Maize Rate: आंध्र प्रदेश में मक्का का होलसेल रेट न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से काफी कम हो गया है. इसके चलते किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. किसानों का कहना है कि रेट में गिरावट आने के चलते वे लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं. इसी बीच मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर मक्का किसानों के लिए तुरंत मदद और आर्थिक सहायता की मांग की है. उन्होंने कहा कि रबी सीजन 2025-26 में आंध्र प्रदेश में मक्का की खेती बढ़कर करीब 4.83 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई और उत्पादन 37.61 लाख मीट्रिक टन हुआ. हालांकि अच्छी पैदावार के बावजूद बाजार में कीमतें एमएसपी से नीचे गिर गई हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है. पैसों की जरूरत के कारण कई किसान मजबूरी में अपनी फसल कम दाम पर बेच रहे हैं, इसलिए सरकार से जल्द दखल देने की मांग की गई है. ऐसे अभी आंध्र प्रदेश की मंडियों में मक्का का रेट MSP से 700 से लेकर 1000 रुपये क्विंटल तक कम है.
मुख्यमंत्री ने तुरंत कार्रवाई करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा. उन्होंने कहा कि ज्यादा उत्पादन और बाजार में कम मांग की वजह से मक्का के दाम गिर गए हैं और जून 2026 तक आवक बढ़ने पर कीमतें और नीचे जा सकती हैं. उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि मक्का के लिए मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) के तहत प्राइस डेफिसिएंसी पेमेंट स्कीम (PDPS) लागू करने की अनुमति दी जाए, जिसे NAFED और AP मार्कफेड मिलकर लागू करें.
मंडियो में मक्का का रेट एमएसपी से काफी कम
अगर आंध्र में पूरे मार्च महीने के दौरान मक्का का रेट एमएसपी से काफी कम रहा. Agmarknet के आंकड़ों के मुताबिक, कुरनूल एपीएमसी में 2 मार्च को 18.40 मीट्रिक टन स्थानीय किस्म के मक्का की आवक हुई. इस दिन इसकी कीमत 1,239 से 1,639 रुपये प्रति क्विंटल रही, जबकि मोडल प्राइस 1,639 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया. जबकि, 24 दिन बाद यानी 26 मार्च को इसी कुरनूल एपीएमसी में 5.40 मीट्रिक टन स्थानीय किस्म के मक्का की आवक दर्ज की गई. इस दिन मक्का कीमत 1,309 से 1,729 रुपये प्रति क्विंटल रही, जबकि मोडल प्राइस 1,439 रुपये प्रति क्विंटल रहा. ऐसे विपणन वर्ष 2025-26 के लिए मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,400 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है. यानी आंध्र प्रदेश के किसान एमएसपी से 700 से लेकर 1000 रुपये क्विंटल तक कम रेट पर उपज बेच रहे हैं.
आंध्र प्रदेश में मार्च महीने के दौरान मक्का का रेट (सोर्स-Agmarknet )
| तारीख | मंडी का नाम | आवक (मीट्रिक टन) | न्यूनतम कीमत (रु./क्विंटल) | अधिकतम कीमत (रु./क्विंटल) | मोडल प्राइस (रु./क्विंटल) | MSP (रु./क्विंटल) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 02/03/2026 | कुरनूल एपीएमसी | 18.40 | 1,239 | 1,639 | 1,6391-6 | 2,400 |
| 26/03/2026 | कुरनूल एपीएमसी | 5.40 | 1,309 | 1,729 | 1,439 | 2,400 |
| 25/03/2026 | कुरनूल एपीएमसी | 12.70 | 1,509 | 1,680 | 1,680 | 2,400 |
| 04/03/2026 | येम्मिगनूर एपीएमसी | 0.90 | 1,300 | 1,340 | 1,300 | 2,400 |
| 25/03/2026 | येम्मिगनूर एपीएमसी | 0.15 | 1,351 | 1,351 | 1,351 | 2,400 |
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से खास तौर पर आग्रह किया कि आंध्र प्रदेश को इस योजना में विशेष मामला मानते हुए पूरा खर्च (100 फीसदी) केंद्र ही उठाए, जबकि अभी यह खर्च 50:50 के अनुपात में बांटा जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि योजना का दायरा बढ़ाकर मक्का उत्पादन के सिर्फ 25 फीसदी से बढ़ाकर 100 फीसदी तक किया जाए, ताकि सभी प्रभावित किसानों को इसका लाभ मिल सके.
पूरे सीजन किसानों को राहत मिले
इसके अलावा, उन्होंने अनुरोध किया कि यह योजना जून 2026 तक जारी रखी जाए, ताकि पूरे सीजन में किसानों को राहत मिल सके. उन्होंने कहा कि इससे किसानों को एमएसपी और बाजार भाव के अंतर की भरपाई मिल सकेगी और उन्हें मजबूरी में कम दाम पर फसल बेचने से बचाया जा सकेगा. मुख्यमंत्री ने किसानों के हितों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए केंद्र सरकार से इस प्रस्ताव को तुरंत मंजूरी देने की अपील की. उन्होंने कहा कि समय पर मदद मिलने से राज्य के लाखों मक्का किसानों को बड़ी राहत मिलेगी.