जायद सीजन की फसलों में किसानों ने दलहन और तिलहन की बुवाई में रुचि दिखाई है. इसके साथ ही मोटे अनाज की फसलों की बुवाई में भी बढ़त दर्ज की गई है. मूंग और उड़द दाल की खेती किसानों ने खूब की है. हालांकि, धान की बुवाई के क्षेत्रफल में गिरावट देखी गई है. हालांकि, कुल जायद फसलों के रकबे में बीते साल की तुलना में उछाल देखा गया है.
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने ग्रीष्मकालीन फसलों (जायद सीजन) के तहत 10 अप्रैल तक के राष्ट्रीय एरिया कवरेज का आंकड़ा जारी किया है. आंकड़ों के अनुसार दलहन, तिलहन और मोटे अनाज की फसलों की बुवाई के क्षेत्रफल में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है और कुल गर्मियों की फसलों का रकबा 63.33 लाख हेक्टेयर के पार पहुंच गया है, जो बीते साल की तुलना में 77 हजार हेक्टेयर अधिक है.
धान बुवाई से पीछे हटे किसान, रकबा घटा
गर्मियों में धान की बुवाई पर ज्यादातर राज्यों में रोक रहती है. इसके चलते इस जायद सीजन में धान की बुवाई के रकबे में गिरावट दर्ज की गई है. आंकड़ों के अनुसार धान का कुल बुवाई क्षेत्रफल 32.30 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो बीते साल की तुलना में 1.72 लाख हेक्टेयर कम है. माना जा रहा है कि इस बार सिंचाई के लिए पानी की सटीक उपलब्धता नहीं होने और कई इलाकों में गर्मियों में धान की बुवाई पर रोक की वजह से धान का क्षेत्रफल घटा है.
किसानों को भा गई मूंग-उड़द की खेती
दलहन फसलों के रकबे में बीते साल की तुलना में 83 हजार हेक्टेयर की बढ़त देखी गई है और कुल रकबा 10.71 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है. सबसे ज्यादा मूंग दाल यानी ग्रीनग्राम की बुवाई 8.15 लाख हेक्टेयर में की गई है, जो बीते साल की 33 हजार हेक्टेयर अधिक है. इसी तरह ब्लैकग्राम यानी उड़द दाल की बुवाई का क्षेत्रफल 40 हजार हेक्टेयर बढ़कर 2.38 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है. अन्य दालों की बुवाई में भी 11 हजार हेक्टेयर की बढ़त दर्ज की गई है.
तिलहन फसलों में मूंगफली की सबसे ज्यादा बुवाई
तिलहन फसलों का रकबा 69 हजार हेक्टेयर की बढ़त के साथ 7.62 लाख हेक्टेयर हो गया है. मूंगफली का बुवाई क्षेत्रफल 57 हजार हेक्टेयर बढ़त के साथ 4.20 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है. वहीं, सूरजमुखी की बुवाई में 3 हजार हेक्टेयर की बढ़त दर्ज की गई है और इसका रकबा 35 हजार हेक्टेयर हो गया है. जबकि, तिल की बुवाई में 10 हजार हेक्टेयर की बढ़त दर्ज की गई है और इसका रकबा 3 लाख हेक्टेयर के पार हो गया है.
मोटे अनाज में बाजरा का रकबा बढ़ा
मोटे अनाज का कुल रकबा 97 हजार हेक्टेयर बढ़कर 12.70 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है. इसमें से ज्वार का रकबा 36 हजार हेक्टेयर हो गया है और बाजारा का रकबा 4.30 लाख हेक्टेयर को पार गया है. इसी तरह रागी का रकबा 5 हजार हेक्टयर की बढ़त के साथ 16 हजार हेक्टेयर हो गया है. छोटे बाजरा की बुवाई भी इस बार 3 हजार हेक्टेयर में किसानों ने की है.