पीएम कृषि धन धान्य योजना से 100 जिलों में बड़ा सुधार, 3 महीने में उत्पादन स्कोर दोगुना पहुंचा

PM-DDKY Boosts 100 Agri Districts in First Year : प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में शामिल 100 जिलों में कृषि उत्पादन, टिकाऊ खेती समेत सभी 6 पैरामीटर्स में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि सुधार को अच्छा संकेत बताया है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 1 Sep, 2026 | 07:20 PM

केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना लागू होने के बाद से कम प्रदर्शन करने वाले 100 कृषि जिलों में फसल की पैदावार और क्रेडिट (ऋण) मिलने की सुविधा जैसे कई पैमानों पर सुधार के संकेत दिख रहे हैं. जिलों के प्रदर्शन को मापने के लिए 6 पैरामीटर सेट किए गए थे, जिनके आकलन से पता चला है कि कृषि पैदावार स्कोर में 3 महीनों में दोगुनी की बढ़त दर्ज की गई है. टिकाऊ खेती का पैरामीटर 5 से बढ़कर 8 स्कोर तक पहुंच गया है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पिछड़े जिलों में तेजी से कृषि सुधार दिख रहा है. यह अच्छे संकेत हैं.

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM-DDKY) को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जुलाई 2025 में मंजूरी दी थी और इसे आधिकारिक तौर पर अक्टूबर 2025 में शुरू किया गया था. इसे 11 मंत्रालयों की 36 केंद्रीय योजनाओं, राज्य की योजनाओं और निजी क्षेत्र की भागीदारी के तालमेल से लागू किया जा रहा है. PM-DDKY डैशबोर्ड के जरिए हर महीने आउटपुट इंडिकेटर्स (उत्पादन संकेतकों) के आधार पर जिलों के प्रदर्शन की रैंकिंग की जाती है. इससे आउटकम इंडिकेटर्स (परिणाम संकेतकों) से शुरुआती स्थिति (बेसलाइन) के मुकाबले प्रगति का आकलन करने में मदद मिलती है.

100 जिलों का स्कोर 3 महीने में 16 अंक के सुधार पर पहुंचा

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के आधिकारिक बयान में कहा गया कि छह उद्देश्यों के आधार पर इन 100 जिलों का औसत स्कोर अप्रैल 2026 में 22.54 से बढ़कर जुलाई 2026 में 38.85 हो गया, जो 16.31 अंकों का सुधार है. इन छह उद्देश्यों में शामिल हैं कृषि उत्पादकता बढ़ाना, फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि तरीकों को बढ़ावा देना, फसल कटाई के बाद भंडारण क्षमता बढ़ाना, सिंचाई के बुनियादी ढांचे में सुधार करना, कम और लंबी अवधि के कृषि ऋण तक बेहतर पहुंच बनाना और गवर्नेंस व सेवा वितरण में सुधार करना.

कृषि मंत्री ने तेज सुधार को अच्छा संकेत बताया

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को PM-DDKY की प्रगति की समीक्षा की. इस योजना का मकसद कम पैदावार, फसल सघनता और कृषि ऋण के आधार पर पहचाने गए 100 जिलों में कृषि विकास को तेज करना है. कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि पिछड़े जिलों में तेजी से कृषि सुधार दिख रहा है. यह अच्छे संकेत हैं. उन्होंने अधिकारियों को सघन निगरानी रखने और सभी पैरामीटर्स के हिसाब से कृषि जरूरतें पहुंचाने के निर्देश दिए हैं.

सभी 6 पैरामीटर्स के स्कोर में तेज सुधार

समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कृषि उत्पादकता का औसत स्कोर अप्रैल में 2.53 से बढ़कर जुलाई में 6.70 हो गया. फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि तरीकों का स्कोर 5.60 से बढ़कर 8.65 हो गया है. फसल कटाई के बाद भंडारण क्षमता का स्कोर 2.61 से बढ़कर 3.82 हो गया. इसी तरह सिंचाई के बुनियादी ढांचे का स्कोर 1.65 से बढ़कर 4.20 हो गया. कृषि ऋण तक पहुंच का स्कोर 2.81 से बढ़कर 5.59 हो गया है. जबकि, गवर्नेंस व सर्विस डिलीवरी 7.94 से बढ़कर 10.33 हो गई है.

6 लाख किसानों को कृषि विकास की ट्रेनिंग दी गई

जनवरी से जुलाई 2026 के दौरान कुल 6,90,530 किसानों और 88,961 एक्सटेंशन वर्करों को अलग-अलग स्किल्स की ट्रेनिंग दी गई. इसके अलावा इस दौरान 2,20,683 किसानों और एक्सटेंशन वर्करों को प्राकृतिक खेती की ट्रेनिंग दी गई. मंत्रालय ने मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क को मज़बूत करने पर जोर दिया, ताकि सिर्फ गतिविधियों और खर्च पर नजर रखने के बजाय, नतीजों और किसानों तक पहुंचने वाले असल फायदों को मापा जा सके.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

लेटेस्ट न्यूज़