रबी फसलों की बुवाई का रिकॉर्ड टूटा, गेहूं का रकबा बढ़ा.. मोटे अनाज की खेती से किसानों ने बनाई दूरी
किसानों ने बीते सीजन की तुलना में इस रबी सीजन में 652 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में फसलों की बुवाई की है, जो नया रिकॉर्ड है. मोटे अनाज वाली फसलों का रकबा बीते रबी सीजन की तुलना में घट गया है. हालांकि, दलहन फसलों की किसानों ने जमकर बुवाई की है.
Rabi sowing 2026: देश के किसानों ने रबी फसलों की बुवाई का नया रिकॉर्ड बना दिया है. बीते सीजन की तुलना में इस रबी सीजन में किसानों ने 652 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में फसलों की बुवाई की है, जो बीते रबी सीजन की तुलना में रिकॉर्ड 20 लाख हेक्टेयर अधिक है. सबसे ज्यादा खेती गेहूं की गई है. लेकिन, मोटे अनाज वाली फसलों का रकबा बीते रबी सीजन की तुलना में घट गया है. हालांकि, दलहन मिशन के चलते किसानों ने दालों की जमकर बुवाई की है.
रबी फसलों की बुवाई 652 लाख हेक्टेयर में
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने रबी सीजन की फसलों की अब तक हुई बुवाई क्षेत्रफल आंकड़े जारी कर दिए हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार 16 जनवरी तक देश में रबी फसलों की कुल बुवाई 652.33 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है. यह रकबा पिछले साल की इसी अवधि के 631.45 लाख हेक्टेयर की तुलना में करीब 20 लाख हेक्टेयर ज्यादा है.
गेहूं बुवाई रकबा बीते साल से नए रिकॉर्ड पर
सबसे ज्यादा गेहूं का रकबा दर्ज किया गया है. गेहूं की बुवाई में किसान ने दिलचस्पी दिखाई है. रबी की सबसे अहम फसल गेहूं की बुवाई अब लगभग पूरी मानी जा रही है. इस बार गेहूं का कुल रकबा 344.17 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो बीते साल की समान अवधि में 328.04 लाख हेक्टेयर की तुलना में 24 लाख हेक्टेयर अधिक है. पिछले सीजन में अधिक बुवाई के चलते पर रिकॉर्ड 117.94 मिलियन टन गेहूं का उत्पादन हुआ था. इस बार रकबा उससे भी ज्यादा है, जिस वजह से गेहूं का उत्पादन नए रिकॉर्ड पर पहुंचने की उम्मीद है.
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दलहन तिलहन फसलों का उत्पादन बढ़ेगा
केंद्र सरकार की दलहन और तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए शुरू किए गए मिशन को सफलता मिलती दिख रही है. क्योंकि, दोनों तरह की फसलों का रकबा बीते सीजन की तुलना काफी ज्यादा बढ़ा है. दालों की बात करें तो कुल रकबा 137 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है, जो बीते साल के 133.18 लाख हेक्टेयर से लगभग 4 लाख हेक्टेयर अधिक है. सबसे ज्यादा चना और मसूर की खेती किसानों ने की है और इनके रकबे में भी बढ़त दर्ज की गई है. वहीं, तिलहन फसलों का कुल रकबा बढ़कर 3 लाख हेक्टेयर बढ़कर 96.86 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है. सबसे ज्यादा सरसों की बुवाई किसानों ने की है और सूरजमुखी के साथ ही मूंगफली का बुवाई क्षेत्रफल भी बढ़ा है.
श्रीअन्न फसलों का रकबा घटा, धान की बुवाई बढ़ी
मोटे अनाज में मक्का की बुवाई 27.55 लाख हेक्टेयर में की गई है जो बीते सीजन 25.05 लाख हेक्टेयर की तुलना में करीब 2 लाख हेक्टेयर ज्यादा है. जौ की बुवाई पूरी हो चुकी है और इसका रकबा 7.37 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो पिछले साल 6.08 लाख हेक्टेयर था. यह सामान्य रकबे से 5.63 लाख हेक्टेयर से भी करीब 21 प्रतिशत ज्यादा है. इसी तरह रबी ज्वार की बुवाई में इस बार थोड़ी कमी देखने को मिली है. रकबा 22.54 लाख हेक्टेयर रहा, जबकि पिछले साल यह 23.85लाख हेक्टेयर था, यानी करीब 5.7 प्रतिशत की गिरावट. इसी तरह रबी सीजन में धान की बुवाई 25.58 लाख हेक्टेयर में की गई है जो बीते साल 20.98 लाख हेक्टेयर में की गई थी, इस हिसाब से धान का रकबा करीब 5 लाख हेक्टेयर बढ़ गया है.