति क्विंटल और मॉडल भाव 1,500 रुपये प्रति क्विंटल रहा. इसी तरह 14 अप्रैल को इस मंडी में 160.00 मीट्रिक टन टमाटर की आवक दर्ज की गई. इस दिन टमाटर का न्यूनतम भाव 1,300 रुपये प्रति क्विंटल, अधिकतम 1,700 रुपये प्रति क्विंटल और मॉडल भाव 1,550 रुपये प्रति क्विंटल रहा.
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| मंडी | तारीख | आवक (मीट्रिक टन) | न्यूनतम भाव (₹/क्विंटल) | अधिकतम भाव (₹/क्विंटल) | मॉडल भाव (₹/क्विंटल) |
|---|---|---|---|---|---|
| कालिकिरी APMC | 4 अप्रैल | 23.30 | 800 | 1,200 | 1,000 |
| कालिकिरी APMC | 12 अप्रैल | 45.00 | 1,200 | 1,800 | 1,500 |
| कालिकिरी APMC | 13 अप्रैल | 22.50 | 1,600 | 2,400 | 2,000 |
| मदनापल्ली APMC | 10 अप्रैल | 168.00 | 1,300 | 1,600 | 1,500 |
| मदनापल्ली APMC | 14 अप्रैल | 160.00 | 1,300 | 1,700 | 1,550 |
कितने हेक्टेयर में होती है टमाटर की खेती
टमाटर की कीमतों में तेज गिरावट की मुख्य वजह बाजार में जरूरत से ज्यादा उत्पादन है. इस बार मदनपल्ले, अन्नामय्या और आसपास के इलाकों में करीब 18,000 से 22,000 हेक्टेयर जमीन पर टमाटर की खेती की गई है. अच्छी पैदावार के कारण मंडियों में टमाटर की आवक बहुत ज्यादा हो गई है, जो मांग से कहीं अधिक है. इसके साथ ही पश्चिम एशिया में तनाव के कारण खाड़ी देशों को होने वाला निर्यात भी काफी कम हो गया है. शिपिंग में रुकावट, माल भाड़े में बढ़ोतरी और देरी की वजह से टमाटर जैसे ताजे उत्पादों का निर्यात मुश्किल हो गया है. नतीजतन, जो फसल पहले विदेश भेजी जाती थी, वह अब स्थानीय बाजारों में आ रही है, जिससे सप्लाई और बढ़ गई है और दाम और गिर गए हैं.
इस वजह है आ रही टमाटर की कीमतों में गिरावट
व्यापारियों के अनुसार होटल और फूड प्रोसेसिंग यूनिट जैसे बड़े खरीदारों की मांग कम होने से भी टमाटर के दाम गिर गए हैं. इसके साथ ही पर्याप्त कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग सुविधाओं की कमी के कारण किसानों को अपनी फसल तुरंत बेचना पड़ रहा है, जिससे उन्हें अक्सर बहुत कम कीमत मिल रही है. किसानों का कहना है कि मौजूदा दाम उनकी बुनियादी लागत जैसे मजदूरी, ट्रांसपोर्ट और खेती के खर्च तक को पूरा नहीं कर पा रहे हैं. अन्नमय्या जिले के कलिकीरी के किसान शिव शंकर ने ‘द न्यू इंडिन एक्सप्रेस’ से कहा कि उन्होंने 5 एकड़ में टमाटर की खेती की थी. उन्होंने कहा कि इस सीजन में अच्छे मुनाफे की उम्मीद से भारी निवेश किया था, लेकिन अब कीमतें पूरी तरह गिर गई हैं और लागत भी वापस नहीं मिल रही है.