फूलों की फसल बचानी है तो गर्मी में कीटों से रहें सावधान, ये आसान उपाय देंगे तगड़ा फायदा
गर्मी के मौसम में फूलों की खेती पर कीटों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है. तेज धूप और सूखे मौसम में पौधे कमजोर पड़ते हैं, जिससे कीट जल्दी हमला करते हैं. समय पर नीम तेल, घरेलू जैविक घोल और नियमित निगरानी से फसल को सुरक्षित रखकर उत्पादन और गुणवत्ता बेहतर बनाए रखी जा सकती है.
Flower Farming: गर्मी का मौसम फूलों की खेती के लिए अच्छा माना जाता है, क्योंकि इस समय कई फूलों की फसल तेजी से बढ़ती है और बाजार में उनकी मांग भी बनी रहती है. लेकिन यही मौसम किसानों के लिए बड़ी परेशानी भी लेकर आता है. तेज धूप, सूखी हवा और कम नमी की वजह से पौधे कमजोर पड़ जाते हैं, जिससे कीट बहुत तेजी से हमला करते हैं. उद्यान विभाग छत्तीसगढ़ के कृषि वैज्ञानिक एफ.आर. कोसरिया के अनुसार, अगर किसान समय रहते आसान और सस्ते उपाय अपना लें, तो फूलों की फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है.
गर्मी में कौन से कीट सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
एफ.आर. कोसरिया के अनुसार गर्मी के दिनों में फूलों की फसलों पर एफिड, सफेद मक्खी, थ्रिप्स और स्पाइडर माइट सबसे ज्यादा सक्रिय रहते हैं. ये छोटे कीट पत्तियों, नई टहनियों और कलियों का रस चूसते हैं. इससे पौधे धीरे-धीरे कमजोर होने लगते हैं. शुरुआत में पत्तियां मुड़ने लगती हैं, रंग हल्का पड़ जाता है और कलियां सही तरीके से नहीं खिल पातीं. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो फूलों की संख्या कम हो जाती है और उनकी गुणवत्ता भी खराब होती है. कई बार पौधे सूखने तक लगते हैं, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.
जैविक और घरेलू उपाय सबसे ज्यादा फायदेमंद
कृषि वैज्ञानिक एफ.आर. कोसरिया बताते हैं कि कीट दिखते ही सबसे पहले नीम तेल का स्प्रे करना चाहिए. नीम का घोल कीटों को तेजी से नियंत्रित करता है और पौधों को नुकसान भी नहीं पहुंचाता. इसके अलावा लहसुन और हरी मिर्च का घरेलू घोल भी काफी असरदार माना जाता है. गोमूत्र आधारित जैविक कीटनाशक का छिड़काव भी फूलों की खेती में अच्छा परिणाम देता है. इससे कीट कम होते हैं और पौधे स्वस्थ बने रहते हैं. जैविक उपाय सस्ते होते हैं, इसलिए छोटे किसान भी आसानी से इन्हें अपना सकते हैं. साथ ही इससे मिट्टी और फूलों की गुणवत्ता भी बनी रहती है.
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खेत की निगरानी और सिंचाई पर रखें ध्यान
गर्मी में सिर्फ दवा छिड़कना ही काफी नहीं होता, खेत की नियमित निगरानी भी जरूरी है. हर दिन पौधों की पत्तियों और कलियों को ध्यान से देखें. अगर कहीं कीट नजर आएं तो तुरंत उस हिस्से पर स्प्रे करें. एफ.आर. कोसरिया के अनुसार संतुलित सिंचाई भी बहुत जरूरी है. ज्यादा सूखापन पौधों को कमजोर करता है, जबकि जरूरत से ज्यादा पानी जड़ों को खराब कर सकता है. इसलिए हल्की और समय पर सिंचाई करें, ताकि पौधों में नमी बनी रहे. पौधों के बीच सही दूरी रखने से हवा का प्रवाह अच्छा रहता है और कीटों का असर कम होता है.
समय पर सावधानी से बच सकती है पूरी फसल
फूलों की खेती में कीटों का हमला बहुत तेजी से फैलता है. एक बार अगर यह बढ़ गया तो पूरी फसल प्रभावित हो सकती है. इसलिए शुरुआती लक्षण दिखते ही तुरंत उपाय करना सबसे जरूरी है. उद्यान विभाग छत्तीसगढ़ के कृषि वैज्ञानिक एफ.आर. कोसरिया के अनुसार, किसान अगर नीम तेल, घरेलू जैविक घोल, संतुलित सिंचाई और नियमित निगरानी जैसे आसान उपाय अपनाएं, तो गर्मी में भी फूलों की फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है. थोड़ी सी सतर्कता और सही समय पर देखभाल से उत्पादन अच्छा रहेगा, फूलों की क्वालिटी बेहतर होगी और बाजार में किसानों को ज्यादा फायदा मिलेगा.